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Sirmour News: जटोन बैराज के खुले रखे सभी गेट, तीसरे दिन भी विद्युत उत्पादन ठप
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जटोन बैराज के खुले रखे सभी गेट, तीसरे दिन भी विद्युत उत्पादन ठप
जलस्तर बढ़ने से 3400 क्यूमेक्स पानी, 9000 पीपीएम जमा हुई गाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। जिले में लगातार बारिश के चलते गिरि और जलाल नदी उफान पर हैं। मौसम खुलने से मंगलवार दोपहर बाद 3:00 बजे के करीब गिरि नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई लेकिन गिरि में बाढ़ जैसी स्थिति बनी रहने से जटौन बैराज के सभी 10 गेटों को खुला रखा गया है। इससे तीसरे दिन भी बिजली उत्पादन पूरी तरह से ठप रहा।
तीसरे दिन भी जटौन बैराज में पानी 3300 से 3400 क्यूमेक्स के बीच टिका रहा। जबकि शतप्रतिशत 60 मेगावाट उत्पादन के लिए मात्र 47.06 क्यूमेक्स की ही आवश्यकता है। साथ ही पानी के साथ बहकर आई गाद ( शिल्ट) का प्रभाव भी घटकर 8500-9000 पीपीएम पर स्थिर रही।
तकरीबन 80 घंटों से लगातार उत्पादन ठप रहने से राज्य बिजली बोर्ड के राजस्व पर लाखों रुपये की चपत लगी है। जब तक शिल्ट का प्रभाव घटकर 3000 या 3300 पीपीएम नहीं पहुंच जाता तब तक मशीनों को बंद ही रखा जाएगा। शिल्ट की मात्रा इससे अधिक रहने पर मशीनों के जाम होने की संभावना बनी रहती है। एक दो दिन ओर ऐसी ही स्थिति बनी रहने की संभावना है।
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जटोन बैराज के कनिष्ठ अभियंता तुषार वत्स ने बताया कि तीसरे दिन भी सभी 10 गेटों को खुला रखा गया है। उन्होंने बताया कि जब तक बैराज में शिल्ट का प्रभाव कम नहीं होता तबतक ही मशीनों को बंद रखा जाएगा।
इस कारण सभी गेटों को खुला रखा गया है, ताकि शिल्ट के साथ-साथ अतिरिक्त पानी को बाहर छोड़कर डिस्चार्ज को नियंत्रित किया जा सके।
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जलस्तर बढ़ने से 3400 क्यूमेक्स पानी, 9000 पीपीएम जमा हुई गाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। जिले में लगातार बारिश के चलते गिरि और जलाल नदी उफान पर हैं। मौसम खुलने से मंगलवार दोपहर बाद 3:00 बजे के करीब गिरि नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई लेकिन गिरि में बाढ़ जैसी स्थिति बनी रहने से जटौन बैराज के सभी 10 गेटों को खुला रखा गया है। इससे तीसरे दिन भी बिजली उत्पादन पूरी तरह से ठप रहा।
तीसरे दिन भी जटौन बैराज में पानी 3300 से 3400 क्यूमेक्स के बीच टिका रहा। जबकि शतप्रतिशत 60 मेगावाट उत्पादन के लिए मात्र 47.06 क्यूमेक्स की ही आवश्यकता है। साथ ही पानी के साथ बहकर आई गाद ( शिल्ट) का प्रभाव भी घटकर 8500-9000 पीपीएम पर स्थिर रही।
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तकरीबन 80 घंटों से लगातार उत्पादन ठप रहने से राज्य बिजली बोर्ड के राजस्व पर लाखों रुपये की चपत लगी है। जब तक शिल्ट का प्रभाव घटकर 3000 या 3300 पीपीएम नहीं पहुंच जाता तब तक मशीनों को बंद ही रखा जाएगा। शिल्ट की मात्रा इससे अधिक रहने पर मशीनों के जाम होने की संभावना बनी रहती है। एक दो दिन ओर ऐसी ही स्थिति बनी रहने की संभावना है।
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जटोन बैराज के कनिष्ठ अभियंता तुषार वत्स ने बताया कि तीसरे दिन भी सभी 10 गेटों को खुला रखा गया है। उन्होंने बताया कि जब तक बैराज में शिल्ट का प्रभाव कम नहीं होता तबतक ही मशीनों को बंद रखा जाएगा।
इस कारण सभी गेटों को खुला रखा गया है, ताकि शिल्ट के साथ-साथ अतिरिक्त पानी को बाहर छोड़कर डिस्चार्ज को नियंत्रित किया जा सके।