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विधायकों-सांसदों को पेंशन तो कर्मचारियों को क्यों नहीं
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पुरानी पेंशन योजना अविलंब लागू करे सरकार
स्कूल प्रवक्ता संघ ने केंद्रीय संशोधन को बताया नाकाफी
कहा-विधायकों-सांसदों को पेंशन, तो कर्मियों को क्यों नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ जिला सिरमौर ने प्रदेश सरकार से पुरानी पेंशन योजना को अविलंब लागू करने की मांग की है। संघ ने विधायकों और सांसदों को दी जा रही पेंशन योजना पर भी सवाल खड़े किए हैं। संघ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर, महासचिव आईडी राही, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एमआर वर्मा, राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र नेगी, राज्य कार्यकारिणी के सदस्य संजय शर्मा, रमेश नेगी, राज्य सलाहकार सतीश शर्मा, वित्त सचिव लाल सिंह आदि ने कहा कि सरकारी कर्मचारी जीवन पर्यंत अपनी शारीरिक एवं मानसिक क्षमताओं का दोहन देश और प्रदेश के हित में सरकारी नीतियों का सकारात्मक क्रियान्वयन करता है। ऐसे में सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना सरकार का नैतिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा कि नई पेंशन योजना किसी भी तरह से कर्मचारियों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नई पेंशन योजना के कुछ संशोधन किए हैं जो नाकाफी हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना ही एकमात्र उनकी समस्याओं का सही समाधान है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना से जहां राज्य के कर्मचारियों की अरबों रुपयों की राशि सरकार को विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लिए उपलब्ध होगी वहीं कर्मचारियों का अपना भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। प्रवक्ता संघ ने कहा कि जब विधायकों, सांसदों, मंत्रियों और सुरक्षा सेवारत को पुरानी पेंशन योजना प्रदान की जा सकती है तो कर्मचारियों तथा गृह सेवा कर्मचारियों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है? संघ ने सरकार से मांग की है कि प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना अविलंब बहाल की जाए।
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स्कूल प्रवक्ता संघ ने केंद्रीय संशोधन को बताया नाकाफी
कहा-विधायकों-सांसदों को पेंशन, तो कर्मियों को क्यों नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ जिला सिरमौर ने प्रदेश सरकार से पुरानी पेंशन योजना को अविलंब लागू करने की मांग की है। संघ ने विधायकों और सांसदों को दी जा रही पेंशन योजना पर भी सवाल खड़े किए हैं। संघ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर, महासचिव आईडी राही, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एमआर वर्मा, राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र नेगी, राज्य कार्यकारिणी के सदस्य संजय शर्मा, रमेश नेगी, राज्य सलाहकार सतीश शर्मा, वित्त सचिव लाल सिंह आदि ने कहा कि सरकारी कर्मचारी जीवन पर्यंत अपनी शारीरिक एवं मानसिक क्षमताओं का दोहन देश और प्रदेश के हित में सरकारी नीतियों का सकारात्मक क्रियान्वयन करता है। ऐसे में सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना सरकार का नैतिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा कि नई पेंशन योजना किसी भी तरह से कर्मचारियों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नई पेंशन योजना के कुछ संशोधन किए हैं जो नाकाफी हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना ही एकमात्र उनकी समस्याओं का सही समाधान है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना से जहां राज्य के कर्मचारियों की अरबों रुपयों की राशि सरकार को विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लिए उपलब्ध होगी वहीं कर्मचारियों का अपना भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। प्रवक्ता संघ ने कहा कि जब विधायकों, सांसदों, मंत्रियों और सुरक्षा सेवारत को पुरानी पेंशन योजना प्रदान की जा सकती है तो कर्मचारियों तथा गृह सेवा कर्मचारियों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है? संघ ने सरकार से मांग की है कि प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना अविलंब बहाल की जाए।