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स्कूल की छत गिरी, बाल-बाल बची दो छात्राएं
Sirmour
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:33 AM IST
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाता मंडी पांवटा में शनिवार को हादसा होते-होते बच गया। सुबह 11.15 बजे अचानक पुराने जर्जर स्कूल भवन के बरामदे की छत का बड़ा हिस्सा गिर गया, जिससे समीप से गुजर रही कक्षा नौवीं की दो छात्राएं बाल-बाल बच गईं। स्थानीय स्कूल एसएमसी कमेटी ने जर्जर भवन के बारे में विभाग व लोनिवि अधिकारियों को अवगत करवाया, लेकिन आज तक न भवन को गिराया गया और न ही खस्ताहाल भवन की मरम्मत की गई।
एसएमसी कमेटी बातामंडी स्कूल के प्रधान सुरजन सिंह ने कहा कि शनिवार को सुबह दो छात्राएं पानी पीने कक्षा से बाहर निकलीं बरामदे में पहुंचते ही छात्राओं के सिर के एकदम समीप अचानक बरामदे की छत का बड़ा हिस्सा गिर गया, जिससे लड़कियां काफी देर सहमी सी खड़ी रही। इससे पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी है। पुराने भवन को गिराए जाने या मरम्मत की मांग की गई। कुछ माह पहला लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की टीम मौके पर आकर स्थिति देख कर गई, लेकिन अब तक पुराने जर्जर स्कूल भवन के तीन कमरों व बरामदे की मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पाया है, जिससे अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि अगर कोई हादसा होता है तो इसके लिए संबंधित विभाग जिम्मेवार होगा।
उधर, बातामंडी स्कूल के प्रधानाचार्य डा. टीएस सैनी ने पुष्टि कर कहा कि शनिवार को पुराने भवन के बरामदे का काफी भाग अचानक गिर गया। इससे कक्षा नौवीं की दो छात्राएं बाल-बाल बच गईं। प्रधानाचार्य ने कहा कि उनके स्कूल में ज्वाइन करने से पहले लोनिवि अधिकारियों की टीम मौका देख कर गई थी, लेकिन मरम्मत कार्य आज तक शुरूनहीं हो सका है, जिससे अचानक लेंटर का भाग गिरने से बच्चों व स्टाफ के घायल होने का खतरा बना रहता है।
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एसएमसी कमेटी बातामंडी स्कूल के प्रधान सुरजन सिंह ने कहा कि शनिवार को सुबह दो छात्राएं पानी पीने कक्षा से बाहर निकलीं बरामदे में पहुंचते ही छात्राओं के सिर के एकदम समीप अचानक बरामदे की छत का बड़ा हिस्सा गिर गया, जिससे लड़कियां काफी देर सहमी सी खड़ी रही। इससे पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी है। पुराने भवन को गिराए जाने या मरम्मत की मांग की गई। कुछ माह पहला लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की टीम मौके पर आकर स्थिति देख कर गई, लेकिन अब तक पुराने जर्जर स्कूल भवन के तीन कमरों व बरामदे की मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पाया है, जिससे अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि अगर कोई हादसा होता है तो इसके लिए संबंधित विभाग जिम्मेवार होगा।
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उधर, बातामंडी स्कूल के प्रधानाचार्य डा. टीएस सैनी ने पुष्टि कर कहा कि शनिवार को पुराने भवन के बरामदे का काफी भाग अचानक गिर गया। इससे कक्षा नौवीं की दो छात्राएं बाल-बाल बच गईं। प्रधानाचार्य ने कहा कि उनके स्कूल में ज्वाइन करने से पहले लोनिवि अधिकारियों की टीम मौका देख कर गई थी, लेकिन मरम्मत कार्य आज तक शुरूनहीं हो सका है, जिससे अचानक लेंटर का भाग गिरने से बच्चों व स्टाफ के घायल होने का खतरा बना रहता है।
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