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Sirmour News: अदालत 5
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चेक बाउंस मामले में 1 साल और छह महीने की सजा पर रोक
नाहन। सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस के दो अलग-अलग मामलों में दोषी को राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट की दी सजाओं पर रोक लगाई है। अदालत से यह आदेश प्रेम सिंह बनाम राज्य सहकारी एआरडी बैंक मामलों में दिए हैं।
साल 2022 के चेक बाउंस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, राजगढ़ ने 30 जनवरी 2026 को प्रेम सिंह को दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा और 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। दूसरे मामले में उसे छह महीने का कारावास और 30 हजार का मुआवजा देने का आदेश दिया गया था। दोषसिद्धि के खिलाफ प्रेम सिंह ने सत्र न्यायालय में दो अलग-अलग अपीलें दायर की थीं। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि निपटारे में समय लग सकता है। इसी कारण सजाओं के फैसले को अपीलों के अंतिम निपटान तक निलंबित कर दिया।
अदालत ने शर्त लगाई है कि प्रेम सिंह को दोनों मामलों की मुआवजा राशि का 20-20 प्रतिशत जमा करना होगा। साथ ही 25-25 हजार का व्यक्तिगत बांड और समान राशि के एक-एक जमानतदार पेश करने होंगे। इसके अलावा अपीलें असफल रहने पर सजा भुगतने के लिए आत्मसमर्पण करना होगा।
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संवाद
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नाहन। सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस के दो अलग-अलग मामलों में दोषी को राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट की दी सजाओं पर रोक लगाई है। अदालत से यह आदेश प्रेम सिंह बनाम राज्य सहकारी एआरडी बैंक मामलों में दिए हैं।
साल 2022 के चेक बाउंस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, राजगढ़ ने 30 जनवरी 2026 को प्रेम सिंह को दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा और 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। दूसरे मामले में उसे छह महीने का कारावास और 30 हजार का मुआवजा देने का आदेश दिया गया था। दोषसिद्धि के खिलाफ प्रेम सिंह ने सत्र न्यायालय में दो अलग-अलग अपीलें दायर की थीं। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि निपटारे में समय लग सकता है। इसी कारण सजाओं के फैसले को अपीलों के अंतिम निपटान तक निलंबित कर दिया।
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अदालत ने शर्त लगाई है कि प्रेम सिंह को दोनों मामलों की मुआवजा राशि का 20-20 प्रतिशत जमा करना होगा। साथ ही 25-25 हजार का व्यक्तिगत बांड और समान राशि के एक-एक जमानतदार पेश करने होंगे। इसके अलावा अपीलें असफल रहने पर सजा भुगतने के लिए आत्मसमर्पण करना होगा।
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