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कमल के पत्तों से रेणुका झील के सौंदर्य को लगा ग्रहण
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ऐतिहासिक रेणुका झील के सौंदर्य को दागदार कर रहे कमल के पत्ते ।
- फोटो : NAHAN
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ददाहू (सिरमौर)। ऐतिहासिक रेणुका झील में इन दिनों कमल के पत्ते परेशानी का सबब बन गए हैं। झील का एक बड़ा भाग कमल के पत्तों की चपेट में आ गया है। झील के मुख्य भाग पर कमल उगने से झील के सौंदर्य को ग्रहण लग गया है। झील में पनपने वाली मछलियों और दूसरे जलचर जंतुओं को भी इससे परेशानी झेलनी पड़ रही है। जानकारी के अनुसार झील के एक चौथाई हिस्से पर कमल के पत्ते उग आए हैं। झील के बिगड़ रहे सौंदर्य से वन्य प्राणी विभाग बेखबर बैठा है। इसके अलावा झील की सुरक्षा दीवार भी कई जगहों से टूट कर गिर रही है जिससे यहां लोगों के झील में गिरने का खतरा निरंतर बना हुआ है।
गौरतलब रहे कि लॉकडाउन खुल जाने के बाद अब पर्यटक रेणुका जी में आने शुरू हो गए हैं। यहां झील का बिगड़ता सौंदर्य और पानी से आती दुर्गंध उन पर्यटकों के मन पर बुरा प्रभाव छोड़ रही है जिससे स्थानीय लोग भी परेशान नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि झील के सौंदर्य को बनाए रखने की आवश्यकता है ताकि बाहरी राज्यों से आए पर्यटकों के मन पर बुरा प्रभाव न पड़े।
उधर, वन्य प्राणी विहार रेणुका के कार्यवाहक आरओ मुंशी राम ने बताया कि रेणुका झील से कमल के पत्तों को निकालने के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। बजट का प्रावधान होते ही कमल के पत्तों को झील से निकलवा दिया जाएगा।
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गौरतलब रहे कि लॉकडाउन खुल जाने के बाद अब पर्यटक रेणुका जी में आने शुरू हो गए हैं। यहां झील का बिगड़ता सौंदर्य और पानी से आती दुर्गंध उन पर्यटकों के मन पर बुरा प्रभाव छोड़ रही है जिससे स्थानीय लोग भी परेशान नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि झील के सौंदर्य को बनाए रखने की आवश्यकता है ताकि बाहरी राज्यों से आए पर्यटकों के मन पर बुरा प्रभाव न पड़े।
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उधर, वन्य प्राणी विहार रेणुका के कार्यवाहक आरओ मुंशी राम ने बताया कि रेणुका झील से कमल के पत्तों को निकालने के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। बजट का प्रावधान होते ही कमल के पत्तों को झील से निकलवा दिया जाएगा।
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