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आरक्षित वन क्षेत्र में काटे डेढ़ लाख के पेड़
Updated Fri, 02 Feb 2018 11:49 PM IST
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- फोटो : demo
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अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)।
उपमंडल शिलाई के अंतर्गत आने वाली गोगा जाहरवीर माड़ी के निकट वन काटुओं ने आरक्षित वन क्षेत्र में देवदार के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी है। लगभग डेढ़ लाख रुपये की कीमत के चार देवदार के हरे-भरे पेड़ों को धराशाही कर वन काटुए फरार हो गए हैं लेकिन पुलिस और वन विभाग उनका पता तक नहीं लगा पाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र कार्यालय शिलाई के अंतर्गत गोगा जाहरवीर माड़ी के निकट आरक्षित वन क्षेत्र में गत दिवस वन काटुओं ने चार देवदार के पेड़ों को काट दिया। शिलाई पुलिस थाना में इसका मामला दर्ज हुआ है। वन विभाग व पुलिस वन काटुओं को पकड़ने में अभी तक नाकाम साबित हुए हैं। इलाके में दर्जनों मकान निर्माणाधीन हैं जिनमें इमारती लकड़ी का इस्तेमाल भी हो रहा है। यह लकड़ी कहां से आ रही है, इसका कोई पता नहीं है। इलाके में किसी तरह का कोई डिपो भी नहीं है।
सूत्र बताते हैं कि जंगलों में ही आरा मशीनें लगी हुई हैं लेकिन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। विडंबना यह है कि विभाग भी तभी कार्रवाई अमल में लाएगा जब कोई शिकायत करें। शिलाई के वन परिक्षेत्र अधिकारी सुप्रभात ठाकुर ने कहाकि माड़ी के निकट आरक्षित वन क्षेत्र में पेड़ों का कटान हुआ है। शिलाई थाना में वन अधिनियम की धारा 26 व 33 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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उधर, शिलाई थाना के प्रभारी दूलो राम ने बताया कि अवैध कटान के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जबकि वन रक्षक हुक्मीराम ने बताया कि हाल ही में यह पेड़ काटे गए हैं जिसकी जानकारी आला अधिकारियों को दी गई थी।
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शिलाई (सिरमौर)।
उपमंडल शिलाई के अंतर्गत आने वाली गोगा जाहरवीर माड़ी के निकट वन काटुओं ने आरक्षित वन क्षेत्र में देवदार के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी है। लगभग डेढ़ लाख रुपये की कीमत के चार देवदार के हरे-भरे पेड़ों को धराशाही कर वन काटुए फरार हो गए हैं लेकिन पुलिस और वन विभाग उनका पता तक नहीं लगा पाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र कार्यालय शिलाई के अंतर्गत गोगा जाहरवीर माड़ी के निकट आरक्षित वन क्षेत्र में गत दिवस वन काटुओं ने चार देवदार के पेड़ों को काट दिया। शिलाई पुलिस थाना में इसका मामला दर्ज हुआ है। वन विभाग व पुलिस वन काटुओं को पकड़ने में अभी तक नाकाम साबित हुए हैं। इलाके में दर्जनों मकान निर्माणाधीन हैं जिनमें इमारती लकड़ी का इस्तेमाल भी हो रहा है। यह लकड़ी कहां से आ रही है, इसका कोई पता नहीं है। इलाके में किसी तरह का कोई डिपो भी नहीं है।
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सूत्र बताते हैं कि जंगलों में ही आरा मशीनें लगी हुई हैं लेकिन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। विडंबना यह है कि विभाग भी तभी कार्रवाई अमल में लाएगा जब कोई शिकायत करें। शिलाई के वन परिक्षेत्र अधिकारी सुप्रभात ठाकुर ने कहाकि माड़ी के निकट आरक्षित वन क्षेत्र में पेड़ों का कटान हुआ है। शिलाई थाना में वन अधिनियम की धारा 26 व 33 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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उधर, शिलाई थाना के प्रभारी दूलो राम ने बताया कि अवैध कटान के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जबकि वन रक्षक हुक्मीराम ने बताया कि हाल ही में यह पेड़ काटे गए हैं जिसकी जानकारी आला अधिकारियों को दी गई थी।