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Sirmour News: एनएच-707 पर जर्जर गिरिपुल हादसों को दे रहा दावत
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सतौन में खस्ताहाल गिरिपुल। संवाद
सचित्र--
संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। पांवटा और शिलाई विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाली जीवनरेखा, राष्ट्रीय राजमार्ग-707 (बद्रीपुर-गुम्मा) पर स्थित गिरि नदी का पुल इन दिनों बेहद जर्जर हालत में है। पुल के दोनों छोर की प्लेटें टूटने से यह वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि 1400 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस एनएच पर स्थित इस महत्वपूर्ण पुल की सुध लेने वाला कोई नहीं है और मरम्मत को लेकर एनएच व लोक निर्माण विभाग पल्ला झाड़ रहे हैं।
रोजाना सैकड़ों वाहनों की आवाजाही वाले इस पुल के दोनों छोरों पर लगी प्लेटें टूट चुकी हैं, जिसके कारण यहां तीखे मोड़ और गहरे गड्ढे बन गए हैं। विभाग ने महज चेतावनी के निशान लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी है। पुल के बीच में भी प्लेटें टूटने के कारण मुसाफिरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इससे पहले भी कई बार एनएच विभाग ने पुल की मरम्मत की है, लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है। अब तक मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इससे पुल की हालत अब एक तरफ जहां सड़क एनएच के अधीन है, वहीं पुल की जिम्मेदारी को लेकर पेच फंसा है। एनएच विभाग का मानना है कि उन्होंने अभी तक इस पुल को अपने अधीन नहीं लिया है, जबकि लोक निर्माण विभाग का कहना है कि सड़क एनएच के तहत है, तो पुल भी वही देखेगा।
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एनएच विभाग के सहायक अभियंता मनीष का कहना है कि इस पुल को एनएच विभाग ने अपने अधीन नहीं लिया है। पुल का स्थायी समाधान ढूंढा जा रहा है। स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग के मैकेनिकल विंग से बातचीत चल रही है।
-- -संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। पांवटा और शिलाई विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाली जीवनरेखा, राष्ट्रीय राजमार्ग-707 (बद्रीपुर-गुम्मा) पर स्थित गिरि नदी का पुल इन दिनों बेहद जर्जर हालत में है। पुल के दोनों छोर की प्लेटें टूटने से यह वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि 1400 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस एनएच पर स्थित इस महत्वपूर्ण पुल की सुध लेने वाला कोई नहीं है और मरम्मत को लेकर एनएच व लोक निर्माण विभाग पल्ला झाड़ रहे हैं।
रोजाना सैकड़ों वाहनों की आवाजाही वाले इस पुल के दोनों छोरों पर लगी प्लेटें टूट चुकी हैं, जिसके कारण यहां तीखे मोड़ और गहरे गड्ढे बन गए हैं। विभाग ने महज चेतावनी के निशान लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी है। पुल के बीच में भी प्लेटें टूटने के कारण मुसाफिरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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इससे पहले भी कई बार एनएच विभाग ने पुल की मरम्मत की है, लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है। अब तक मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इससे पुल की हालत अब एक तरफ जहां सड़क एनएच के अधीन है, वहीं पुल की जिम्मेदारी को लेकर पेच फंसा है। एनएच विभाग का मानना है कि उन्होंने अभी तक इस पुल को अपने अधीन नहीं लिया है, जबकि लोक निर्माण विभाग का कहना है कि सड़क एनएच के तहत है, तो पुल भी वही देखेगा।
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एनएच विभाग के सहायक अभियंता मनीष का कहना है कि इस पुल को एनएच विभाग ने अपने अधीन नहीं लिया है। पुल का स्थायी समाधान ढूंढा जा रहा है। स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग के मैकेनिकल विंग से बातचीत चल रही है।