हरिपुरधार (सिरमौर)। भारी बर्फबारी के बाद क्षेत्र में चरमराई विद्युत व्यवस्था को पटरी पर लाने में बोर्ड के कर्मचारियों को खूब पसीना बहाना पड़ रहा है। दिन-रात काम करके कस्बे के क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए जहां बोर्ड के कर्मचारियों की जमकर प्रशंसा हो रही है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने में हो रही देरी के कारण लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। गत्ताधार, भलाड़ भलौना, गेहल डिमाइना, सांगना व सत्ताहन समेत क्षेत्र की पांच पंचायतों में आठ दिन के बाद भी विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। नौ ट्रांसफार्मर पूरी तरह से बंद पड़े हैं, जिसके कारण क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में पिछले 8 दिन से अंधेरा पसरा हुआ है।
विद्युत आपूर्ति ठप होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग विद्युत बोर्ड के उच्चधिकारियों तक इसकी शिकायत कर चुके हैं। शिकायत करने के बाद उन्हें आश्वासन मिलते रहे कि जल्द बिजली बहाल कर दी जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद आठ दिन अंधेरे में कट गए, लेकिन बिजली नहीं आई। गेहल डिमाइना पंचायत की प्रधान उपासना ने बताया कि उनकी पंचायत में 8 दिन से बिजली नहीं है। लोगों को अपने मोबाइल चार्ज करने के लिए 15 किलोमीटर दूर हरिपुरधार जाना पड़ रहा है। चुइनाधार निवासी अनंतराम शर्मा ने बताया कि इसकी शिकायत बोर्ड के उच्चाधिकारियों के अलावा ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी से भी की गई है। सहायक अभियंता सचिन कपूर ने बताया कि क्षेत्र के आधा दर्जन ट्रांसफार्मर बंद हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम तक सभी ट्रांसफार्मरों को चालू करके सभी पंचायतों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।