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नौहराधार में प्रदेश का पहला व्हाइट सीमेंट कारखाना खुलने का रास्ता साफ
Updated Tue, 08 May 2018 11:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर के नौहराधार में प्रस्तावित व्हाइट सीमेंट प्लांट को कैबिनेट से हरी झंडी मिल गई है। निजी क्षेत्र में बनने वाले इस कारखाने से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रत्यक्ष तौर पर ही करीब 1500 लोग रोजगार से जुड़ेेंगे। करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाला यह प्रोजेक्ट सिरमौर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का पहला व्हाइट सीमेंट कारखाना होगा।
अरावली इंडिया के अधिकारी कई बार इलाके का दौरा भी कर चुके हैं। 22 मार्च को ही अरावली कंपनी के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण किया था। कंपनी के अधिकारियों की मानें तो यह भारत का दूसरा प्लांट होगा। यहां से पूरे नॉर्थ इंडिया को व्हाइट सीमेंट सप्लाई होगा।
प्रतिदिन यहां से एक हजार टन सीमेंट तैयार व सप्लाई करने की क्षमता होगी। करीब 108 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित होने वाले इस प्लांट से 80 फीसदी स्थानीय लोगों को ही रोजगार के अवसर मिलेंगे। वहीं, कंपनी लाभांश का दो फीसदी नौहराधार के विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च करने के लिए भी तैयार है। मार्च माह में हुई बैठक के दौरान स्थानीय लोगों को कंपनी के अधिकारियों ने आश्वस्त किया है। इससे पहले 26 फरवरी को एसडीएम संगड़ाह की अध्यक्षता वाली कमेटी ने सीमेंट खदान व कारखाने के लिए प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण भी किया था। अधिकारियों की मानेें तो सीमेंट कारखाना के लगने से लगभग 1500 लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। जबकि अप्रत्यक्ष तौर पर भी हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। सीमेंट कारखाना बनने से नौहराधार पंचायत के उलाना, कोहीनार, हठना गांव प्रभावित होंगे।
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प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। कुछ दिन पहले ही प्रशासन की टीम ने इसकी निशानदेही भी की है।
बाक्स--
प्लांट को लेकर विरोध भी जारी
नौहराधार में बनने वाले सफेद सीमेंट कारखाने को लेकर विरोध भी जारी है। हाल ही में चुड़ेश्वर महिला संघर्ष समिति ने इसके विरोध में आवाज बुलंद की थी। वहीं इससे पहले भी कुछ लोग इसका विरोध कर चुके हैं। नौहराधार इलाके का वातावरण खराब होने का हवाला देकर कुछ संस्थाएं इसका विरोध कर रहे हैं। साथ ही इस कारखाने को यहां न खोलकर दूसरी जगह शिफ्ट करने को लेकर भी लोगों ने हामी भरी है।
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नाहन (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर के नौहराधार में प्रस्तावित व्हाइट सीमेंट प्लांट को कैबिनेट से हरी झंडी मिल गई है। निजी क्षेत्र में बनने वाले इस कारखाने से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रत्यक्ष तौर पर ही करीब 1500 लोग रोजगार से जुड़ेेंगे। करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाला यह प्रोजेक्ट सिरमौर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का पहला व्हाइट सीमेंट कारखाना होगा।
अरावली इंडिया के अधिकारी कई बार इलाके का दौरा भी कर चुके हैं। 22 मार्च को ही अरावली कंपनी के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण किया था। कंपनी के अधिकारियों की मानें तो यह भारत का दूसरा प्लांट होगा। यहां से पूरे नॉर्थ इंडिया को व्हाइट सीमेंट सप्लाई होगा।
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प्रतिदिन यहां से एक हजार टन सीमेंट तैयार व सप्लाई करने की क्षमता होगी। करीब 108 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित होने वाले इस प्लांट से 80 फीसदी स्थानीय लोगों को ही रोजगार के अवसर मिलेंगे। वहीं, कंपनी लाभांश का दो फीसदी नौहराधार के विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च करने के लिए भी तैयार है। मार्च माह में हुई बैठक के दौरान स्थानीय लोगों को कंपनी के अधिकारियों ने आश्वस्त किया है। इससे पहले 26 फरवरी को एसडीएम संगड़ाह की अध्यक्षता वाली कमेटी ने सीमेंट खदान व कारखाने के लिए प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण भी किया था। अधिकारियों की मानेें तो सीमेंट कारखाना के लगने से लगभग 1500 लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। जबकि अप्रत्यक्ष तौर पर भी हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। सीमेंट कारखाना बनने से नौहराधार पंचायत के उलाना, कोहीनार, हठना गांव प्रभावित होंगे।
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प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। कुछ दिन पहले ही प्रशासन की टीम ने इसकी निशानदेही भी की है।
बाक्स--
प्लांट को लेकर विरोध भी जारी
नौहराधार में बनने वाले सफेद सीमेंट कारखाने को लेकर विरोध भी जारी है। हाल ही में चुड़ेश्वर महिला संघर्ष समिति ने इसके विरोध में आवाज बुलंद की थी। वहीं इससे पहले भी कुछ लोग इसका विरोध कर चुके हैं। नौहराधार इलाके का वातावरण खराब होने का हवाला देकर कुछ संस्थाएं इसका विरोध कर रहे हैं। साथ ही इस कारखाने को यहां न खोलकर दूसरी जगह शिफ्ट करने को लेकर भी लोगों ने हामी भरी है।