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Sirmour News: धौलाकुआं मंडी में धान की तुलाई प्रभावित, तीन-तीन दिन बाद पड़ रहा नंबर
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धौलाकुआं धान मंडी में पहुंचे किसान। संवाद
-लेबर का भुगतान अटकने से कुछ देर के लिए काम हुआ बंद, गेहूं सीजन में भी दो
-दो दिन मंडी में रात काटने को मजबूर हुए थे किसान
-चार कांटों पर सुबह 10 से शाम पांच बजे तक ही हो रही तुलाई, किसानों ने दी धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
धौलाकुआं (सिरमौर)। धौलाकुआं की अनाज मंडी में धान की तुलाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पिछले तीन दिनों से ट्रैक्टरों में धान लादकर पहुंचे किसान बिना तुलाई के अपने नंबर का इंतजार कर रहे हैं। किसानों के अनुसार, धान की तुलाई के लिए पहले ही लेबर कम है और जो लगाई भी गई है उसने भी अचानक काम बंद कर दिया है। हालांकि कुछ देर बाद पुन: तुलाई शुरू हुई लेकिन किसानों को समस्या झेलनी पड़ी। भुगतान नहीं होने के कारण मजदूरों ने काम रोक दिया, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। मंडी में बिगड़ी व्यवस्था से परेशान किसानों ने संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए व्यवस्था में जल्द सुधार की मांग की है।
किसान संजय कुमार, श्याम लाल, जशवंत और रविकुमार ने बताया कि धौलाकुआं मंडी में हर साल एक ही लेबर ठेकेदार को टेंडर दिया जाता है। इसके बावजूद मंडी में पर्याप्त और स्थायी लेबर की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। आरोप है कि जो यहां कम लेबर है। किसानों के मुताबिक, गेहूं के सीजन में भी ठेकेदार के पास स्थायी लेबर नहीं होने के कारण उन्हें दो-दो दिन तक मंडियों में ही रातें काटनी पड़ी थीं। किसानों का कहना है कि ठेकेदार के खिलाफ पहले भी शिकायतें की जा चुकी हैं, इसके बावजूद दोबारा उसी ठेकेदार को टेंडर दिया गया।
किसानों ने बताया कि धौलाकुआं मंडी में चार तुलाई कांटों पर सुबह 10 से शाम पांच बजे तक ही धान की तुलाई की जा रही है। आरोप है कि मंडी में रोजाना दिहाड़ी पर मजदूर लगाकर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। इसके विपरीत अन्य मंडियों में सुबह सात बजे से रात तक झरने लगाकर काम किया जाता है, जिससे किसानों की फसल की तुलाई समय पर हो सके। किसानों का कहना है कि धौलाकुआं मंडी में सीमित समय और लेबर की कमी के कारण किसानों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है।
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किसानों ने कहा कि धान की तुलाई में देरी से उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है। ट्रैक्टरों में फसल लेकर मंडी पहुंचने के बाद भी कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में समय और संसाधनों की बर्बादी के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। किसानों ने एसडीएम पांवटा साहिब से मांग की है कि मंडी में तुलाई व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करवाया जाए, ताकि किसानों को समस्या न हो।
वहीं, मंडी समिति के अध्यक्ष सीता राम शर्मा ने बताया कि इस संबंध में किसानों की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि सिविल सप्लाई विभाग को समस्या का जल्द समाधान करने के लिए कहा गया है। धौलाकुआं मंडी में लेबर और झरनों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि किसानों के धान की तुलाई समय पर सुनिश्चित की जा सके।-- -- -- -- --
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-दो दिन मंडी में रात काटने को मजबूर हुए थे किसान
-चार कांटों पर सुबह 10 से शाम पांच बजे तक ही हो रही तुलाई, किसानों ने दी धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
धौलाकुआं (सिरमौर)। धौलाकुआं की अनाज मंडी में धान की तुलाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पिछले तीन दिनों से ट्रैक्टरों में धान लादकर पहुंचे किसान बिना तुलाई के अपने नंबर का इंतजार कर रहे हैं। किसानों के अनुसार, धान की तुलाई के लिए पहले ही लेबर कम है और जो लगाई भी गई है उसने भी अचानक काम बंद कर दिया है। हालांकि कुछ देर बाद पुन: तुलाई शुरू हुई लेकिन किसानों को समस्या झेलनी पड़ी। भुगतान नहीं होने के कारण मजदूरों ने काम रोक दिया, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। मंडी में बिगड़ी व्यवस्था से परेशान किसानों ने संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए व्यवस्था में जल्द सुधार की मांग की है।
किसान संजय कुमार, श्याम लाल, जशवंत और रविकुमार ने बताया कि धौलाकुआं मंडी में हर साल एक ही लेबर ठेकेदार को टेंडर दिया जाता है। इसके बावजूद मंडी में पर्याप्त और स्थायी लेबर की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। आरोप है कि जो यहां कम लेबर है। किसानों के मुताबिक, गेहूं के सीजन में भी ठेकेदार के पास स्थायी लेबर नहीं होने के कारण उन्हें दो-दो दिन तक मंडियों में ही रातें काटनी पड़ी थीं। किसानों का कहना है कि ठेकेदार के खिलाफ पहले भी शिकायतें की जा चुकी हैं, इसके बावजूद दोबारा उसी ठेकेदार को टेंडर दिया गया।
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किसानों ने बताया कि धौलाकुआं मंडी में चार तुलाई कांटों पर सुबह 10 से शाम पांच बजे तक ही धान की तुलाई की जा रही है। आरोप है कि मंडी में रोजाना दिहाड़ी पर मजदूर लगाकर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। इसके विपरीत अन्य मंडियों में सुबह सात बजे से रात तक झरने लगाकर काम किया जाता है, जिससे किसानों की फसल की तुलाई समय पर हो सके। किसानों का कहना है कि धौलाकुआं मंडी में सीमित समय और लेबर की कमी के कारण किसानों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है।
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किसानों ने कहा कि धान की तुलाई में देरी से उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है। ट्रैक्टरों में फसल लेकर मंडी पहुंचने के बाद भी कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में समय और संसाधनों की बर्बादी के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। किसानों ने एसडीएम पांवटा साहिब से मांग की है कि मंडी में तुलाई व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करवाया जाए, ताकि किसानों को समस्या न हो।
वहीं, मंडी समिति के अध्यक्ष सीता राम शर्मा ने बताया कि इस संबंध में किसानों की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि सिविल सप्लाई विभाग को समस्या का जल्द समाधान करने के लिए कहा गया है। धौलाकुआं मंडी में लेबर और झरनों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि किसानों के धान की तुलाई समय पर सुनिश्चित की जा सके।