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Sirmour News: संस्कृत कॉलेज में बताए ऊर्जा संरक्षण के उपाय और स्रोत
Sat, 14 Dec 2024 11:24 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Sat, 14 Dec 2024 11:24 PM IST
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संस्कृत कॉलेज नाहन में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद एनएसएस और एनसीसी कैडेटस। संवाद
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एनएसएस और एनसीसी इकाई ने किया कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। गोरक्षनाथ राजकीय संस्कृत महाविद्यालय नाहन की एनएसएस और एनसीसी इकाई के संयुक्त तत्वाधान में विश्व ऊर्जा संरक्षण दिवस कार्यक्रम मनाया गया। इसमें राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन के पर्यावरण विभाग के सहायक आचार्य प्रो. रजत ने बतौर वक्ता सम्मिलित होकर उपस्थित ऊर्जा संरक्षण के उपायों और स्रोतों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।
इकार्यक्रम में एनसीसी के 25 कैडेट्स और राष्ट्रीय सेवा योजना के 25 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। प्रो. रजत ने कहा कि इस दिन को मनाने का मकसद लोगों को ऊर्जा के महत्व और इसके संयमित इस्तेमाल के लिए जागरूक करना है। इस दिन ऊर्जा संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करने का संकल्प भी लिया जाता है। ऊर्जा के प्राकृतिक संसाधनों तथा नवीकरण ऊर्जा संसाधनों का प्रयोग दैनिक जीवन में किस प्रकार किया जा सकता है, हम अपने पर्यावरण को किस तरह से संरक्षित कर सकते हैं, इन सभी विषयों पर वक्तव्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एनसीसी इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सोमदत्त शर्मा, एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी आचार्य सुरेश शर्मा भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। गोरक्षनाथ राजकीय संस्कृत महाविद्यालय नाहन की एनएसएस और एनसीसी इकाई के संयुक्त तत्वाधान में विश्व ऊर्जा संरक्षण दिवस कार्यक्रम मनाया गया। इसमें राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन के पर्यावरण विभाग के सहायक आचार्य प्रो. रजत ने बतौर वक्ता सम्मिलित होकर उपस्थित ऊर्जा संरक्षण के उपायों और स्रोतों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।
इकार्यक्रम में एनसीसी के 25 कैडेट्स और राष्ट्रीय सेवा योजना के 25 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। प्रो. रजत ने कहा कि इस दिन को मनाने का मकसद लोगों को ऊर्जा के महत्व और इसके संयमित इस्तेमाल के लिए जागरूक करना है। इस दिन ऊर्जा संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करने का संकल्प भी लिया जाता है। ऊर्जा के प्राकृतिक संसाधनों तथा नवीकरण ऊर्जा संसाधनों का प्रयोग दैनिक जीवन में किस प्रकार किया जा सकता है, हम अपने पर्यावरण को किस तरह से संरक्षित कर सकते हैं, इन सभी विषयों पर वक्तव्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एनसीसी इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सोमदत्त शर्मा, एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी आचार्य सुरेश शर्मा भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
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