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60 मेगावाट के गिरिपावर हाउस में उत्पादन ठप
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ददाहू (सिरमौर)। क्षेत्र में बीते दो दिन से हो रही जबरदस्त वर्षा के चलते जहां किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। वहीं गिरि नदी में पानी के साथ सिल्ट की मात्रा बढ़ने से गिरिनगर स्थित विद्युत पावर हाउस में उत्पादन ठप होकर रह गया है। वर्षा का क्रम जारी रहने से गिरि और जलाल नदी में सिल्ट की मात्रा अचानक बढ़ गई, जिस कारण दोनों टरबाइन मशीनों को बंद रखना पड़ा।
विद्युत पावर हाउस में सोमवार को दोपहर दो बजे तक दोनों टरबाइनों से लगातार काम लिया गया, जिससे 54 मेगावाट उत्पादन संभव हुआ। बीते रविवार को भी दोनों टरबाइन मशीनें लगातार छह घंटे तक बंद रखी गईं जिससे परियोजना को लाखों रुपये की क्षति सहन करनी पड़ी।
सोमवार को दोबारा वर्षा का क्रम शुरू होते ही परियोजना प्रबंधकों ने राहत की सांस तो ली लेकिन दोपहर दो बजे के बाद मशीनों को दोबारा से अनिश्चित समय के लिए बंद कर दिया गया। पानी पर्याप्त होने के बावजूद भी उत्पादन संभव नहीं हो सका। उधर, गिरि परियोजना के आरई यशपाल धीमान ने बताया कि गिरि नदी में पानी बढ़ने के साथ-साथ सिल्ट का समावेश अधिक होने के कारण मशीनें को बंद रखा गया है। सोमवार को सुबह से दोपहर तक उत्पादन 54 मेगावाट पर स्थिर रहा जो पहले की तुलना में कहीं अधिक है।
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उन्होंने कहा कि गिरि नदी में सिल्ट बढ़ने से उत्पादन क्षमता में बाधा उत्पन्न हो रही है। मशीनों को रुक-रुक चलाया जा रहा है।
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विद्युत पावर हाउस में सोमवार को दोपहर दो बजे तक दोनों टरबाइनों से लगातार काम लिया गया, जिससे 54 मेगावाट उत्पादन संभव हुआ। बीते रविवार को भी दोनों टरबाइन मशीनें लगातार छह घंटे तक बंद रखी गईं जिससे परियोजना को लाखों रुपये की क्षति सहन करनी पड़ी।
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सोमवार को दोबारा वर्षा का क्रम शुरू होते ही परियोजना प्रबंधकों ने राहत की सांस तो ली लेकिन दोपहर दो बजे के बाद मशीनों को दोबारा से अनिश्चित समय के लिए बंद कर दिया गया। पानी पर्याप्त होने के बावजूद भी उत्पादन संभव नहीं हो सका। उधर, गिरि परियोजना के आरई यशपाल धीमान ने बताया कि गिरि नदी में पानी बढ़ने के साथ-साथ सिल्ट का समावेश अधिक होने के कारण मशीनें को बंद रखा गया है। सोमवार को सुबह से दोपहर तक उत्पादन 54 मेगावाट पर स्थिर रहा जो पहले की तुलना में कहीं अधिक है।
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उन्होंने कहा कि गिरि नदी में सिल्ट बढ़ने से उत्पादन क्षमता में बाधा उत्पन्न हो रही है। मशीनों को रुक-रुक चलाया जा रहा है।
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