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अवैध मकान तोड़ने के बाद बुजुर्ग ने दम तोड़ा
Updated Thu, 28 Dec 2017 10:41 PM IST
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वन विभाग की कार्रवाई का सदमा नहीं झेल पाया कुंदन
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
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पांवटा साहिब (सिरमौर)।
वन विभाग की अवैध कब्जे हटाने की मुहिम एक परिवार पर भारी पड़ गई। अवैध कब्जा गिराने के कुछ घंटे बाद ही एक बुजुर्ग ने सदमे में आकर दम तोड़ दिया। 73 वर्षीय बुजुर्ग की मौत से इलाके में शोक की लहर है। वहीं विभाग की कार्रवाई भी चर्चा का विषय बन गई है।
दरअसल, पांवटा साहिब के सैनवाला में बुधवार को वन विभाग ने अवैध कब्जे हटाने की मुहिम शुरू की थी। इस दौरान विभाग ने एक दलित परिवार का अवैध मकान गिरा दिया। अपने रिहायशी मकान को टूटता देख 73 वर्षीय कुंदन सिंह की तबीयत बिगड़ गई। बुजुर्ग को छाती में तेज दर्द और कंपकंपी हुई। बुधवार रात को उसे क्लीनिक ले जाया जा रहा था लेकिन बुजुर्ग ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सैनवाला की दर्शनी देवी(68), पुरुषोतम सिंह और राजेश कुमार ने बताया कि बुधवार दोपहर वन विभाग के आरओ के अलावा पुलिस और बिजली बोर्ड कर्मियों की एक टीम कब्जे हटाने पहुंची थी।
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दलित परिवार के सदस्यों ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय सैनवाला मेें नौतोड़ जमीन पर कब्जा था। इसी जमीन पर उन्होंने रिहायशी मकान बनाया है। लेकिन, टीम ने दशकों पुराने मकान को बेदखली के नोटिस कहकर गिरा दिया। इसके बाद कुंदन लाल(73) पुत्र रुलिया राम की तबीयत बिगड़ गई। कार्रवाई के बाद बुजुर्ग ने देर शाम को छाती में दर्द व कंपकपी की शिकायत बताई। सांस लेने में दिक्कत आने के बाद रात को बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया।
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अदालत के आदेश पर कर रहे कार्रवाई
डीएफओ पांवटा एसएस राणा ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार 5 बीघा से अधिक भूमि पर अवैध कब्जे वाले पांवटा क्षेत्र के 4 मामलों में कार्रवाई की जा रही है। सैनवाला में भी कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दौरान जिला परिषद सदस्य, पंचायत प्रधान समेत पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कार्रवाई से पहले नोटिस जारी किया गया था। कार्रवाई के दौरान परिवार को किसी भी तरह से धमकाया नहीं गया था।
अब मैं शायद न रहूं...
विभाग की कार्रवाई के बाद कुंदन सिंह ने कहा था कि मेरा मकान नहीं रहा तो शायद अब मैं भी न रहूं। इस पर परिजनों ने बुजुर्ग का हौसला बंधाते हुए कहा कि सब ठीक हो जाएगा। लेकिन, बुजुर्ग की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। परिजनों का कहना है कि मकान समेत कब्जे हटाने की धमकी से वह डर गए थे।