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अमर उजाला शिक्षा अभियान : दो अप्रैल को नौरंगाबाद स्कूल में लगेगा चार्ली चैपलिन का शो
Thu, 31 Mar 2022 12:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, सिरमौर
अमर उजाला ब्यूरो, सिरमौर
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2022 12:33 AM IST
सार
प्रोजेक्टर के माध्यम से बच्चों को फिल्में दिखाई जा रही हैं। सिनेमाघर इस तरह तैयार किया है, जहां सिनेमा से जुड़े कैमरा, क्रैप बोर्ड, प्रोजेक्टर, रील के साथ फिल्म की टेक्नोलॉजी भी बच्चे सीख सकते हैं। परीक्षा के दौरान सिनेमाघर को बंद किया गया था।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
जनपद सिरमौर के राजकीय उच्च विद्यालय नौरंगाबाद में आगामी दो अप्रैल को चार्ली चैपलिन की फिल्म बच्चों को दिखाई जाएगी। स्कूल प्रबंधन ने इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। दरअसल, नौरंगाबाद प्रदेश का एकमात्र ऐसा स्कूल है, जहां बच्चों को मिनी सिनेमाघर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। परीक्षाओं के बाद नए शैक्षणिक सत्र के लिए बच्चों को मानसिक रूप से तैयार किया जाएगा। साथ ही बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए शिक्षाप्रद फिल्में दिखाकर बच्चों की थकावट भी दूर होगी।
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बता दें कि नौरंगाबाद स्कूल के मुख्य अध्यापक संजीव अत्री ने गत वर्ष 14 नवंबर को बच्चों के लिए मिनी सिनेमाघर समर्पित किया। जहां पाठ्य विषय से जुड़ीं 300 फिल्मों का संग्रह है। डेढ़ हजार विजुअल्स भी हैं। सिनेमाघर में परदे लगाए गए हैं। प्रोजेक्टर के माध्यम से बच्चों को फिल्में दिखाई जा रही हैं। सिनेमाघर इस तरह तैयार किया है, जहां सिनेमा से जुड़े कैमरा, क्रैप बोर्ड, प्रोजेक्टर, रील के साथ फिल्म की टेक्नोलॉजी भी बच्चे सीख सकते हैं। परीक्षा के दौरान सिनेमाघर को बंद किया गया था। अब फिर से इसे शुरू किया जाएगा।
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चार कक्षाओं में बच्चों की संख्या पहुंची 102
करीब एक साल पहले इस स्कूल में छठी से दसवीं तक 69 विद्यार्थी अध्ययनरत थे। बच्चों को घर से स्कूल बुलाना पड़ता था। जब से मुख्य अध्यापक ने यहां कार्यभार संभाला और मिनी सिनेमाघर समर्पित किया। बच्चों का आंकड़ा 102 पहुंच गया है। जबकि, प्राथमिक स्कूल में 126 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इस आंकड़े को इस बार 300 पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
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रोजाना हो रही बच्चों की काउंसलिंग
स्कूल में बच्चों की रोजाना काउंसलिंग हो रही है। उन्हें कॅरिअर संबंधी टिप्स दिए जा रहे हैं। जीवन में पढ़ाई के महत्व के साथ खेलकूद (जूडो) गतिविधियों में भी बच्चों की रुचि बढ़ाई जा रही है। अमूमन इस स्कूल में बच्चे कम ही संख्या में स्कूल पहुंचते हैं। कई बार बच्चों को घरों स्कूल लाना पड़ता है। पढ़ाई में कम रुचि के चलते ऐसे बच्चों की काउंसलिंग हो रही है। मिनी सिनेमाघर से बच्चे भी स्कूल के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। इस जरिये बच्चे स्कूल में अनुशासन, उठना-बैठना, पढ़ना व लिखना सीख रहे हैं।
बच्चों की दैनिक उपस्थिति बढ़ी
मुख्याध्यापक डॉ. संजीव अत्री ने बताया कि ये फिल्में नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कार्पोरेशन, चिल्ड्रन फिल्म सोसायटी ऑफ इंडिया और मीडिया सेंटर जैसी संस्थाओं के माध्यम से एकत्रित की गई हैं। कुछ फिल्में खरीदी गई हैं। अधिकतर फिल्में और सामग्री पाठ्य विषयों से संबंधित हैं, जिससे बच्चे मोबाइल से दूर रहें। इस प्रयास से बच्चों की दैनिक उपस्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। यहां कठपुतली से भी बच्चों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
काउंसलिंग करके बच्चों को किया जा रहा जागरूक
- शिक्षिका शबीना ने कहा कि कोरोना के दौरान बच्चे पढ़ना-लिखना ही भूल गए। काउंसलिंग से बच्चों को प्रेरित किया जा रहा है।
- शिक्षिका शिवानी शर्मा ने कहा कि मिनी सिनेमाघर से बच्चे स्कूल के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। उन्हें विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
- छात्र जाकिर ने बताया कि शिक्षक उन पर काफी मेहनत कर रहे हैं। उन्हें काबिल बनाने के प्रयास हो रहे हैं।
- रहमत बानो ने बताया कि रोजाना काउंसलिंग से बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है, जो काफी जरूरी है।
- छात्र शाकिर ने बताया कि स्कूल में काबिल स्टाफ है, जो उन्हें मुकाम पर पहुंचाने के हर संभव प्रयास कर रहा है।