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क्यों नहीं मिली एंबुलेंस, स्वास्थ्य विभाग ने मांगा जवाब
Updated Wed, 14 Feb 2018 08:16 PM IST
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क्यों नहीं मिली एंबुलेंस, स्वास्थ्य विभाग ने मांगा जवाब
राजगढ़ से रेफर गर्भवती महिला के शिशु की मौत का मामला
लोकल एंबुलेंस का सोलन ले जाने से इंकार
कपिल ठाकुर
नौहराधार (सिरमौर)।
समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण गर्भ में ही शिशु की मृत्यु होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग से जवाब तलब किया गया है। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग ने राजगढ़ अस्पताल से रिपोर्ट मांगी है। पूछा गया है कि आखिर किस वजह से गर्भवती महिला को एंबुलेंस नहीं मिल पाई। हालांकि, कोटली के समीप उसे 108 एंबुलेंस भेजी भी गई, लेकिन लोकल एंबुलेंस होने के कारण यह एंबुलेंस उसे सोलन लेकर नहीं गई।
गौरतलब है कि सोमवार को नौहराधार क्षेत्र के घाटी गांव की मोनिका पत्नी कुलदीप को प्रसव पीड़ा हुई। 108 एंबुलेंस को फोन किया तो हरिपुरधार में उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली। इसके बाद कुलदीप अपनी पत्नी को निजी टैक्सी में राजगढ़ अस्पताल लेकर पहुंचा जहां पर चिकित्सकों ने पूरी जांच के बाद प्री-मेच्यूर डिलीवरी के चलते उन्हें सोलन के लिए रेफर किया। उस दौरान अस्पताल में एंबुलेंस मौजूद नहीं थी। लिहाजा, कुलदीप पत्नी को लेकर टैक्सी में सोलन के लिए निकल गया।
कुलदीप के अनुसार रास्ते में कोटली के पास एंबुलेंस पहुंची लेकिन एंबुलेंस संचालक मरीज को राजगढ़ लेकर जाने की बात कह रहा था। जबकि उनकी पत्नी को सोलन के लिए रेफर किया गया था। ऐसे में इस एंबुलेंस का भी उसे फायदा नहीं मिला। एंबुलेंस संचालक नेे कुलदीप से यह भी लिखकर लिया है कि वह अपनी मर्जी से पत्नी को सोलन लेकर जा रहे हैं।
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उधर, सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि महिला को प्री-मेच्योर डिलीवरी के चलते रेफर किया गया था। अस्पताल में दो एंबुलेंस रहती हैं। 108 की एंबुलेंस स्थानीय इलाके के लिए है जो मरीजों को राजगढ़ अस्पताल पहुंचाती है। यह एंबुलेंस मरीज को अस्पताल से रेफर मरीज को दूसरे अस्पताल लेकर नहीं जा सकती। जबकि दूसरी एंबुलेंस मरीज को लेकर पहले ही सोलन जा चुकी थी। उनके अनुसार कोटली के समीप जब महिला के तीमारदारों ने एंबुलेंस देखी तो फिर 108 को फोन किया गया। स्थानीय क्षेत्र की एंबुलेंस कोटली पहुंची लेकिन वह उसे दूसरे अस्पताल लेकर नहीं जा सकती थी। यह एंबुलेंस सिर्फ मरीजों को राजगढ़ अस्पताल लेकर आ सकती है।
सीएमओ ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है। राजगढ़ सचिवालय से दूरभाष पर मामले की जानकारी मांगी गई है।
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क्यों नहीं मिली एंबुलेंस, स्वास्थ्य विभाग ने मांगा जवाब
राजगढ़ से रेफर गर्भवती महिला के शिशु की मौत का मामला
लोकल एंबुलेंस का सोलन ले जाने से इंकार
कपिल ठाकुर
नौहराधार (सिरमौर)।
समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण गर्भ में ही शिशु की मृत्यु होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग से जवाब तलब किया गया है। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग ने राजगढ़ अस्पताल से रिपोर्ट मांगी है। पूछा गया है कि आखिर किस वजह से गर्भवती महिला को एंबुलेंस नहीं मिल पाई। हालांकि, कोटली के समीप उसे 108 एंबुलेंस भेजी भी गई, लेकिन लोकल एंबुलेंस होने के कारण यह एंबुलेंस उसे सोलन लेकर नहीं गई।
गौरतलब है कि सोमवार को नौहराधार क्षेत्र के घाटी गांव की मोनिका पत्नी कुलदीप को प्रसव पीड़ा हुई। 108 एंबुलेंस को फोन किया तो हरिपुरधार में उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली। इसके बाद कुलदीप अपनी पत्नी को निजी टैक्सी में राजगढ़ अस्पताल लेकर पहुंचा जहां पर चिकित्सकों ने पूरी जांच के बाद प्री-मेच्यूर डिलीवरी के चलते उन्हें सोलन के लिए रेफर किया। उस दौरान अस्पताल में एंबुलेंस मौजूद नहीं थी। लिहाजा, कुलदीप पत्नी को लेकर टैक्सी में सोलन के लिए निकल गया।
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कुलदीप के अनुसार रास्ते में कोटली के पास एंबुलेंस पहुंची लेकिन एंबुलेंस संचालक मरीज को राजगढ़ लेकर जाने की बात कह रहा था। जबकि उनकी पत्नी को सोलन के लिए रेफर किया गया था। ऐसे में इस एंबुलेंस का भी उसे फायदा नहीं मिला। एंबुलेंस संचालक नेे कुलदीप से यह भी लिखकर लिया है कि वह अपनी मर्जी से पत्नी को सोलन लेकर जा रहे हैं।
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उधर, सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि महिला को प्री-मेच्योर डिलीवरी के चलते रेफर किया गया था। अस्पताल में दो एंबुलेंस रहती हैं। 108 की एंबुलेंस स्थानीय इलाके के लिए है जो मरीजों को राजगढ़ अस्पताल पहुंचाती है। यह एंबुलेंस मरीज को अस्पताल से रेफर मरीज को दूसरे अस्पताल लेकर नहीं जा सकती। जबकि दूसरी एंबुलेंस मरीज को लेकर पहले ही सोलन जा चुकी थी। उनके अनुसार कोटली के समीप जब महिला के तीमारदारों ने एंबुलेंस देखी तो फिर 108 को फोन किया गया। स्थानीय क्षेत्र की एंबुलेंस कोटली पहुंची लेकिन वह उसे दूसरे अस्पताल लेकर नहीं जा सकती थी। यह एंबुलेंस सिर्फ मरीजों को राजगढ़ अस्पताल लेकर आ सकती है।
सीएमओ ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है। राजगढ़ सचिवालय से दूरभाष पर मामले की जानकारी मांगी गई है।
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