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Sirmour News: अब फसलें नहीं रहेंगी सूखी, प्रधानमंत्री कुसुम योजना बदल रही किसानों की तकदीर
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सोलर उठाऊ सिंचाई योजना से उगाई लहसुन की फसल। संवाद
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सचित्र
अब फसलें नहीं रहेंगी सूखी, प्रधानमंत्री कुसुम योजना बदल रही किसानों की तकदीर
राजगढ़ उपमंडल में योजना कामयाब, किसान ने खड्ड से खेतों में पहुंचाया पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। किसानों को अब खेती के लिए बारिश का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए न तो बिजली का बिल किसानों को देना पड़ेगा और न ही पानी का बिल आएगा।
ये तभी संभव होगा जब किसान प्रधानमंत्री कुसुम योजना का लाभ उठाएंगे। ये योजना जिला सिरमौर के राजगढ़ उपमंडल के छोगटाली में कामयाब हो चुकी है। व्यक्तिगत सोलर उठाऊ सिंचाई योजना से किसान जयप्रकाश ने दूरदराज की खड्ड का पानी अपने खेतों तक पहुंचा दिया है। इससे न केवल खेतों को आवश्यकतानुसार पानी मिल रहा है, बल्कि फसलों का उत्पादन भी काफी बढ़ गया है।
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (प्रधानमंत्री कुसुम योजना) के अंतर्गत लाभार्थी जयप्रकाश पुत्र दुर्गादत्त गांव झांगन (छोगटाली) की दो हेक्टेयर भूमि के लिए केंद्र सरकार की ओर से 2021-22 के लिए 4,51,608 रुपये के अनुमानित बजट को स्वीकृति मिली थी। योजना के तहत सरकार ने 3,83,867 रुपये की आर्थिक सहायता दी। जबकि 67,741 रुपये की राशि लाभार्थी ने खर्च की।
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कृषि विभाग के कार्यालय भू-संरक्षण अधिकारी राजगढ़ के माध्यम से इस योजना का किसान को लाभ मिला। जयप्रकाश ने इसके लिए कार्यालय में सारे कागजात जमा कराए। 27 जुलाई 2021 को योजना को स्वीकृति मिली और 13 सितंबर 2021 योजना का कार्य पूरा हो गया।
जयप्रकाश ने बताया कि इस योजना के निर्माण से पहले वह पानी की समस्या से जूझ रहा था। सिंचाई के लिए पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं था। गर्मियों में ऊपरी नालों में पानी न होने के कारण खेत सूख जाते थे। निचले नालों में पर्याप्त पानी तो था लेकिन खेतों तक पहुंचाना चुनौती पूर्ण था। वहां पानी उठाने के लिए बिजली की कोई व्यवस्था भी नहीं थी।
सोलर उठाऊ सिंचाई योजना तैयार होने के बाद अब पानी का प्रयोग लगातार आवश्यकता के अनुसार सिंचाई के लिए हो रहा है, जिससे 12 महीने सभी नकदी फसलों का उत्पादन हो रहा है और पहले से दोगुना लाभ मिल रहा है। पहले केवल मक्की, गेहूं व आलू की फसलें लगाई जाती थी जो बहुत कम मात्रा में पैदा होती थी। अब टमाटर, अदरक, गोभी, लहसुन, मटर व बीन इत्यादि का उत्पादन बड़े स्तर पर किया जा रहा है। इससे आर्थिकी में भी काफी सुधार हुआ है।
कृषि उपनिदेशक सिरमौर डाॅ. राजेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना जिले में कामयाब हुई है। इस योजना में किसान को 80 फीसदी का अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोलर सिंचाई योजना से फसलों का भी उत्पादन काफी बढ़ गया है। किसान की आर्थिकी में भी काफी सुधार आया है। सभी किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
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अब फसलें नहीं रहेंगी सूखी, प्रधानमंत्री कुसुम योजना बदल रही किसानों की तकदीर
राजगढ़ उपमंडल में योजना कामयाब, किसान ने खड्ड से खेतों में पहुंचाया पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। किसानों को अब खेती के लिए बारिश का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए न तो बिजली का बिल किसानों को देना पड़ेगा और न ही पानी का बिल आएगा।
ये तभी संभव होगा जब किसान प्रधानमंत्री कुसुम योजना का लाभ उठाएंगे। ये योजना जिला सिरमौर के राजगढ़ उपमंडल के छोगटाली में कामयाब हो चुकी है। व्यक्तिगत सोलर उठाऊ सिंचाई योजना से किसान जयप्रकाश ने दूरदराज की खड्ड का पानी अपने खेतों तक पहुंचा दिया है। इससे न केवल खेतों को आवश्यकतानुसार पानी मिल रहा है, बल्कि फसलों का उत्पादन भी काफी बढ़ गया है।
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प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (प्रधानमंत्री कुसुम योजना) के अंतर्गत लाभार्थी जयप्रकाश पुत्र दुर्गादत्त गांव झांगन (छोगटाली) की दो हेक्टेयर भूमि के लिए केंद्र सरकार की ओर से 2021-22 के लिए 4,51,608 रुपये के अनुमानित बजट को स्वीकृति मिली थी। योजना के तहत सरकार ने 3,83,867 रुपये की आर्थिक सहायता दी। जबकि 67,741 रुपये की राशि लाभार्थी ने खर्च की।
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कृषि विभाग के कार्यालय भू-संरक्षण अधिकारी राजगढ़ के माध्यम से इस योजना का किसान को लाभ मिला। जयप्रकाश ने इसके लिए कार्यालय में सारे कागजात जमा कराए। 27 जुलाई 2021 को योजना को स्वीकृति मिली और 13 सितंबर 2021 योजना का कार्य पूरा हो गया।
जयप्रकाश ने बताया कि इस योजना के निर्माण से पहले वह पानी की समस्या से जूझ रहा था। सिंचाई के लिए पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं था। गर्मियों में ऊपरी नालों में पानी न होने के कारण खेत सूख जाते थे। निचले नालों में पर्याप्त पानी तो था लेकिन खेतों तक पहुंचाना चुनौती पूर्ण था। वहां पानी उठाने के लिए बिजली की कोई व्यवस्था भी नहीं थी।
सोलर उठाऊ सिंचाई योजना तैयार होने के बाद अब पानी का प्रयोग लगातार आवश्यकता के अनुसार सिंचाई के लिए हो रहा है, जिससे 12 महीने सभी नकदी फसलों का उत्पादन हो रहा है और पहले से दोगुना लाभ मिल रहा है। पहले केवल मक्की, गेहूं व आलू की फसलें लगाई जाती थी जो बहुत कम मात्रा में पैदा होती थी। अब टमाटर, अदरक, गोभी, लहसुन, मटर व बीन इत्यादि का उत्पादन बड़े स्तर पर किया जा रहा है। इससे आर्थिकी में भी काफी सुधार हुआ है।
कृषि उपनिदेशक सिरमौर डाॅ. राजेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना जिले में कामयाब हुई है। इस योजना में किसान को 80 फीसदी का अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोलर सिंचाई योजना से फसलों का भी उत्पादन काफी बढ़ गया है। किसान की आर्थिकी में भी काफी सुधार आया है। सभी किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

सोलर उठाऊ सिंचाई योजना से उगाई लहसुन की फसल। संवाद

सोलर उठाऊ सिंचाई योजना से उगाई लहसुन की फसल। संवाद

सोलर उठाऊ सिंचाई योजना से उगाई लहसुन की फसल। संवाद

सोलर उठाऊ सिंचाई योजना से उगाई लहसुन की फसल। संवाद

सोलर उठाऊ सिंचाई योजना से उगाई लहसुन की फसल। संवाद