{"_id":"5fb2aeb38ebc3ec5ee58d1d3","slug":"employes-nahan-news-sml351619227","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरानी पेंशन योजना की बहाली को गरजे कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरानी पेंशन योजना की बहाली को गरजे कर्मचारी
विज्ञापन
हरिपुरधार में पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग को लेकर गेट मीटिंग करते एनपीएस कर्मी।
- फोटो : NAHAN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाहन (सिरमौर)। न्यू पेंशन कर्मचारी महासंघ की हरिपुरधार इकाई ने सरकार से पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग की है। हरिपुरधार इकाई से जुड़े एनपीएस कर्मचारियों ने नई पेंशन योजना को कर्मचारियों के लिए उत्पीड़न भी करार दिया है। पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर न्यू पेंशन कर्मचारी महासंघ की हरिपुरधार इकाई ने गेट मीटिंग आयोजित की जो कि ब्लॉक संयोजक चंद्रमणि वर्मा और अनुशासन समिति प्रभारी दिनेश सूर्या की अगुवाई में हुई। इसमें लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
इस दौरान वक्ताओं ने प्रदेश सरकार से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि नई पेंशन योजना कर्मचारियों का उत्पीड़न है। बुढ़ापे में इस योजना में न तो कर्मचारियों की सुरक्षा है और न ही उसके परिजनों की। नई पेंशन योजना से जुड़े कर्मचारी जो कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं उनको पांच से 1500 रुपये तक की मासिक पेंशन मिल रही है जिससे वह गैस और बिजली का बिल तक नहीं भर पा रहे। ऐसे में सारी जिंदगी सरकार की सेवा करने के बाद भी उसका बुढ़ापा दयनीय स्थिति में गुजर रहा है।
गेट मीटिंग में मौजूद ब्लॉक संयोजक चंद्रमणि वर्मा और अनुशासन समिति प्रभारी दिनेश सूर्या, जल शक्ति विभाग से सोनू धीमान, राजेंद्र सिंह, लोक निर्माण विभाग से संगीत देवी, लुम्बी देवी, फुलमा देवी, संत लाल, चंद्रसेन तथा शिक्षा विभाग से जयपाल सिंह, कमल चौहान, मीन सिंह सहित अन्य कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से मांग की कि वह तत्काल प्रभाव से मई 2003 के बाद सरकारी सेवा में लगे कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करे और चुनावों में किए अपने वायदे को पूरा करें ताकि नई पेंशन योजना से जुड़े कर्मचारियों का बुढ़ापा इज्जत के साथ कट सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस दौरान वक्ताओं ने प्रदेश सरकार से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि नई पेंशन योजना कर्मचारियों का उत्पीड़न है। बुढ़ापे में इस योजना में न तो कर्मचारियों की सुरक्षा है और न ही उसके परिजनों की। नई पेंशन योजना से जुड़े कर्मचारी जो कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं उनको पांच से 1500 रुपये तक की मासिक पेंशन मिल रही है जिससे वह गैस और बिजली का बिल तक नहीं भर पा रहे। ऐसे में सारी जिंदगी सरकार की सेवा करने के बाद भी उसका बुढ़ापा दयनीय स्थिति में गुजर रहा है।
विज्ञापन
गेट मीटिंग में मौजूद ब्लॉक संयोजक चंद्रमणि वर्मा और अनुशासन समिति प्रभारी दिनेश सूर्या, जल शक्ति विभाग से सोनू धीमान, राजेंद्र सिंह, लोक निर्माण विभाग से संगीत देवी, लुम्बी देवी, फुलमा देवी, संत लाल, चंद्रसेन तथा शिक्षा विभाग से जयपाल सिंह, कमल चौहान, मीन सिंह सहित अन्य कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से मांग की कि वह तत्काल प्रभाव से मई 2003 के बाद सरकारी सेवा में लगे कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करे और चुनावों में किए अपने वायदे को पूरा करें ताकि नई पेंशन योजना से जुड़े कर्मचारियों का बुढ़ापा इज्जत के साथ कट सके।
विज्ञापन