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Sirmour News: पैदल यात्रा निकाल लोगों ने परमार को किया याद
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पैतृक गांव चन्हालग में याद किए हिमाचल निर्माता डाॅ. यशवंत सिंह परमार
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री यशवंत सिंह परमार की जयंती उनके पैतृक गांव में से मनाई गई। भाषा एवं संस्कृति विभाग सिरमौर और मां ज्वाला नगरकोटी मंदिर विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय कार्यक्रम हुआ। सुबह के समय डाॅ. परमार के पैतृक गांव चन्हालग में पैदल यात्रा निकाली गई। 150 लोगों ने दो किलोमीटर की पैदल यात्रा में भाग लिया और डाॅ. परमार को याद किया।
उपायुक्त सुमित खिमटा ने मुख्य अतिथि और हिमाचल निर्माता के पौत्र आनंद परमार ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी ने दोनों अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान मंदिर के प्रांगण में पौधरोपण भी किया गया। उपायुक्त ने कहा कि डॉ. परमार प्रजामंडल आंदोलन के सक्रिय सदस्य रहे और देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान रमेश शास्त्री, प्रधान लाना बांका कुलदीप जसवाल, पूर्व प्रधान नेहर स्वार राजिंदर सिंह ने डॉ. परमार के जीवन पर प्रकाश डाला। भाषा एवं संस्कृति विभाग ने उनके पौत्र आनंद परमार, पौत्र वधू आशा परमार, उनके पुत्र यश परमार और ज्योति परमार, उनकी पौत्री देविका परमार को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर हाटी सांस्कृतिक दल बाउनल ने सिरमौरी नाटी और चूड़ेश्वर लोकनृत्य दल ने सिंहटू नृत्य और वाद्ययंत्र की प्रस्तुति दी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री यशवंत सिंह परमार की जयंती उनके पैतृक गांव में से मनाई गई। भाषा एवं संस्कृति विभाग सिरमौर और मां ज्वाला नगरकोटी मंदिर विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय कार्यक्रम हुआ। सुबह के समय डाॅ. परमार के पैतृक गांव चन्हालग में पैदल यात्रा निकाली गई। 150 लोगों ने दो किलोमीटर की पैदल यात्रा में भाग लिया और डाॅ. परमार को याद किया।
उपायुक्त सुमित खिमटा ने मुख्य अतिथि और हिमाचल निर्माता के पौत्र आनंद परमार ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी ने दोनों अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान मंदिर के प्रांगण में पौधरोपण भी किया गया। उपायुक्त ने कहा कि डॉ. परमार प्रजामंडल आंदोलन के सक्रिय सदस्य रहे और देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान रमेश शास्त्री, प्रधान लाना बांका कुलदीप जसवाल, पूर्व प्रधान नेहर स्वार राजिंदर सिंह ने डॉ. परमार के जीवन पर प्रकाश डाला। भाषा एवं संस्कृति विभाग ने उनके पौत्र आनंद परमार, पौत्र वधू आशा परमार, उनके पुत्र यश परमार और ज्योति परमार, उनकी पौत्री देविका परमार को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर हाटी सांस्कृतिक दल बाउनल ने सिरमौरी नाटी और चूड़ेश्वर लोकनृत्य दल ने सिंहटू नृत्य और वाद्ययंत्र की प्रस्तुति दी।
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