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Sirmour News: दशकों बाद भी ईएसआई अस्पताल और एंबुलेंस की सुविधा नहीं

Fri, 05 Jan 2024 11:11 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jan 2024 11:11 PM IST
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esi hospital and ambulance demand in ponta
दशकों बाद भी ईएसआई अस्पताल और एंबुलेंस की सुविधा नहीं
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पांवटा और धौलाकुआं में कामगारों के लिए सुविधा बढ़ाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। प्रदेश के सबसे प्राचीन औद्योगिक क्षेत्र पांवटा साहिब और धौलाकुआं में सैकड़ों छोटी-बड़ी इकाइयां चल रही हैं, जिसमें इस समय 28,000 से अधिक ऐसे कामगार-कर्मचारी तैनात हैं। इनको और इनके परिवार के सदस्यों को ईएसआई के अंतर्गत कवर किया जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य सेवा सुविधाएं नाकाफी हैं।
ईएसआई के सूरजपुर और गोंदपुर में केवल एक-एक चिकित्सक ही तैनात है। दो दशकों से चली आ रही पांवटा साहिब में ईएसआई योजना के तहत एंबुलेंस उपलब्ध करवाने की मांग पूरी नहीं हो पा रही है।
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हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स पांवटा साहिब इकाई अध्यक्ष सतीश गोयल, उद्यमी बीडी त्यागी, एनपीएस सहोता और नवीन अग्रवाल ने बताया कि पांवटा साहिब क्षेत्र की दोनों ईएसआई डिस्पेंसरी गोंदपुर और सूरजपुर में स्टाफ एवं सुविधाएं बढ़ाने की नितांत आवश्यकता है लेकिन गोंदपुर और सूरजपुर में संचालित हो रही ईएसआई डिस्पेंसरी में केवल एक-एक डॉक्टर ही कार्यरत है।
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चैंबर ऑफ कॉमर्स पांवटा इकाई ने इनमें दो-दो डॉक्टर की नियुक्ति की मांग रखी है। क्षेत्र में ईएसआई अस्पताल और कोई एंबुलेंस सुविधा ही नहीं है।
चैंबर ऑफ कॉमर्स पांवटा अध्यक्ष सतीश गोयल ने बताया कि पांवटा साहिब और धौलाकुआं समेत सैकड़ों छोटी-बड़ी इकाइयों में कार्यरत करीब 28 हजार से अधिक कामगार और कर्मचारियों को ईएसआई सुविधा के तहत स्वास्थ्य सेवा योजना से जोड़ा गया है। नियमानुसार इस योजना से जुड़े कामगार या कर्मचारी के परिवार के तीन से चार सदस्य कवर किए जाते हैं। ऐसे में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या एक लाख तक पहुंंचती है।


बीएमओ राजपुर डॉ. केएल भगत ने कहा कि ईएसआई के तहत ये डिस्पेंसरियां संचालित हो रही हैं लेकिन संबंधित विभाग और चैंबर ऑफ कॉमर्स के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सकों की संख्या बढ़ाए जाने की मांंग नहीं पहुंची है।
संवाद
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