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दशहरा पर्व : गोरखा समुदाय में शुरू खातिरदारी का दौर, पांच दिन चलेगा उत्सव

Tue, 24 Oct 2023 11:01 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Oct 2023 11:01 PM IST
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five days dushera utsav begin in kent area nahan
नाहन के छावनी क्षेत्र में दशहरा पर्व पर एकसाथ एकत्रित हुए गोरखा समुदाय के परिवार के लोग। संवाद
सचित्र...
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दशहरा पर्व : गोरखा समुदाय में शुरू हुआ खातिरदारी का दौर, पांच दिन चलेगा उत्सव

गोरखा समुदाय के लिए हैं अहम त्योहार, अपनों के मिलन का प्रतीक बना पर्व

संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन (सिरमौर)। देशभर में विजय दशमी यानी दशहरा पर्व की धूम रही। जिला सिरमौर में भी ये पर्व पूरी श्रद्घा और उल्लास के साथ मनाया गया।

इस बीच नाहन शहर के कैंट क्षेत्र (छावनी) में शुरू हुआ दशहरा पर्व अगले पांच दिन तक चलेगा। इस क्षेत्र में रह रहे गोरखा समुदाय के लिए ये पर्व खास अहमियत रखता है।

दरअसल, रिसायतकाल से यहां बसे गोरखा समुदाय के लिए ये त्योहार दीपावली से कम नहीं है। पांच दिन तक चलने वाले इस पर्व के दौरान मेहमाननवाजी का दौर शुरू हो गया है। खासकर ससुराल पक्ष की ओर से अपने जमाइयों को घर पर आमंत्रित किया जाता है, जहां इन दिनों उनकी खूब खातिरदारी होती है।
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इस पर्व पर गोरखा समुदाय के परिवारों के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति अपने परिजनों व रिश्तेदारों के माथे पर दही व चावल मिश्रित टीका लगाते हैं। मान्यता है कि बड़े बुजुर्गों द्वारा टीका लगाने की परंपरा आने वाली पीढ़ी को रिश्तों के सम्मान और आपसी मेलजोल को कायम रखने का संदेश देती है।
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इस पर्व को लेकर पहले नवरात्र पर बीजी गई खेत्री (जौ) को मंगलकामनाओं के साथ पुरुषों के कान पर रखा गया। महिलाओं ने खेत्री को अपने बालों में लगाया। पांचवें दिन खेत्री को जलप्रवाह करने के साथ ही पर्व संपन्न होगा।

गोरखा समुदाय में पांच दिन तक चलने वाला दशहरा इसलिए भी खास है, क्योंकि साल भर इंतजार के बाद परिवार व रिश्तेदार एक-दूसरे को अपने घर आने का निमंत्रण देते हैं, जिसमें कुटुंब के छोटे और बड़ों का मिलन होता है।


गोरखा समुदाय से संबंध रखने वाले अनिल कुमार और निर्मला देवी ने बताया कि त्रेता युग से ये परंपरा गोरखा लोगों में चली आ रही है। तभी से हिंदू समाज के अभिन्न अंग गोरखा समुदाय के लिए विजय दशमी का त्योहार विशेष महत्व रखता है। ये उत्सव पांच दिन चलेगा।
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