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गुरूवाला में स्टोन क्रशर के विरोध में उतरे ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला, राजपुर (सिरमौर)
Updated Sat, 22 Oct 2016 10:23 PM IST
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राजपुर (सिरमौर)। उत्तराखंड की सीमा से सटे भगवानी पटवार सर्कल के गुरूवाला में प्रस्तावित स्टोन क्रशर के खिलाफ ग्रामीण मुखर हो गए हैं। स्टोन क्रशर लगाने के विरोध में गांव के ग्रामीणों ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। पंचायत प्रधान सहित पूरे गुरूवाला गांव की महिलाएं एवं पुरुषों ने क्रशर की प्रस्तावित जमीन पर पहुंचकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि गुरूवाला की खुशहाली एवं उन्नत खेती को क्रशर के प्रदूषण से खराब नहीं होने दिया जाएगा। क्रशर लगाने की कोशिश की तो महिलाएं उसे उखाड़ फेंकेगी।
शनिवार सुबह करीब 10 बजे स्थानीय भगानी पंचायत प्रधान निद्रो देवी के नेतृत्व में गुरूवाला गांव के किसान, महिलाएं, युवा गुरूवाला में एकत्रित हुए। जिस जमीन पर क्रशर के लिए निशानदेही हुई है वहां ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने कहा कि उपजाऊ भूमि, सिंचाई एवं पेयजल योजना, कब्रिस्थान, आंगनबाड़ी केंद्र एवं गुरूवाला गांव की दूरी को देखते हुए यहां क्रशर स्थापित नहीं हो सकता। क्रशर के कोई भी मापदंड पूरे नहीं होते जिसके चलते क्रशर मालिक को यहां की बजाय किसी और जगह क्रशर लगाना चाहिए।
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गौरतलब है कि 26 फरवरी 2016 को भी इसी गांव की महिलाओं ने प्रस्तावित क्रशर को स्थापित न करने पर विरोध प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों का कहना है कि क्रशर को गुरूवाला गांव की आबादी से 100 मीटर तथा आंगनबाड़ी केंद्र, सिंचाई योजना एवं कब्रिस्थान से मात्र 50 मीटर की दूरी पर स्थापित करने की योजना है। जबकि सरकारी मापदंडों के अनुसार गांव से क्रशर की दूरी 1 किलोमीटर, शिक्षण संस्थान एवं धार्मिक स्थान से 500 मीटर तथा नदी से 200 मीटर की दूरी होना चाहिए।
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पंचायत प्रधान निद्रो देवी, वार्ड पंच चमन लाल, महिला मंडल प्रधान सुदेश कुमारी, प्रेमलता, अब्दुल सतार, कल्याण सिंह, बृजमोहन, ओमपाल, यासमीन, रूप सिंह, इरफान, सुखवर्षा, तरसेम, शमशेर, रमेश, तारों, राजू, रणजीत, गुरमैल, सादी, चूड़ाराम, रोशनी देवी आदि ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, उद्योगमंत्री, जिला उपायुक्त सिरमौर, जिला खनन अधिकारी नाहन, पर्यावरण बोर्ड के अधिशासी अभियंता, एसडीएम-डीएसपी पांवटा को प्रस्तावित गुरूवाला में क्रशर स्थापित न होने देने की शिकायत भेजी है।