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जलवाहकों को दो महीने से नहीं मिला मानदेय
Updated Sat, 06 Jan 2018 11:09 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब(सिरमौर)। दैनिक भोगी जलवाहकों को पिछले दो माह से मानदेय नहीं मिल सका है। कर्मी लंबे अरसे से नियमित करने की मांग उठाते आ रहे हैं। डेढ़ दशक से कार्यरत इन कर्मियों को नाममात्र का मानदेय दिया जा रहा है। वह भी समय पर नहीं मिल रहा। अब इन कर्मियों ने नव निर्वाचित मुख्यमंत्री व प्रदेश सरकार से बजट का प्रावधान करने की गुुहार लगाई है जिससे वह अपने परिवार का गुजर बस कर सकें।
दैनिक भोगी कर्मियों कांता देवी, मोही राम, हेमलता व राकेश ने कहा कि पूरे जिले में डेढ़ सौ से अधिक ऐसे कर्मी है, जिनको दैनिक भोगी के रुप में मानदेय मिलता है। कई कर्मियों को दैनिक भोगी कर्मियों के रुप में सेवारत होकर डेढ़ दशक से अधिक समय हो चुका है। नियमित होने के लिए विभाग को जरूरी दस्तावेज भी भेज चुके हैं लेकिन पक्का होना तो दूर समय पर नाममात्र का मानदेय भी नहीं मिल पा रहा है।
पांवटा ब्लॉक की यूनियन ने प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग से शीघ्र नियमित करने व लंबित मानदेय प्रदान करने की मांग रखी है। दैनिक भोगी कर्मियों का कहना है कि नवंबर व दिसंबर 2017 में 2 माह का मानदेय अब तक नहीं मिला पाया है। जब भी मांग उठाई गई तो बजट का प्रावधान नहीं हो पाने की बात कही जाती है। दैनिक भोगी कर्मियों का कहना है कि इस नाममात्र के मानदेय से परिवार का पूरा गुजर बसर होता है। दो माह से परिवारों को बजट बुरी तरह से गड़बड़ा गया है।
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उधर, जिला उप शिक्षा निदेशक एलिमेंट्री दलीप सिंह नेगी ने कहा कि जलवाहक संघ की शिकायत नहीं मिली है। फिर भी दैनिक भोगी कर्मियों के मानदेय की मांग सरकार व विभाग के उच्चाधिकारियों को समय पर भेज दी जाती है।
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पांवटा साहिब(सिरमौर)। दैनिक भोगी जलवाहकों को पिछले दो माह से मानदेय नहीं मिल सका है। कर्मी लंबे अरसे से नियमित करने की मांग उठाते आ रहे हैं। डेढ़ दशक से कार्यरत इन कर्मियों को नाममात्र का मानदेय दिया जा रहा है। वह भी समय पर नहीं मिल रहा। अब इन कर्मियों ने नव निर्वाचित मुख्यमंत्री व प्रदेश सरकार से बजट का प्रावधान करने की गुुहार लगाई है जिससे वह अपने परिवार का गुजर बस कर सकें।
दैनिक भोगी कर्मियों कांता देवी, मोही राम, हेमलता व राकेश ने कहा कि पूरे जिले में डेढ़ सौ से अधिक ऐसे कर्मी है, जिनको दैनिक भोगी के रुप में मानदेय मिलता है। कई कर्मियों को दैनिक भोगी कर्मियों के रुप में सेवारत होकर डेढ़ दशक से अधिक समय हो चुका है। नियमित होने के लिए विभाग को जरूरी दस्तावेज भी भेज चुके हैं लेकिन पक्का होना तो दूर समय पर नाममात्र का मानदेय भी नहीं मिल पा रहा है।
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पांवटा ब्लॉक की यूनियन ने प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग से शीघ्र नियमित करने व लंबित मानदेय प्रदान करने की मांग रखी है। दैनिक भोगी कर्मियों का कहना है कि नवंबर व दिसंबर 2017 में 2 माह का मानदेय अब तक नहीं मिला पाया है। जब भी मांग उठाई गई तो बजट का प्रावधान नहीं हो पाने की बात कही जाती है। दैनिक भोगी कर्मियों का कहना है कि इस नाममात्र के मानदेय से परिवार का पूरा गुजर बसर होता है। दो माह से परिवारों को बजट बुरी तरह से गड़बड़ा गया है।
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उधर, जिला उप शिक्षा निदेशक एलिमेंट्री दलीप सिंह नेगी ने कहा कि जलवाहक संघ की शिकायत नहीं मिली है। फिर भी दैनिक भोगी कर्मियों के मानदेय की मांग सरकार व विभाग के उच्चाधिकारियों को समय पर भेज दी जाती है।