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बीईईओ और प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस

Tue, 04 Dec 2018 10:20 PM IST
Updated Tue, 04 Dec 2018 10:20 PM IST
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बीईईओ और प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
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सराहां (सिरमौर)। प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही छात्रवृत्ति योजना की परीक्षा देने से नौ स्कूलों के 43 छात्रों के वंचित रहने का मामला तूल पकड़ गया है। इस मामले में शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक ने संबंधित क्षेत्र के बीईईओ (खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी) और प्रधानाचार्य को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। दोनों को हिदायत दी गई है कि यदि अभिलंब नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मामला उजागर होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही छात्रवृत्ति योजना की परीक्षा में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग की कथित लापरवाही के चलते पच्छाद के नौ स्कूलों के 43 परीक्षार्थी छात्रवृत्ति योजना की परीक्षा देने से वंचित रह गए। अभिभावकों ने विभाग की इस लापरवाही के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है। मंगलवार के अंक में अमर उजाला ने पच्छाद क्षेत्र के नौ स्कूलों के दर्जनों विद्यार्थी छात्रवृत्ति परीक्षा देने से वंचित...शीर्षक के साथ प्रकाशित की थी। अमर उजाला में खबर छपते ही विभाग हरकत में आया है। उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा विपन कुमार ने बीईईओ सराहां और कलोह वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के प्रधानाचार्य से यथास्थिति को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि यदि स्पष्टीकरण में दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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क्या था मामला
29 नवंबर को पूरे प्रदेश के 129 शिक्षा खंडों के विभिन्न स्कूल सेंटरों में माध्यमिक मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत परीक्षा आयोजित की गई थी। हैरानी की बात है कि विभाग की लापरवाही तब उजागर हुई जब एक सेंटर के नौ स्कूलों के छात्र-छात्राओं के नाम सूची में नहीं आ पाए। मामला पच्छाद इलाके के कलोह सेंटर से जुड़ा है। स्कूलों की ओर से इन छात्र-छात्राओं के नाम उपनिदेशक के कार्यालय नहीं भेजे गए। लिहाजा, एन वक्त पर छात्र-छात्राएं इस परीक्षा से वंचित रह गए। इस योजना के तहत परीक्षा पास करने वाले छात्र-छात्राओं को हर वर्ष 800 रुपये की छात्रवृत्ति मिलनी थी।
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