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घर पहुंचने की जल्दी में भूले कोरोना नियम
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नाहन बस स्टोपेज पर दिल्ली गेट से बस में चढ़ते यात्री।
- फोटो : NAHAN
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नाहन (सिरमौर)। घर पहुंचने की जल्दी में लोग कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। नाहन शहर से ग्रामीण इलाकों को रवाना होने वाली बसें सौ फीसदी से अधिक यात्रियों के साथ जा रही हैं। न तो इन बसों का चालान हो रहा है और न ही विभाग जांच कर रहा है। न सिर्फ निजी बल्कि सरकारी बसों के चालक भी सरेआम नियम तोड़ते नजर आ रहे हैं।
सवारियों की इस भीड़ से तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों को भी झटका लगा है। वीरवार को लोगों में महामारी का खौफ नजर नहीं आया। जिला मुख्यालय नाहन में वीरवार को बसों में कोविड से बचाव को लेकर लागू नियमों की धज्जियां उड़ती देखी गईं।
कुछ बसों में इतनी अधिक भीड़ रही कि सवारियों को पांव रखने की जगह भी नसीब नहीं हुई। इस दौरान न केवल सामाजिक दूरी के नियम तार-तार हुए बल्कि कई सवारियों ने मास्क पहनने से भी परहेज रखा। सुबह करीब साढ़े 11 बजे जिला मुख्यालय नाहन से ग्रामीण इलाकों में जा रही सरकारी बस में भीड़ का आलम बना रहा।
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शाम के समय भी जिले के ऊपरी क्षेत्रों की ओर जाने वाली बसों में किसी तरह का कोई प्रोटोकाल नजर नहीं आया। अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऐसी स्थिति में कोविड से बचाव कैसे संभव हो सकता है। बता दें कि सरकार और जिला प्रशासन ने बसों में सीट क्षमता के अनुसार 50 फीसदी सवारियों को बिठाने की मंजूरी दी है। बावजूद इसके सरकारी और निजी बसों में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है।
अकसर यह भी देखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई रूटों पर बसों का भारी अभाव है। इस वजह से भी बसों में भीड़ होना स्वाभाविक है। दर्जनों ऐसे रूट हैं, जहां सवारियों को आवाजाही संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता आ रहा है। रूट पर इक्का-दुक्का बसें चलाए जाने से बसों में भीड़ बढ़ रही है। यात्री बस में सफर करते समय कोविड से बचाव को लेकर खास एहतियात बरतते नहीं दिख रहे हैं।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोना चौहान ने बताया कि जल्द ही बसों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि बसों में सीट क्षमता के अनुसार 50 फीसदी सवारियों को ही बिठाया जा सकता है। यदि इसका उल्लंघन किया जा रहा है तो विभाग कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगा।
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सवारियों की इस भीड़ से तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों को भी झटका लगा है। वीरवार को लोगों में महामारी का खौफ नजर नहीं आया। जिला मुख्यालय नाहन में वीरवार को बसों में कोविड से बचाव को लेकर लागू नियमों की धज्जियां उड़ती देखी गईं।
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कुछ बसों में इतनी अधिक भीड़ रही कि सवारियों को पांव रखने की जगह भी नसीब नहीं हुई। इस दौरान न केवल सामाजिक दूरी के नियम तार-तार हुए बल्कि कई सवारियों ने मास्क पहनने से भी परहेज रखा। सुबह करीब साढ़े 11 बजे जिला मुख्यालय नाहन से ग्रामीण इलाकों में जा रही सरकारी बस में भीड़ का आलम बना रहा।
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शाम के समय भी जिले के ऊपरी क्षेत्रों की ओर जाने वाली बसों में किसी तरह का कोई प्रोटोकाल नजर नहीं आया। अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऐसी स्थिति में कोविड से बचाव कैसे संभव हो सकता है। बता दें कि सरकार और जिला प्रशासन ने बसों में सीट क्षमता के अनुसार 50 फीसदी सवारियों को बिठाने की मंजूरी दी है। बावजूद इसके सरकारी और निजी बसों में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है।
अकसर यह भी देखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई रूटों पर बसों का भारी अभाव है। इस वजह से भी बसों में भीड़ होना स्वाभाविक है। दर्जनों ऐसे रूट हैं, जहां सवारियों को आवाजाही संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता आ रहा है। रूट पर इक्का-दुक्का बसें चलाए जाने से बसों में भीड़ बढ़ रही है। यात्री बस में सफर करते समय कोविड से बचाव को लेकर खास एहतियात बरतते नहीं दिख रहे हैं।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोना चौहान ने बताया कि जल्द ही बसों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि बसों में सीट क्षमता के अनुसार 50 फीसदी सवारियों को ही बिठाया जा सकता है। यदि इसका उल्लंघन किया जा रहा है तो विभाग कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगा।

नाहन से कौलांवालाभूड़ रूट पर चलने वाली बस में खड़े होकर सफर करते यात्री।- फोटो : NAHAN