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गौशाला में लिखा जाएगा एक लाख दान करने वाले दानी का नाम
Updated Fri, 31 Aug 2018 10:24 PM IST
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गोशाला में लिखा जाएगा दानी का नाम
लासुंदरी गोशाला की आय बढ़ाने के लिए पहल
पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक में बोले डीसी
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। बालासुंदरी गोशाला नाहन प्रदेश की सबसे अच्छी गोशाला है। यहां पर पशुओं की बेहतर देखभाल की जाती है। इस गोशाला को एक लाख रुपये का दान करने वाले व्यक्ति का नाम गोशाला में सुनहरे अक्षरों में अंकित किया जाएगा। उपायुक्त ललित जैन ने पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 16 नवंबर को गोशाला नाहन में गोपाष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। डीसी ने बालासुंदरी गोशाला नाहन में पंखे लगाने, डंगा लगाने, बिजली की मरम्मत तथा रेलिंग लगाने की स्वीकृति भी प्रदान की। उन्होंने सहायक अभियंता डीआरडीए को निर्देश दिए कि गोशाला में डंगा तथा रेलिंग लगाने का कार्य गोपाष्टमी से पूर्व पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए कि प्रतिदिन गोशाला नाहन में पशु चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने जिला आयुर्वेद अधिकारी को निर्देश दिए कि वह मरीजों को गोमूत्र अर्क के लाभ के बारे में जागरूक करें। इससे पहले सहायक निदेशक पशुपालन विभाग तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण समिति की सचिव डॉ. नीरू शबनम ने बैठक में आए सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्यों का स्वागत किया और गोवंश संवर्धन के लिए उठाए जा रहे प्रभावी कदम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने गोशाला के आय-व्यय का ब्योरा प्रस्तुत करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान गोवंश के चारे तथा रखरखाव पर 14 लाख रुपये व्यय किए गए। बैठक में सहायक आयुक्त शिवम प्रताप सिंह, जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. कविता शर्मा के अतिरिक्त गैर सरकारी सदस्य संजीव शर्मा, सतीश राणा, सुनील गौढ़, राजेंद्र बंसल, डॉ. श्रीकांत गौड़, डॉ. पवन पांडे सहित अन्य सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्यों ने भाग लिया।
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लासुंदरी गोशाला की आय बढ़ाने के लिए पहल
पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक में बोले डीसी
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। बालासुंदरी गोशाला नाहन प्रदेश की सबसे अच्छी गोशाला है। यहां पर पशुओं की बेहतर देखभाल की जाती है। इस गोशाला को एक लाख रुपये का दान करने वाले व्यक्ति का नाम गोशाला में सुनहरे अक्षरों में अंकित किया जाएगा। उपायुक्त ललित जैन ने पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 16 नवंबर को गोशाला नाहन में गोपाष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। डीसी ने बालासुंदरी गोशाला नाहन में पंखे लगाने, डंगा लगाने, बिजली की मरम्मत तथा रेलिंग लगाने की स्वीकृति भी प्रदान की। उन्होंने सहायक अभियंता डीआरडीए को निर्देश दिए कि गोशाला में डंगा तथा रेलिंग लगाने का कार्य गोपाष्टमी से पूर्व पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए कि प्रतिदिन गोशाला नाहन में पशु चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने जिला आयुर्वेद अधिकारी को निर्देश दिए कि वह मरीजों को गोमूत्र अर्क के लाभ के बारे में जागरूक करें। इससे पहले सहायक निदेशक पशुपालन विभाग तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण समिति की सचिव डॉ. नीरू शबनम ने बैठक में आए सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्यों का स्वागत किया और गोवंश संवर्धन के लिए उठाए जा रहे प्रभावी कदम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने गोशाला के आय-व्यय का ब्योरा प्रस्तुत करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान गोवंश के चारे तथा रखरखाव पर 14 लाख रुपये व्यय किए गए। बैठक में सहायक आयुक्त शिवम प्रताप सिंह, जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. कविता शर्मा के अतिरिक्त गैर सरकारी सदस्य संजीव शर्मा, सतीश राणा, सुनील गौढ़, राजेंद्र बंसल, डॉ. श्रीकांत गौड़, डॉ. पवन पांडे सहित अन्य सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्यों ने भाग लिया।