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Sirmour News: संतुलित और पौष्टिक आहार का महत्व बताया
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कार्यशाला में लिया भाग
पांच घटकों पर काम कर बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य में सुधार पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। पोषण माह के तहत बाल विकास विभाग की ओर से नाहन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें 70 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यशाला में आंगनबाड़ी केंद्र हमारी जिम्मेदारी अभियान के तहत पांच प्रमुख घटकों पर काम करने की जानकारी दी गई। आहार विविधता, गर्म भोजन, सामुदायिक भागीदारी और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना समेत पोषण से जुड़े विभिन्न विषयों पर कार्यकर्ताओं को जागरूक किया गया।
डॉ. ममता जैन ने संतुलित और पौष्टिक आहार का महत्व बताते हुए भोजन में विविधता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर के लिए आहार में सभी जरूरी पोषक तत्वों का संतुलित मात्रा में होना आवश्यक है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए पौष्टिक एवं संतुलित आहार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बाल विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी पवन कुमार ने कहा कि पोषण माह का उद्देश्य लोगों को संतुलित आहार और बेहतर पोषण के प्रति जागरूक करना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर बच्चों और महिलाओं से सीधे जुड़ी हैं। ऐसे में पोषण संबंधी संदेश को घर-घर तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पोषण माह के दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को पौष्टिक भोजन और आहार में विविधता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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पांच घटकों पर काम कर बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य में सुधार पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। पोषण माह के तहत बाल विकास विभाग की ओर से नाहन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें 70 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यशाला में आंगनबाड़ी केंद्र हमारी जिम्मेदारी अभियान के तहत पांच प्रमुख घटकों पर काम करने की जानकारी दी गई। आहार विविधता, गर्म भोजन, सामुदायिक भागीदारी और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना समेत पोषण से जुड़े विभिन्न विषयों पर कार्यकर्ताओं को जागरूक किया गया।
डॉ. ममता जैन ने संतुलित और पौष्टिक आहार का महत्व बताते हुए भोजन में विविधता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर के लिए आहार में सभी जरूरी पोषक तत्वों का संतुलित मात्रा में होना आवश्यक है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए पौष्टिक एवं संतुलित आहार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
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बाल विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी पवन कुमार ने कहा कि पोषण माह का उद्देश्य लोगों को संतुलित आहार और बेहतर पोषण के प्रति जागरूक करना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर बच्चों और महिलाओं से सीधे जुड़ी हैं। ऐसे में पोषण संबंधी संदेश को घर-घर तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पोषण माह के दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को पौष्टिक भोजन और आहार में विविधता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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