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Sirmour News: सुरला में किसानों को रसायनों के प्रयोग के दुष्प्रभाव बताए
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प्राकृतिक खेती और जैविक विकल्प अपनाने का आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के तहत जिला सिरमौर की ओर से चलाए जा रहे खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत वीरवार को सुरला में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के खंड तकनीकी प्रबंधक, नाहन ने लोगों को रासायनिक खादों के अत्यधिक प्रयोग के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि खेती में रसायनों का बढ़ता प्रयोग न केवल भूमि की उर्वरता को प्रभावित कर रहा है, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेतों में इस्तेमाल होने वाले रसायन धीरे-धीरे मिट्टी के माध्यम से प्राकृतिक जल स्रोतों तक पहुंच रहे हैं, जिससे पेयजल भी प्रदूषित हो रहा है। ऐसे दूषित पानी के सेवन से लोगों में विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती और जैविक विकल्प अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे खेती की लागत कम होने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती से जुड़े चार किसानों की ई-केवाईसी भी की गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के तहत जिला सिरमौर की ओर से चलाए जा रहे खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत वीरवार को सुरला में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के खंड तकनीकी प्रबंधक, नाहन ने लोगों को रासायनिक खादों के अत्यधिक प्रयोग के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि खेती में रसायनों का बढ़ता प्रयोग न केवल भूमि की उर्वरता को प्रभावित कर रहा है, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेतों में इस्तेमाल होने वाले रसायन धीरे-धीरे मिट्टी के माध्यम से प्राकृतिक जल स्रोतों तक पहुंच रहे हैं, जिससे पेयजल भी प्रदूषित हो रहा है। ऐसे दूषित पानी के सेवन से लोगों में विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
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उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती और जैविक विकल्प अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे खेती की लागत कम होने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती से जुड़े चार किसानों की ई-केवाईसी भी की गई।
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