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दो जिगरी यार एक साथ हुए दुनिया से रुखसत
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ददाहू (सिरमौर)। रजाणा गांव के दो जिगरी दोस्तों की दोस्ती कभी नहीं टूटी। जिगरी यार वीरवार रात हुए टिप्पर हादसे में एक साथ इस दुनिया से रुखसत हो गए।
इससे पूरा गांव गहरे सदमे में है। वीरवार को दोनों दोस्तों की चिताएं एक साथ जलीं। उन्हें विदाई देने पहुंचे सैकड़ों लोगों के दिल भी यह हृदयविदारक पल देखकर अपने आंसू नहीं रोक पाए। हादसे ने आठ बच्चों से उनके पिताओं का साया छीन लिया है, जबकि दो सुहागिनों की मांग सूनी हो गई।
यह हादसा दो परिवारों पर पहाड़ बनकर टूटा है। दुर्घटना में मारे गए दोनों ही व्यक्ति आपस में मित्र थे। दोनों ही एक साथ पढ़ाई करते थे। एचआरटीसी में कार्यरत परिचालक सुरेंद्र सिंह की टिप्पर चालक बलवीर सिंह के साथ गहरी दोस्ती थी। दोनों ही दोस्त टिप्पर हादसे में एक साथ मौत का शिकार हो गए। बलवीर की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है। बलवीर सिंह घर में इकलौता कमाने वाला था। वह अपने पीछे पत्नी, मानसिक रूप से बीमार पिता और छह बच्चों को छोड़ गया है। जबकि सुरेंद्र सिंह की पत्नी मानलदोची स्कूल में एसएमसी शिक्षिका है। सुरेंद्र के दो बच्चे अपने पिता के घर आने की राह ताक रहे हैं। हादसे ने एक साथ आठ बच्चों के सिर से उनके पिता का साया छिन लिया है। उधर, परिचालक की मौत पर एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक रशीद शेख ने ददाहू पहुंचकर परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हादसे पर दुख जताया है।
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इससे पूरा गांव गहरे सदमे में है। वीरवार को दोनों दोस्तों की चिताएं एक साथ जलीं। उन्हें विदाई देने पहुंचे सैकड़ों लोगों के दिल भी यह हृदयविदारक पल देखकर अपने आंसू नहीं रोक पाए। हादसे ने आठ बच्चों से उनके पिताओं का साया छीन लिया है, जबकि दो सुहागिनों की मांग सूनी हो गई।
यह हादसा दो परिवारों पर पहाड़ बनकर टूटा है। दुर्घटना में मारे गए दोनों ही व्यक्ति आपस में मित्र थे। दोनों ही एक साथ पढ़ाई करते थे। एचआरटीसी में कार्यरत परिचालक सुरेंद्र सिंह की टिप्पर चालक बलवीर सिंह के साथ गहरी दोस्ती थी। दोनों ही दोस्त टिप्पर हादसे में एक साथ मौत का शिकार हो गए। बलवीर की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है। बलवीर सिंह घर में इकलौता कमाने वाला था। वह अपने पीछे पत्नी, मानसिक रूप से बीमार पिता और छह बच्चों को छोड़ गया है। जबकि सुरेंद्र सिंह की पत्नी मानलदोची स्कूल में एसएमसी शिक्षिका है। सुरेंद्र के दो बच्चे अपने पिता के घर आने की राह ताक रहे हैं। हादसे ने एक साथ आठ बच्चों के सिर से उनके पिता का साया छिन लिया है। उधर, परिचालक की मौत पर एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक रशीद शेख ने ददाहू पहुंचकर परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हादसे पर दुख जताया है।
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