{"_id":"5ca4e400bdec2213e272fd36","slug":"81554310144-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"काउंसलिंग में सिलेक्ट उम्मीदवार दरकिनार, उठे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काउंसलिंग में सिलेक्ट उम्मीदवार दरकिनार, उठे सवाल
विज्ञापन
कोड़गा स्कूल में पीजीटी अंग्रेजी की नियुक्ति पर विवाद
काउंसलिंग में चयनित उम्मीदवार दरकिनार, उठे सवाल
एसएमसी ने दूसरे उम्मीदवार को थमा दिया नियुक्ति पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। कोड़गा विद्यालय में पीरियड आधार पर अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता की नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षा विभाग भी विवाद पर चुप्पी साधे है। स्कूल प्रशासन और एसएमसी ने काउंसलिंग में चयनित उम्मीदवार को दरकिनार कर दूसरे अभ्यर्थी को ही नियुक्ति पत्र दे दिया। अब इस पद के लिए दो उम्मीदवार आमने-सामने हैं। स्कूल प्रशासन और एसएमसी न तो काउंसलिंग में उत्तीर्ण हुए उम्मीदवार को नियुक्ति दे पा रही है और न ही दूसरे को। यह मामला शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष भी पहुंचा है लेकिन, विभाग ने अभी तक कोई हस्तक्षेप नहीं किया है। ऐसे में स्कूल प्रशासन और शिक्षा महकमे की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बता दें कि आचार संहिता से लागू होने से पहले सात मार्च को एसडीएम पांवटा ने पीजीटी अंग्रेजी पद के लिए साक्षात्कार (काउंसलिंग) ली। आठ मार्च को एसडीएम ने प्रतिभा कुमारी को नियुक्ति पत्र सौंपा। इससे पहले प्रतिभा का दो मार्च को सीजेरियन हुआ था। 19 मार्च को प्रतिभा ने अनफिट होने की वजह से डिस्चार्ज स्लिप संलग्न कर स्कूल से एक्सटेंशन के लिए अनुमति मांगी। यह मामला स्कूल की ओर से उपनिदेशक को भेजा गया, जहां एक्सटेंशन की अनुमति नहीं मिली। उधर, एक्सटेंशन न देने का मामला उपनिदेशक की ओर से स्कूल भेजा गया। लेकिन, प्रतिभा को इसके बारे में नहीं बताया गया। एक्सटेंशन का जवाब न मिलने के कारण प्रतिभा 27 मार्च को ज्वाइनिंग के लिए स्कूल पहुंची। लेकिन, इस बीच एसएमसी ने अपने स्तर पर निर्णय लेकर स्कूल में दूसरे अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र दे दिया। इसकी जानकारी एसडीएम को भी नहीं दी गई। प्रतिभा के पति विनोद शर्मा का आरोप यह भी है कि एसएमसी ने अपने स्तर पर आचार संहिता में कैसे दूसरे उम्मीदवार को नियुक्ति पत्र थमा दिया। सरकार भी गर्भवती को राहत देती आ रही है। बाकायदा छुट्टियों का प्रावधान है। बावजूद इसके भी वह जब ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे तो स्कूल प्रबंधन ने उनसे और दूसरे उम्मीदवार से भी ज्वाइनिंग के दस्तावेज ले लिए लेकिन, उनकी पत्नी को ज्वाइनिंग नहीं दी गई है। वह अब अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। कार्यवाहक प्रधानाचार्य राममोहन ने बताया कि दूसरे अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र देना एसएमसी का निर्णय है। उधर, उपनिदेशक उच्च शिक्षा दिलबरजीत चौधरी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। उन्होंने माना कि मामला एसडीएम के संज्ञान में लाना चाहिए था। फिर भी वह मामला शिक्षा निदेशक को भेज देंगे।
विज्ञापन
काउंसलिंग में चयनित उम्मीदवार दरकिनार, उठे सवाल
एसएमसी ने दूसरे उम्मीदवार को थमा दिया नियुक्ति पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। कोड़गा विद्यालय में पीरियड आधार पर अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता की नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षा विभाग भी विवाद पर चुप्पी साधे है। स्कूल प्रशासन और एसएमसी ने काउंसलिंग में चयनित उम्मीदवार को दरकिनार कर दूसरे अभ्यर्थी को ही नियुक्ति पत्र दे दिया। अब इस पद के लिए दो उम्मीदवार आमने-सामने हैं। स्कूल प्रशासन और एसएमसी न तो काउंसलिंग में उत्तीर्ण हुए उम्मीदवार को नियुक्ति दे पा रही है और न ही दूसरे को। यह मामला शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष भी पहुंचा है लेकिन, विभाग ने अभी तक कोई हस्तक्षेप नहीं किया है। ऐसे में स्कूल प्रशासन और शिक्षा महकमे की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बता दें कि आचार संहिता से लागू होने से पहले सात मार्च को एसडीएम पांवटा ने पीजीटी अंग्रेजी पद के लिए साक्षात्कार (काउंसलिंग) ली। आठ मार्च को एसडीएम ने प्रतिभा कुमारी को नियुक्ति पत्र सौंपा। इससे पहले प्रतिभा का दो मार्च को सीजेरियन हुआ था। 19 मार्च को प्रतिभा ने अनफिट होने की वजह से डिस्चार्ज स्लिप संलग्न कर स्कूल से एक्सटेंशन के लिए अनुमति मांगी। यह मामला स्कूल की ओर से उपनिदेशक को भेजा गया, जहां एक्सटेंशन की अनुमति नहीं मिली। उधर, एक्सटेंशन न देने का मामला उपनिदेशक की ओर से स्कूल भेजा गया। लेकिन, प्रतिभा को इसके बारे में नहीं बताया गया। एक्सटेंशन का जवाब न मिलने के कारण प्रतिभा 27 मार्च को ज्वाइनिंग के लिए स्कूल पहुंची। लेकिन, इस बीच एसएमसी ने अपने स्तर पर निर्णय लेकर स्कूल में दूसरे अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र दे दिया। इसकी जानकारी एसडीएम को भी नहीं दी गई। प्रतिभा के पति विनोद शर्मा का आरोप यह भी है कि एसएमसी ने अपने स्तर पर आचार संहिता में कैसे दूसरे उम्मीदवार को नियुक्ति पत्र थमा दिया। सरकार भी गर्भवती को राहत देती आ रही है। बाकायदा छुट्टियों का प्रावधान है। बावजूद इसके भी वह जब ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे तो स्कूल प्रबंधन ने उनसे और दूसरे उम्मीदवार से भी ज्वाइनिंग के दस्तावेज ले लिए लेकिन, उनकी पत्नी को ज्वाइनिंग नहीं दी गई है। वह अब अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। कार्यवाहक प्रधानाचार्य राममोहन ने बताया कि दूसरे अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र देना एसएमसी का निर्णय है। उधर, उपनिदेशक उच्च शिक्षा दिलबरजीत चौधरी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। उन्होंने माना कि मामला एसडीएम के संज्ञान में लाना चाहिए था। फिर भी वह मामला शिक्षा निदेशक को भेज देंगे।
विज्ञापन