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गिरिपार अनुसूचित जनजाति क्षेत्र घोषित हो

Tue, 19 Feb 2013 05:30 AM IST
Sirmour
Sirmour Updated Tue, 19 Feb 2013 05:30 AM IST
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। हाटी संघर्ष समिति गिरिपार ने सांसद वीरेंद्र कश्यप को ज्ञापन सौंपा है। इसमें उत्तराखंड के जौन्सारा की तर्ज पर गिरिपार क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति क्षेत्र घोषित करने की मांग की गई है। सांसद ने हाटी संघर्ष समिति को इस मुद्दे को फिर उठाने का आश्वासन दिया है।
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हाटी संघर्ष समिति गिरिपार महासचिव विजय कंवर, लायक राम शास्त्री, भगवान सिंह कपूर, संजय कंवर, जगदीश शास्त्री, विवेक कंवर, जयपालस तपेंद्र सिंह नंबरदार व सीता राम ने बताया कि गिरिपार क्षेत्र आज भी पिछड़ा है। दशकों पुराने मुद्दे को लेकर सांसद के अब तक के प्रयास सराहनीय रहे हैं। इसलिए इस मुद्दे को महापंजीयक भारत सरकार से हाटी जनजाति के पंजीकरण के बारे में विधानसभा के माध्यम से प्रस्ताव भिजवाने तथा लोकसभा और राज्य सभा में पुरजोर तरीके से उठाने की मांग रखी गई है। गिरिपार के परंपरागत फसलों अदरक व टमाटर के लिए सेब की तर्ज पर समर्थन मूल्य दिलवाने, गिरिपार के तलहटी व भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र घोषित करवा यहां पर सड़कों के निर्माण व रखरखाव को विशेष पैकेज दिलवाने, लालढांग से शिलाई एनएच मार्ग को शीघ्र निर्माण, गिरिपार के सतौन, कफोटा, ददाहू, राजगड़, नौहराधार व हरिपुरधार में लघु इकाइयों को बढ़ावा तथा गिरिपार क्षेेत्र के सतौन में फल व सब्जियों के कोल्ड स्टोर खुलवाने की मांग रखी गई है।
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उधर, सांसद वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि हाटी संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल मिला है। सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। हाटी क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति क्षेत्र घोषित करवाने को मुद्दा फिर उठाया जाएगा।
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