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Sirmour News: कोर्ट ने जमीन खोदने, निर्माण करने पर लगाई रोक
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नाहन। जमीन खोदाई, निर्माण और पेड़ काटने के विवाद में सिविल कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित किया है। सिविल जज विकास कपूर की अदालत ने बाली राम की ओर से दायर सिविल मिसलेनियस एप्लीकेशन को मंजूर करते हुए प्रतिवादी बंसी राम को विवादित भूमि पर खोदाई, निर्माण करने और पेड़ काटने से रोक दिया है। यह रोक मुख्य वाद के निपटारे तक प्रभावी रहेगी।
तहसील शिलाई निवासी वादी बाली राम ने अदालत में आरोप लगाया था कि 6 अप्रैल 2025 को प्रतिवादी ने बिना किसी अधिकार के विवादित जमीन पर खोदाई शुरू कर दी और उनके हिस्से में मौजूद पेड़ काट दिए। विरोध करने पर धमकी देने का आरोप भी लगाया गया।
प्रतिवादी ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि बाली राम का जमीन पर विशेष कब्जा नहीं है और भूमि बंधक है। अदालत ने मामले से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। इसमें पाया गया कि वर्ष 2020-21 की जमाबंदी में बाली राम का नाम सह-स्वामी के रूप में दर्ज है। इसके अलावा कब्जे के कॉलम में भी बाली राम और अन्य सह-हिस्सेदारों का कब्जा दर्ज पाया गया।
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रिकॉर्ड और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अदालत ने अंतरिम राहत प्रदान करते हुए प्रतिवादी को विवादित भूमि की स्थिति में बदलाव करने से रोक दिया। संवाद
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तहसील शिलाई निवासी वादी बाली राम ने अदालत में आरोप लगाया था कि 6 अप्रैल 2025 को प्रतिवादी ने बिना किसी अधिकार के विवादित जमीन पर खोदाई शुरू कर दी और उनके हिस्से में मौजूद पेड़ काट दिए। विरोध करने पर धमकी देने का आरोप भी लगाया गया।
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प्रतिवादी ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि बाली राम का जमीन पर विशेष कब्जा नहीं है और भूमि बंधक है। अदालत ने मामले से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। इसमें पाया गया कि वर्ष 2020-21 की जमाबंदी में बाली राम का नाम सह-स्वामी के रूप में दर्ज है। इसके अलावा कब्जे के कॉलम में भी बाली राम और अन्य सह-हिस्सेदारों का कब्जा दर्ज पाया गया।
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रिकॉर्ड और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अदालत ने अंतरिम राहत प्रदान करते हुए प्रतिवादी को विवादित भूमि की स्थिति में बदलाव करने से रोक दिया। संवाद