फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   Dripping roof, dampness in the walls, lanter supported by sticks

Sirmour News: टपक रही छत्त, दीवारों में सीलन, लकड़ियों के सहारे टिकाया लैंटर

Thu, 03 Aug 2023 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Aug 2023 11:55 PM IST
विज्ञापन
Dripping roof, dampness in the walls, lanter supported by sticks
नाहन के कांशीवाला में मीना प्रवीण ने छत्त के नीचे लगाई गईं लकड़ी की स्पॉट। संवाद
सचित्र-
विज्ञापन

पैसा दिए जाने के बाद भी छह साल में नगर परिषद नहीं लगा पाई डंगा
बीपीएल परिवार की मांग पर डीसी ने दिए थे 1.21 लाख
नाहन (सिरमौर)। बजट के अभाव में विकास कार्य सालों तक लटकने के किस्से अकसर सुनने को मिलते हैं लेकिन बजट होने के बाद भी विकास कार्य अधर में लटका रहे, ऐसा कम ही होता है। ऐसा ही एक मामला नाहन के कांशीवाला में बीपीएल परिवार से जुड़ा है।
मीना प्रवीण मकान के साथ डंगा लगाने के लिए छह साल से नगर परिषद कार्यालय नाहन के चक्कर काट रही हैं। उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। डंगा न लगने के कारण उसके मकान की छत्त पर बारिश में भूस्खलन से मिट्टी और पत्थर आ रहे हैं। इस कारण मकान की छत्त टपकने लगी है। छत्त गिर न जाए, इस डर से महिला ने लकड़ी के डंडों से सहारा दिया है। मकान की हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है।
विज्ञापन

हैरत की बात है कि मीना प्रवीण के घर के साथ डंगा लगाने के लिए डीसी कार्यालय से 2017 में 1.21 लाख की राशि भी नगर परिषद को दे दी गई है। इसके बावजूद नगर परिषद एक पत्थर भी नहीं लगा पाई है। इस बारे में पीड़ित परिवार 2010 से 2024 तक नगर परिषद को 27 पत्र दे चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कांशीवाला निवासी महिला मीना प्रवीण ने बताया कि प्रशासन ने भूमिहीन होने के नाते उसे कांशीवाला में 32 मीटर जमीन दी थी। मकान बनाने के लिए कहीं से कोई सहायता नहीं मिली। उसे किसी तरह कर्ज लेकर एक कमरा और एक स्टोर बनाया।
सड़क के साथ की ढांक से बारिश में भूस्खलन से उसकी मिट्टी और पत्थर उसकी छत्त पर आ रही है। इससे उसके मकान की छत्त टपक रही है, पूरे मकान में सीलन आ चुकी है।

महिला ने बताया कि वह 2010 से डंगा लगाने के लिए डीसी और नप कार्यालय के चक्कर काट रही है। 2017 में डीसी कार्यालय से डंगा लगाने को 1.21 लाख मंजूर किए थे। यह राशि नगर परिषद को भी उसी समय दे दी गई थी। आज छह साल बाद भी यहां डंगा नहीं लगा है। महिला ने बताया कि यदि उसके मकान को नुकसान होता है तो इसकी पूरी जिम्मेवारी नगर परिषद की होगी।
विवाद सुलझ गया तो लगाया जाएगा डंगा
नगर परिषद अध्यक्ष श्यामा पुंडीर ने कहा कि मीना प्रवीण और उसके पड़ोसी के बीच विवाद है। यदि वह सुलझ गया है तो डंगा लगा दिया जाएगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed