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Sirmour News: श्री देई साहिबा मंदिर भूमि पर पार्क योजना अधर में
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8 वर्षों से प्राचीन देईजी साहिब मंदिर भूमि पर पार्क बनाने की योजना अधर में लटकी हुई है l संवाद
आठ वर्षोँ के बाद भी प्रस्तावित पार्क की योजना में केवल एकमात्र गेट की बन कर हो सका है तैयार
वर्ष 1889ई. रियासत काल में बना देई जी साहिबा मंदिर अब तक हैअपेक्षित
स्थानीय कंपनियों के सहयोग से सीएसआर में योजना को किया जाना है तैयार
सुरेश तोमर/ संजय कंवर
पांवटा साहिब(सिरमौर)। रियासत काल में 21 फरवरी 1889 ई. में तत्कालीन राजा सिरमौर शमशेर प्रकाश बहादुर के कार्यकाल में ऐतिहासिक प्राचीन देई साहिबा मंदिर और सराय का निर्माण हुआ है। रानी साहिब कांगड़ा श्री देईजी साहिबा ने अपने पति लंबा गांव के राजा प्रताप चंद बहादुर की याद में अपने भाई सिरमौर के राजा के सहयोग से श्री रघुनाथ मंदिर का निर्माण करवाया था।
कभी हजारों बीघा भूमि इस मंदिर के नाम रही है। अब नाममात्र की भूमि शेष बची है। मंदिर की हालत भी खास अच्छी नहीं है। 8 वर्ष पहले हिमाचल सीमा पर स्थित मंदिर भूमि पर बेहतरीन पार्क, प्रवेश द्वार, कैफेटेरिया योजना समेत आय बढ़ाने की योजना से कार्य भी शुरू हुआ था। जो मात्र एक गेट लगने के उपरांत ठप पड़ा हुआ है।
बता दें कि 2018 में तत्कालीन जिलाधीश सिरमौर और आयुक्त देईजी साहिबा मंदिर न्यास ललित जैन ने पांवटा में बैठक रखी थी। इसमें प्राचीन देईजी साहिब मंदिर भूमि की करीब 162.09 बीघा भूमि पर विभिन्न गतिविधियां को आरंभ करने पर मंथन किया। मंदिर की भूमि पर सामुदायिक भवन निर्माण, पार्क, बच्चों के मनोरंजक स्थल, सौर पैनल स्थापित कर मंदिर न्यास की आय बढ़ाने पर मंथन हुआ था।
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करीब एक वर्ष बाद तत्कालीन महाप्रबंधक उद्योग विभाग सिरमौर ज्ञान सिंह चौहान की टीम, आर्किटेक्ट के साथ प्रस्तावित पार्क योजना स्थल पर जायजा लेने भी पहुंचे थे। सीएसआर योजना के तहत इस योजना के कार्य को 31 मार्च 2019 तक पूरा करवाने का लक्ष्य भी रखा गया था। योजना पर सीएसआर योजना में स्थानीय उद्यमियों के सहयोग से 20 लाख से अधिक बजट करने की योजना रही है। इस योजना में पांच लाख बजट प्रावधान भी किया गया। उप मंडलीय भू-संरक्षण अधिकारी के माध्यम से कार्य हुआ।
(बाक्स)...
हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स को शेष कार्य के बारे में भेजा पत्र : तहसीलदार
तहसीलदार पांवटा साहिब ऋषभ शर्मा ने बताया कि योजना सीएसआर योजना के तहत पार्क का निर्माण होना है। हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पांवटा इकाई को शेष कार्य शीघ्र पूरा करवाने के लिए पत्र भेजा जा रहा है।
बाक्स...
ये थी पार्क की प्रस्तावित योजना
- सीएसआर के तहत प्रस्तावित योजना में देहरादून-पांवटा एनएच-7 की तरफ से बेहतरीन प्रवेश द्वार, कैफेटेरिया, सेल्फी प्वाइंट, योगा प्लेटफार्म, शौचालय, रैन शेल्टर्स, कूड़ेदान, पैदल पार्क में चलने के लिए पाथ, वाटर स्प्रिंक्लिर, म्यूजिकल फाउंटेंस, बच्चों के मनोरंजन स्थल, बाउंड्री वाल, हरी घास-फूल-पौधे, हाइ मस्ट लाइटें और रात को पार्क बेहतर दिखने के लिए लाइटिंग वर्क शामिल किया गया था। संवाद
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वर्ष 1889ई. रियासत काल में बना देई जी साहिबा मंदिर अब तक हैअपेक्षित
स्थानीय कंपनियों के सहयोग से सीएसआर में योजना को किया जाना है तैयार
सुरेश तोमर/ संजय कंवर
पांवटा साहिब(सिरमौर)। रियासत काल में 21 फरवरी 1889 ई. में तत्कालीन राजा सिरमौर शमशेर प्रकाश बहादुर के कार्यकाल में ऐतिहासिक प्राचीन देई साहिबा मंदिर और सराय का निर्माण हुआ है। रानी साहिब कांगड़ा श्री देईजी साहिबा ने अपने पति लंबा गांव के राजा प्रताप चंद बहादुर की याद में अपने भाई सिरमौर के राजा के सहयोग से श्री रघुनाथ मंदिर का निर्माण करवाया था।
कभी हजारों बीघा भूमि इस मंदिर के नाम रही है। अब नाममात्र की भूमि शेष बची है। मंदिर की हालत भी खास अच्छी नहीं है। 8 वर्ष पहले हिमाचल सीमा पर स्थित मंदिर भूमि पर बेहतरीन पार्क, प्रवेश द्वार, कैफेटेरिया योजना समेत आय बढ़ाने की योजना से कार्य भी शुरू हुआ था। जो मात्र एक गेट लगने के उपरांत ठप पड़ा हुआ है।
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बता दें कि 2018 में तत्कालीन जिलाधीश सिरमौर और आयुक्त देईजी साहिबा मंदिर न्यास ललित जैन ने पांवटा में बैठक रखी थी। इसमें प्राचीन देईजी साहिब मंदिर भूमि की करीब 162.09 बीघा भूमि पर विभिन्न गतिविधियां को आरंभ करने पर मंथन किया। मंदिर की भूमि पर सामुदायिक भवन निर्माण, पार्क, बच्चों के मनोरंजक स्थल, सौर पैनल स्थापित कर मंदिर न्यास की आय बढ़ाने पर मंथन हुआ था।
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करीब एक वर्ष बाद तत्कालीन महाप्रबंधक उद्योग विभाग सिरमौर ज्ञान सिंह चौहान की टीम, आर्किटेक्ट के साथ प्रस्तावित पार्क योजना स्थल पर जायजा लेने भी पहुंचे थे। सीएसआर योजना के तहत इस योजना के कार्य को 31 मार्च 2019 तक पूरा करवाने का लक्ष्य भी रखा गया था। योजना पर सीएसआर योजना में स्थानीय उद्यमियों के सहयोग से 20 लाख से अधिक बजट करने की योजना रही है। इस योजना में पांच लाख बजट प्रावधान भी किया गया। उप मंडलीय भू-संरक्षण अधिकारी के माध्यम से कार्य हुआ।
(बाक्स)...
हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स को शेष कार्य के बारे में भेजा पत्र : तहसीलदार
तहसीलदार पांवटा साहिब ऋषभ शर्मा ने बताया कि योजना सीएसआर योजना के तहत पार्क का निर्माण होना है। हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पांवटा इकाई को शेष कार्य शीघ्र पूरा करवाने के लिए पत्र भेजा जा रहा है।
बाक्स...
ये थी पार्क की प्रस्तावित योजना
- सीएसआर के तहत प्रस्तावित योजना में देहरादून-पांवटा एनएच-7 की तरफ से बेहतरीन प्रवेश द्वार, कैफेटेरिया, सेल्फी प्वाइंट, योगा प्लेटफार्म, शौचालय, रैन शेल्टर्स, कूड़ेदान, पैदल पार्क में चलने के लिए पाथ, वाटर स्प्रिंक्लिर, म्यूजिकल फाउंटेंस, बच्चों के मनोरंजन स्थल, बाउंड्री वाल, हरी घास-फूल-पौधे, हाइ मस्ट लाइटें और रात को पार्क बेहतर दिखने के लिए लाइटिंग वर्क शामिल किया गया था। संवाद

8 वर्षों से प्राचीन देईजी साहिब मंदिर भूमि पर पार्क बनाने की योजना अधर में लटकी हुई है l संवाद