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Sirmour News: क्रस्ना लैब कर्मचारी हड़ताल पर, टेस्ट करवाने के लिए चक्कर काटते रहे मरीज
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हड़ताल के चलते मेडिकल कॉलेज स्थित क्रस्ना लैब में पसरा सन्नाटा। संवाद
लाइव
क्रस्ना लैब कर्मचारी हड़ताल पर, टेस्ट करवाने के लिए चक्कर काटते रहे मरीज
-लैब कर्मचारियों को दो महीने से नहीं मिला है वेतन, कंपनी का दावा करोड़ों की है लेनदारी
-मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने स्थिति को देखते हुए की अतिरिक्त सेवाओं की व्यवस्था
-बायोकेमिस्ट्री लैब में दो से चार बजे तक शुरू करवाई सेवाएं, इमरजेंसी में ऑन कॉल भी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में सोमवार को मरीज टेस्ट के लिए प्रयोगशालाओं के चक्कर काटते रहे। ओपीडी से मरीज पहले क्रस्ना लैब पहुंचे। वहां सैंपल लेने से मना किए जाने पर सरकारी या निजी लैब गए। यह सिलसिला दिन भर चलता रहा।
दरअसल, दो महीने से वेतन न मिलने के कारण कंपनी के आदेशानुसार सोमवार से क्रस्ना लैब के सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। ऐसे में सैंपल की जांच का सारा जिम्मा अब अस्पताल की सरकारी लैब पर आ गया। समय सुबह 11:30 बजे। स्थान : मेडिकल कॉलेज नाहन। पनार की सीता देवी मेडिसिन ओपीडी से जांच करवा टेस्ट करवाने क्रस्ना लैब पहुंची, लेकिन यहां स्टाफ ने उन्हें हड़ताल का हवाला देकर मना कर दिया। इसके बायोकेमिस्ट्री लैब उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा।
शेखरा बघार के देवेंद्र ने बताया कि वह अपने पिता का इलाज कराने के लिए आए, जब डॉक्टरों ने उन्हें टेस्ट कराने के लिए कहा तो वह क्रस्ना लैब गए। वहां सुविधा न मिलने और सरकारी लैब में भीड़ होने पर उन्हें निजी लैब में जाकर टेस्ट कराना पड़ा। बागथन के कपिल ठाकुर ने बताया कि वह दोपहर 12:00 बजे से टेस्ट करवाने के लिए सरकारी लैब में इंतजार कर रहे हैं। अभी तक नंबर नहीं आया है। 2:30 बजे उनके घर के लिए लास्ट बस हैं। पता नहीं तब तक फ्री होंगे या नहीं। मेडिकल कॉलेज के अलावा पांवटा, राजगढ़, सराहां, ददाहू अस्पताल में भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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उधर, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से बायोकेमिस्ट्री लैब में हड़ताल के दौरान दोपहर बाद दो से चार बजे तक अतिरिक्त सेवाओं की व्यवस्था की गई। इसके अलावा इमरजेंसी में ऑन कॉल की सुविधा भी रखी गई है। इस सुविधा के बावजूद भी मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी और निजी प्रयोगशालाओं में टेस्ट करवाने पड़े।
जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज की क्रस्ना लैब में रोजाना औसतन करीब 1200 मरीजों के 150 से अधिक प्रकार के टेस्ट निशुल्क किए जाते हैं। इन जांचों का भुगतान सरकार की ओर से कंपनी को किया जाता है। अब सेवा बाधित होने से मरीजों को निजी लैब में जांच करवाने पर खर्च उठाना पड़ रहा है।
उधर, कंपनी ने प्रबंधन को भेजे सूचना पत्र में दावा किया है कि प्रदेश में उसे एक साल से भुगतान नहीं मिला है और बकाया राशि 100 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। वहीं, कर्मचारियों की ओर से दो माह से वेतन न मिलने की बात कही गई है।
मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेणु चौहान ने माना कि क्रस्ना लैब कर्मचारियों की हड़ताल से सेवाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी लैब में अतिरिक्त व्यवस्था की गई है और आपातकालीन मामलों के लिए ऑन-कॉल सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।-- -- -
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क्रस्ना लैब कर्मचारी हड़ताल पर, टेस्ट करवाने के लिए चक्कर काटते रहे मरीज
-लैब कर्मचारियों को दो महीने से नहीं मिला है वेतन, कंपनी का दावा करोड़ों की है लेनदारी
-मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने स्थिति को देखते हुए की अतिरिक्त सेवाओं की व्यवस्था
-बायोकेमिस्ट्री लैब में दो से चार बजे तक शुरू करवाई सेवाएं, इमरजेंसी में ऑन कॉल भी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में सोमवार को मरीज टेस्ट के लिए प्रयोगशालाओं के चक्कर काटते रहे। ओपीडी से मरीज पहले क्रस्ना लैब पहुंचे। वहां सैंपल लेने से मना किए जाने पर सरकारी या निजी लैब गए। यह सिलसिला दिन भर चलता रहा।
दरअसल, दो महीने से वेतन न मिलने के कारण कंपनी के आदेशानुसार सोमवार से क्रस्ना लैब के सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। ऐसे में सैंपल की जांच का सारा जिम्मा अब अस्पताल की सरकारी लैब पर आ गया। समय सुबह 11:30 बजे। स्थान : मेडिकल कॉलेज नाहन। पनार की सीता देवी मेडिसिन ओपीडी से जांच करवा टेस्ट करवाने क्रस्ना लैब पहुंची, लेकिन यहां स्टाफ ने उन्हें हड़ताल का हवाला देकर मना कर दिया। इसके बायोकेमिस्ट्री लैब उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा।
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शेखरा बघार के देवेंद्र ने बताया कि वह अपने पिता का इलाज कराने के लिए आए, जब डॉक्टरों ने उन्हें टेस्ट कराने के लिए कहा तो वह क्रस्ना लैब गए। वहां सुविधा न मिलने और सरकारी लैब में भीड़ होने पर उन्हें निजी लैब में जाकर टेस्ट कराना पड़ा। बागथन के कपिल ठाकुर ने बताया कि वह दोपहर 12:00 बजे से टेस्ट करवाने के लिए सरकारी लैब में इंतजार कर रहे हैं। अभी तक नंबर नहीं आया है। 2:30 बजे उनके घर के लिए लास्ट बस हैं। पता नहीं तब तक फ्री होंगे या नहीं। मेडिकल कॉलेज के अलावा पांवटा, राजगढ़, सराहां, ददाहू अस्पताल में भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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उधर, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से बायोकेमिस्ट्री लैब में हड़ताल के दौरान दोपहर बाद दो से चार बजे तक अतिरिक्त सेवाओं की व्यवस्था की गई। इसके अलावा इमरजेंसी में ऑन कॉल की सुविधा भी रखी गई है। इस सुविधा के बावजूद भी मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी और निजी प्रयोगशालाओं में टेस्ट करवाने पड़े।
जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज की क्रस्ना लैब में रोजाना औसतन करीब 1200 मरीजों के 150 से अधिक प्रकार के टेस्ट निशुल्क किए जाते हैं। इन जांचों का भुगतान सरकार की ओर से कंपनी को किया जाता है। अब सेवा बाधित होने से मरीजों को निजी लैब में जांच करवाने पर खर्च उठाना पड़ रहा है।
उधर, कंपनी ने प्रबंधन को भेजे सूचना पत्र में दावा किया है कि प्रदेश में उसे एक साल से भुगतान नहीं मिला है और बकाया राशि 100 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। वहीं, कर्मचारियों की ओर से दो माह से वेतन न मिलने की बात कही गई है।
मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेणु चौहान ने माना कि क्रस्ना लैब कर्मचारियों की हड़ताल से सेवाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी लैब में अतिरिक्त व्यवस्था की गई है और आपातकालीन मामलों के लिए ऑन-कॉल सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।