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पुरुवाला स्टोर से चल रहा था नशीली दवाइयों का गोरखधंधा

Fri, 26 Apr 2019 10:19 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Apr 2019 10:19 PM IST
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पुरुवाला स्टोर से चल रहा था नशीली दवाइयों का गोरखधंधा
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा के माजरा क्षेत्र में अवैध नशीली दवाइयों का गोरखधंधा पिछले करीब डेढ़ सालों से चल रहा था। बाहरी राज्यों से लाकर अवैध दवाइयां इसी स्टोर में रखी जाती थीं और यहीं से बाद में इधर-उधर सप्लाई की जाती थी। एक तरह से यह स्टोर अवैध दवाइयों का मुख्य अड्डा था। एनएच पर होने के चलते रात को मौका मिलते ही चोरी छिपे पड़ोसी राज्यों तक खेप पहुंचा दी जाती थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच इसी ओर इशारा कर रही है। इस मामले में गिरफ्तारियां होने के बाद कई सनसनीखेज खुलासे हो सकते हैं।
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पांवटा के पुरुवाला में एक स्थानीय आटा चक्की संचालक की एनएच-07 के किनारे भवन में दुकानें हैं जो दवा इकाई ने मामूली किराये पर स्टोर के लिए ले रखी थीं। दिन के समय यह स्टोर बंद ही रहता था। इस वजह से किसी को भी संदेह नहीं हुआ। सूत्रों की मानें तो रात के समय अवैध नशे की खेप सिरप और गोलियां इस स्टोर में भर दी जाती थीं। रात को ही चोरी-छिपे अवैध नशे की खेप पड़ोसी राज्यों और सिरमौर के विभिन्न स्थलों पर पहुंचा दी जाती थीं। यह गोरखधंधा शातिराना तरीके से चल रहा था। अवैध नशे के धंधे के तार किन-किन पड़ोसी राज्यों से जुड़े हैं, इसका खुलासा गिरफ्तारियों के बाद ही हो सकेगा। बताया जा रहा है कि इसी जगह पर डेढ़ वर्ष पहले तक ढाबा संचालित होता था। अब यह पास ही दूसरे जगह पर शिफ्ट हो गया है।
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पुख्ता जानकारी के बाद ही दी दबिश
स्टेट नारकोटिक्स क्राइम कंट्रोल (एसएमसीसी) शिमला की टीम लंबे अरसे से रणनीति बनाकर पुख्ता सबूत जुटा रही थी, जिससे संदिग्ध दवा इकाई पर संदेह होने से पहले ही अवैध नशे की खेप तक भी पहुंचा जा सके। अवैध नशे के स्टोर की भी टीम को जानकारी है, इसकी दवा इकाई प्रबंधन को भनक तक नहीं लगने दी। बताया जा रहा है कि एसएमसीसी शिमला टीम में शामिल एसआई जगजीत सिंह, मुख्य आरक्षी विक्रमजीत सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर सुरेश चौहान और ड्रग इंस्पेक्टर भूमिका की संयुक्त टीम ने सबसे पहले संदिग्ध दवा इकाई का पूरा रिकॉर्ड खंगाला। इसमें दवा के निर्माण, विक्री से लेकर नियमानुसार और अनुमति प्राप्त स्टोर तक की जानकारी ली गई। इकाई के रिकॉर्ड के अनुसार पुरुवाला एनएच किनारे इकाई से करीब 400 मीटर दूरी पर स्टोर नहीं था। जैसे ही टीम ने बंद पड़े संदिग्ध स्टोर में पिछले रास्ते से प्रवेश किया तो टीम भी दंग रह गई। स्टोर में ठूंस-ठूंस कर दर्जनों पेटियों में नशीली दवाओं की गोलियों और शीशियों को भरा गया था।
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