{"_id":"62cdb3354cf3a25cdb024cf4","slug":"eternate-facility-in-kalaambh-sre-poor-students-and-others-people-facing-problem-nahan-news-sml4150335199","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंटरनेट सेवाओं की बेहाली विद्यार्थियों के भविष्य पर भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंटरनेट सेवाओं की बेहाली विद्यार्थियों के भविष्य पर भारी
विज्ञापन
फाइल 10 मोहित कुमार।
- फोटो : NAHAN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र और इसके आसपास के क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं की बेहाली से तकनीकी और पेशेवर शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों को भारी दिक्कतें पेश आ रही हैं। बदहाल, इंटरनेट सेवाओं के कारण विभिन्न तकनीकी और पेशेवर कोर्सों में भविष्य संवारने की चाह रखने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
बताया जा रहा है कि पाठ्य पुस्तकों के दाम बढ़ने से महंगी किताबें खरीदने में असमर्थ अधिकांश विद्यार्थी इंटरनेट पर निर्भर हैं लेकिन निजी सेल्युलर कंपनियों की इंटरनेट सेवाएं लंबे अरसे से बदहाल चल रही हैं। विद्यार्थियों के समक्ष सबसे बड़ी समस्या इस बात की भी है कि इन निजी सेल्युलर कंपनियों के जिला या खंड स्तर पर शिकायत निवारण कक्ष ही नहीं खुले हुए हैं, जहां शिकायत दर्ज कराई जा सके।
वार्षिक परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं। ऐसे में विद्यार्थी असमंजस की स्थिति में हैं कि न तो किताबें खरीदने का सामर्थ्य है और न ही इंटरनेट सेवाएं दुरुस्त हैं। ऐसे में पढ़ाई करना चुनौती बन गया है।
विज्ञापन
होटल मैनेजमेंट कोर्स कर रहे विद्यार्थी अभिजीत सिंह ने बताया कि इंटरनेट सेवाएं सुचारु न होने से पढ़ाई बाधित हो रही है। किसी जरूरी पाठ्य सामग्री को ढूंढने के लिए घंटों समय लग जाता है। इंटरनेट की स्पीड नाममात्र ही होती है।
बीएससी नर्सिंग की छात्रा दीपांशु और सपना ने बताया कि एक ओर पाठ्य पुस्तकों के बढ़े हुए दाम और दूसरी ओर बदहाल इंटरनेट सेवाओं के कारण पढ़ाई में दिक्कतें पेश आ रही हैं। सेल्युलर कंपनियों के कालाअंब मोगीनंद क्षेत्र में बेहतर 4जी इंटरनेट के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
बीएससी और बीबीए के छात्रों में संदीप और मोहित ने बताया कि वार्षिक परीक्षा का समय है और अधिकतर छात्र गूगल की शैक्षणिक वेबसाइटों पर पाठ्यसामग्री के लिए इंटरनेट पर निर्भर हैं। इंटरनेट व्यवस्था सुचारु नहीं मिलने से परेशानी बढ़ रही है। कस्टमर केयर में बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि पाठ्य पुस्तकों के दाम बढ़ने से महंगी किताबें खरीदने में असमर्थ अधिकांश विद्यार्थी इंटरनेट पर निर्भर हैं लेकिन निजी सेल्युलर कंपनियों की इंटरनेट सेवाएं लंबे अरसे से बदहाल चल रही हैं। विद्यार्थियों के समक्ष सबसे बड़ी समस्या इस बात की भी है कि इन निजी सेल्युलर कंपनियों के जिला या खंड स्तर पर शिकायत निवारण कक्ष ही नहीं खुले हुए हैं, जहां शिकायत दर्ज कराई जा सके।
विज्ञापन
वार्षिक परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं। ऐसे में विद्यार्थी असमंजस की स्थिति में हैं कि न तो किताबें खरीदने का सामर्थ्य है और न ही इंटरनेट सेवाएं दुरुस्त हैं। ऐसे में पढ़ाई करना चुनौती बन गया है।
विज्ञापन
होटल मैनेजमेंट कोर्स कर रहे विद्यार्थी अभिजीत सिंह ने बताया कि इंटरनेट सेवाएं सुचारु न होने से पढ़ाई बाधित हो रही है। किसी जरूरी पाठ्य सामग्री को ढूंढने के लिए घंटों समय लग जाता है। इंटरनेट की स्पीड नाममात्र ही होती है।
बीएससी नर्सिंग की छात्रा दीपांशु और सपना ने बताया कि एक ओर पाठ्य पुस्तकों के बढ़े हुए दाम और दूसरी ओर बदहाल इंटरनेट सेवाओं के कारण पढ़ाई में दिक्कतें पेश आ रही हैं। सेल्युलर कंपनियों के कालाअंब मोगीनंद क्षेत्र में बेहतर 4जी इंटरनेट के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
बीएससी और बीबीए के छात्रों में संदीप और मोहित ने बताया कि वार्षिक परीक्षा का समय है और अधिकतर छात्र गूगल की शैक्षणिक वेबसाइटों पर पाठ्यसामग्री के लिए इंटरनेट पर निर्भर हैं। इंटरनेट व्यवस्था सुचारु नहीं मिलने से परेशानी बढ़ रही है। कस्टमर केयर में बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

फाइल 10 संदीप कुमार।- फोटो : NAHAN

फाइल 10 सपना।- फोटो : NAHAN

फाइल 10 दिपांशु।- फोटो : NAHAN

फाइल 10 अभिजीत सिंह।- फोटो : NAHAN