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Sirmour News: इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग के कई बेहतर स्पॉट हुए तैयार
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को टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग के माध्यम से सतौन के समीपतैयार सिरमौर वन विहार व सं
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खास खबर--
पर्यटकों को सिरमौर बन विहार, यमुना वन विहार और यमुना रिवरफ्रंंट नेचर पार्क भा रहे
पहुंचने वाली बाहरी राज्यों की संगतों, बुजुर्गों और शैक्षणिक स्थलों के युवा खूब पहुंच रहे
नेचर पार्क में भ्रमण ट्रैक, वन्यजीवों की मूर्तियां सबको अपनी तरफ आकर्षित कर रहीं
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। गुरु की नगरी पांवटा साहिब में वर्ष भर देश-विदेश से लाखों की संख्या में संगते, पर्यटक और यात्री पहुंचते हैं। इनकों क्षेत्र में अधिक समय तक रोकने के लिए खास स्थल नहीं थे, लेकिन प्रदेश सरकार, पर्यटन विभाग के साथ अब वन विभाग ने भी इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया है। इसके तहत सिरमौर बन विहार, यमुना वन विहार, यमुना रिवरफ्रंंट नेचर पार्क, भ्रमण ट्रेक व दशकों पुराने अपने विश्राम गृहों की काया पलट करवाई गई है।
स्थानीय निवासी जगमोहन सूर्या, महिमानंद, राजेश चौधरी, अनिल ठाकुर, परमानंद, राहुल सेवल, अकरम व सुखविंदर सिंह ने बताया कि आस्था की नगरी पांवटा साहिब में धीरे-धीरे ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है। खास कर बाहरी राज्यों से हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। उनको क्षेत्र में बेहतर स्थल तैयार कर रोकना जरूरी है। पर्यटकों व संगतों को घूमने के लिए अब बेहतर पार्क, विश्राम गृह व भ्रमण ट्रेक तैयार हुए हैं। इससे इको-टूरिज्म क्षमता को भी बढ़ावा मिल पा रहा है। खास कर जंगलों और नदियों के बीच प्रकृति के आश्रय के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पांवटा साहिब में वन विभाग इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए यमुना हमारी धरोहर जैसी पहल, पर्यटकों को सिरमौर बन विहार, यमुना वन विहार और यमुना रिवरफ्रंट नेचर पार्क आज सबकी पसंद बनते जा रहे है। कुछ में तो कैफेटेरिया व कैंटीन सुविधा भी उपलब्ध हो रही है। धीरे-धीरे इनमें शैक्षणिक संस्थाओं के बच्चे-युवाओं को खूब भा रहे हैं। इन पार्क में एलिफेंट सफारी मूर्तियां और नए ट्रैकिंग, बर्ड वाचिंग साइट्स की पहचान कर इको-फ्रेंडली बुनियादी ढांचे और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर (गाइड, होम स्टे) पैदा किए जा रहे हैं, ताकि प्रकृति के साथ जिम्मेदारी भरा पर्यटन भी तय हो सके। वन मंडल पांवटा के क्षेत्रों में करीब एक दर्जन ट्रेकिंग ट्रैक्र तैयार हुए हैं।
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बाक्स...
वन विश्राम गृहों की नवीनीकरण : आरओ
- आरओ पांवटा साहिब सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि विभिन्न इको-रेस्टोरेशन और शहरी वानिकी परियोजनाओं के साथ-साथ खारा, तारुवाला व भगानी समेत अन्य वन विश्राम गृहों के नवीनीकरण किया गया है। इसमें सतौन के समीप सिरमौर वन विहार में संग्रहालय में सिरमौर के इतिहास की पूरी झलक मिल रही है।
इको टूरिज्म के साथ रोजगार को बढ़ावा : डीएफओ
- डीएफओ पांवटा साहिब वेद प्रकाश ने बताया कि नई इको-टूरिज्म नीति के तहत पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना इको फ्रेंडली बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है। इससे स्थानीय समुदायों को रोजगार (खास कर स्वयं सहायता समूह महिलाओं) उपलब्ध हो सकेगा। पर्यटकों को अब वन विभाग के विश्राम गृहों में ऑनलाइन पंजीकरण और बुकिंग की व्यवस्था है।
संवाद
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पर्यटकों को सिरमौर बन विहार, यमुना वन विहार और यमुना रिवरफ्रंंट नेचर पार्क भा रहे
पहुंचने वाली बाहरी राज्यों की संगतों, बुजुर्गों और शैक्षणिक स्थलों के युवा खूब पहुंच रहे
नेचर पार्क में भ्रमण ट्रैक, वन्यजीवों की मूर्तियां सबको अपनी तरफ आकर्षित कर रहीं
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। गुरु की नगरी पांवटा साहिब में वर्ष भर देश-विदेश से लाखों की संख्या में संगते, पर्यटक और यात्री पहुंचते हैं। इनकों क्षेत्र में अधिक समय तक रोकने के लिए खास स्थल नहीं थे, लेकिन प्रदेश सरकार, पर्यटन विभाग के साथ अब वन विभाग ने भी इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया है। इसके तहत सिरमौर बन विहार, यमुना वन विहार, यमुना रिवरफ्रंंट नेचर पार्क, भ्रमण ट्रेक व दशकों पुराने अपने विश्राम गृहों की काया पलट करवाई गई है।
स्थानीय निवासी जगमोहन सूर्या, महिमानंद, राजेश चौधरी, अनिल ठाकुर, परमानंद, राहुल सेवल, अकरम व सुखविंदर सिंह ने बताया कि आस्था की नगरी पांवटा साहिब में धीरे-धीरे ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है। खास कर बाहरी राज्यों से हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। उनको क्षेत्र में बेहतर स्थल तैयार कर रोकना जरूरी है। पर्यटकों व संगतों को घूमने के लिए अब बेहतर पार्क, विश्राम गृह व भ्रमण ट्रेक तैयार हुए हैं। इससे इको-टूरिज्म क्षमता को भी बढ़ावा मिल पा रहा है। खास कर जंगलों और नदियों के बीच प्रकृति के आश्रय के रूप में विकसित किया जा रहा है।
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पांवटा साहिब में वन विभाग इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए यमुना हमारी धरोहर जैसी पहल, पर्यटकों को सिरमौर बन विहार, यमुना वन विहार और यमुना रिवरफ्रंट नेचर पार्क आज सबकी पसंद बनते जा रहे है। कुछ में तो कैफेटेरिया व कैंटीन सुविधा भी उपलब्ध हो रही है। धीरे-धीरे इनमें शैक्षणिक संस्थाओं के बच्चे-युवाओं को खूब भा रहे हैं। इन पार्क में एलिफेंट सफारी मूर्तियां और नए ट्रैकिंग, बर्ड वाचिंग साइट्स की पहचान कर इको-फ्रेंडली बुनियादी ढांचे और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर (गाइड, होम स्टे) पैदा किए जा रहे हैं, ताकि प्रकृति के साथ जिम्मेदारी भरा पर्यटन भी तय हो सके। वन मंडल पांवटा के क्षेत्रों में करीब एक दर्जन ट्रेकिंग ट्रैक्र तैयार हुए हैं।
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वन विश्राम गृहों की नवीनीकरण : आरओ
- आरओ पांवटा साहिब सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि विभिन्न इको-रेस्टोरेशन और शहरी वानिकी परियोजनाओं के साथ-साथ खारा, तारुवाला व भगानी समेत अन्य वन विश्राम गृहों के नवीनीकरण किया गया है। इसमें सतौन के समीप सिरमौर वन विहार में संग्रहालय में सिरमौर के इतिहास की पूरी झलक मिल रही है।
इको टूरिज्म के साथ रोजगार को बढ़ावा : डीएफओ
- डीएफओ पांवटा साहिब वेद प्रकाश ने बताया कि नई इको-टूरिज्म नीति के तहत पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना इको फ्रेंडली बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है। इससे स्थानीय समुदायों को रोजगार (खास कर स्वयं सहायता समूह महिलाओं) उपलब्ध हो सकेगा। पर्यटकों को अब वन विभाग के विश्राम गृहों में ऑनलाइन पंजीकरण और बुकिंग की व्यवस्था है।
संवाद
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