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संयुक्त कार्रवाई से तेज दिखा माफिया का सूचना तंत्र
ब्यूरो, अमर उजाला/ नाहन, पांवटा (सिरमौर)।
Updated Fri, 18 Dec 2015 11:00 PM IST
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पुलिस और प्रशासन के संयुक्त कार्रवाई के दौरान अवैध खननकारियों का सूचना तंत्र ज्यादा चुस्त नजर आया। खनन अधिकारी सिरमौर और डीएसपी पांवटा की संयुक्त कार्रवाई की गोपनीय योजना की भनक खनन माफिया हो मिल चुकी थी। इसके चलते अधिकतर वाहन मौके से पहले ही फरार हो गए।
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नदी का विस्तृत क्षेत्र और चोर रास्ते अवैध खननकारियों के लिए मददगार साबित हो रहे हैं। वहीं, हिमाचल और उत्तराखंड की सीमा होने से खननकारियों के लिए आसानी रहती है जबकि प्रशासन के लिए यही सीमा बाधाएं खड़ी करती नजर आई। खोदरी माजरी की एक महिला धरपकड़ के दौरान मौके पर पहुंच गई।
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उसने एसपी सौम्या समेत अधिकारियों से गुहार लगाई। महिला ने कहा कि पड़ोसी राज्यों से सैकड़ों गाड़ियां यहां अवैध खनन करती हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। इसकी शिकायत वन विभाग कार्यालय में कई बार की गई लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिला ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों से काफी देर बहस भी की। महिला ने कई स्थानीय लोगों के अवैध खनन में शामिल होने की बात भी कही। एसपी सिरमौर ने स्थानीय महिला को समझाया और अवैध खनन पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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एमओ सिरमौर सुरेश भारद्वाज और डीएसपी पांवटा भीष्म ठाकुर ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। इससे ही अवैध खननकारियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
उत्तराखंड के क्रशरों की आड़ में खेल
हिमाचल और उत्तराखंड की साथ लगती सीमा की कुछ माह पहले डिमार्केशन भी करवाई गई थी। इसमें यमुना नदी में मिलने वाले टौंस नदी के जल स्थल के दो जरवे उत्तराखंड की तरफ तक हिमाचल की सीमा लगती है। उत्तराखंड की तरफ कई क्रशर चलते हैं। इन्हीं क्रशरों की आड़ में रोज हिमाचल से अवैध खनन के सैकड़ों ट्रक ढोये जा रहे है। इस खेल में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल के खनन माफिया शामिल हैं। हिमाचल से छापेमारी पड़ते ही खननकारी मजदूर और वाहन पड़ोसी राज्य में छिप जाते हैं।
चुनाव के दौरान बढ़ जाता है अवैध खनन
दोनों पड़ोसी राज्यों में किसी भी स्तर के चुनावी दौर में अवैध खनन माफिया क्षेत्र में ज्यादा सक्रिय हो जाता है। इस दौरान प्रशासनिक अमला ज्यादातर चुनावी ड्यूटी पर होता है। इसका पूरा फायदा खनन माफिया उठाता है। दिनदहाड़े यमुना और गिरी नदी क्षेत्रों में अवैध खनन चलता रहा। अवैध खनन के लिए संदिग्ध यमुना, गिरी और बाता समेत बरसाती नालों के आसपास ज्यादा होता है।