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स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर पांवटा में जमकर नारेबाजी

Mon, 20 Dec 2021 10:48 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Dec 2021 10:48 PM IST
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bahti vikas yuva manch strike in ponta sahib  one the issues of poor services  in ponta hospitals
पांवटा सिविल अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य सेवाएं की बदहाली को लेकर प्रदर्शन करते बाहती युवा मंच ? - फोटो : NAHAN
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा पर बाहती विकास युवा मंच ने जमकर रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर नारेबाजी भी की गई। बाहती विकास युवा मंच के नेतृत्व में कई संगठनों के लोग सोमवार को विश्राम गृह में एकत्रित हुए। इसके बाद वह मुख्य बाजार से होकर अस्पताल परिसर तक पहुंचे। रैली के दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। अस्पताल पहुंचकर संगठनों के लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहाकि जब तक अस्पताल की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
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बाहती विकास युवा मंच के जिलाध्यक्ष सुनील चौधरी ने कहा कि लंबे अर्से से पांवटा सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन शुरू करने के लिए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को लिखा जा रहा था लेकिन स्वास्थ्य विभाग, सिविल अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन मूक दर्शक बने हुए हैं। जबकि इलाज के लिए सबसे अधिक गर्भवती महिलाएं दिक्क़तें झेल रहीं हैं। हर रोज दर्जनों महिलाएं सिविल अस्पताल पहुंचती हैं। केंद्र और राज्य सरकार ने इनको फ्री अल्ट्रासाउंड टेस्ट सुविधा रखी है लेकिन पांच वर्षों से महंगे दामों पर अब तक हजारों महिलाओं को बाहर से टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं।
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बीडीसी सदस्य गुरविंद्र सिंह, सुशील कुमार, प्रेस सचिव नरेश चौधरी, कानूनी सलाहकार हिमांशु परवाल, धर्मपाल, प्रदीप चौधरी, सुरेंद्र पाल ने कहाकि जिले को लंबे अरसे बाद मंत्री पद मिला है। इसके बाद भी स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई लाभ नहीं है। पांवटा अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही। अस्पताल में डॉक्टरों के साथ-साथ 88 पद रिक्त चल रहे हैं।
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इससे पूर्व जब प्रदर्शनकारी अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल प्रबंधन और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की नोक झोंक भी हुई। अस्पताल प्रबंधन ने वहां किसी तरह की नारेबाजी नहीं करने को कहा। इसके बाद प्रदर्शनकारी गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ. अमिताभ जैन ने कहा कि अस्पताल में सात दिन में दो ऑर्थो डॉक्टर आ चुके हैं।
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