{"_id":"5b61f6694f1c1bc57a8b7ab8","slug":"51533146729-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कनेच स्कूल के 17 बच्चों ने छोड़ा मिड-डे-मील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कनेच स्कूल के 17 बच्चों ने छोड़ा मिड-डे-मील
Updated Wed, 01 Aug 2018 11:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कनेच स्कूल के 17 बच्चों ने छोड़ा मिड-डे-मील
स्वर्ण जाति की कर्मी के हाथ से खाना खाने से किया इंकार
एसएमसी ने प्रस्ताव पारित कर बंद करवा दिया भोजन
अमर उजाला ब्यूरो
राजगढ़ (सिरमौर)। प्रदेश में जातीय भेदभाव से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। स्कूलों में बनने वाले मिड-डे-मील में जाति विशेष के बच्चों को अलग बिठाकर भोजन करवाने के भी मामले सामने आए हैं लेकिन सिरमौर के कनेच गांव में इससे उलट जाति विशेष से जुड़े बच्चों ने सवर्ण जाति से संबंधित महिला कर्मचारी के हाथ का भोजन खाने से इंकार कर दिया है। दरअसल, स्कूल में सवर्ण जाति की महिला की तैनाती को लेकर विवाद चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक शिक्षा खंड राजगढ़ की प्राथमिक पाठशाला कनेच के 17 बच्चों ने दोपहर के भोजन बनाने वाली सामान्य वर्ग की कर्मी के हाथ का खाना खाने से इनकार कर दिया है। स्कूल प्रबंधन समिति ने एक प्रस्ताव पारित करके कहा है कि अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले मिड डे मील कर्मी की हाजिरी नहीं लगाई जा रही है। लिहाजा, उनके बच्चे सवर्ण जाति की महिला मिड-डे-मील कर्मी के हाथ का बना खाना नहीं खाएंगे। इस कारण मंगलवार से यहां दोपहर का भोजन नहीं बन रहा है। इस बारे में बीपीईईओ चेतराम शर्मा ने बताया कि स्कूल में 17 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जो सभी अनुसूचित जाति से ही संबंध रखते हैं। स्कूल प्रबंधन समिति ने ऐसा प्रस्ताव पारित किया है। प्रस्ताव की प्रति मिलने के बाद वह मौके पर गए लेकिन एसएमसी का कोई सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने अध्यापकों के बयान लेकर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है। उन्होंने बताया कि यह मामला कुछ वर्ष पहले का है, जब एसएमसी ने यहां तैनात महिला कर्मी जो सवर्ण जाति से है, उसको हटाकर यहां अनुसूचित जाति के कर्मचारी को तैनात कर दिया। उधर, सवर्ण जाति की महिला कर्मी ने अदालत से स्टे ले लिया, जिस कारण दूसरी नियुक्ति स्वत: ही रद्द हो गई। एसएमसी अदालत के आदेश को दरकिनार करके महिला कर्मी को हटाना चाहती है। इसलिए यह समस्या पेश आ रही है। उन्होंने कहा कि फिर भी इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
विज्ञापन
स्वर्ण जाति की कर्मी के हाथ से खाना खाने से किया इंकार
एसएमसी ने प्रस्ताव पारित कर बंद करवा दिया भोजन
अमर उजाला ब्यूरो
राजगढ़ (सिरमौर)। प्रदेश में जातीय भेदभाव से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। स्कूलों में बनने वाले मिड-डे-मील में जाति विशेष के बच्चों को अलग बिठाकर भोजन करवाने के भी मामले सामने आए हैं लेकिन सिरमौर के कनेच गांव में इससे उलट जाति विशेष से जुड़े बच्चों ने सवर्ण जाति से संबंधित महिला कर्मचारी के हाथ का भोजन खाने से इंकार कर दिया है। दरअसल, स्कूल में सवर्ण जाति की महिला की तैनाती को लेकर विवाद चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक शिक्षा खंड राजगढ़ की प्राथमिक पाठशाला कनेच के 17 बच्चों ने दोपहर के भोजन बनाने वाली सामान्य वर्ग की कर्मी के हाथ का खाना खाने से इनकार कर दिया है। स्कूल प्रबंधन समिति ने एक प्रस्ताव पारित करके कहा है कि अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले मिड डे मील कर्मी की हाजिरी नहीं लगाई जा रही है। लिहाजा, उनके बच्चे सवर्ण जाति की महिला मिड-डे-मील कर्मी के हाथ का बना खाना नहीं खाएंगे। इस कारण मंगलवार से यहां दोपहर का भोजन नहीं बन रहा है। इस बारे में बीपीईईओ चेतराम शर्मा ने बताया कि स्कूल में 17 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जो सभी अनुसूचित जाति से ही संबंध रखते हैं। स्कूल प्रबंधन समिति ने ऐसा प्रस्ताव पारित किया है। प्रस्ताव की प्रति मिलने के बाद वह मौके पर गए लेकिन एसएमसी का कोई सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने अध्यापकों के बयान लेकर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है। उन्होंने बताया कि यह मामला कुछ वर्ष पहले का है, जब एसएमसी ने यहां तैनात महिला कर्मी जो सवर्ण जाति से है, उसको हटाकर यहां अनुसूचित जाति के कर्मचारी को तैनात कर दिया। उधर, सवर्ण जाति की महिला कर्मी ने अदालत से स्टे ले लिया, जिस कारण दूसरी नियुक्ति स्वत: ही रद्द हो गई। एसएमसी अदालत के आदेश को दरकिनार करके महिला कर्मी को हटाना चाहती है। इसलिए यह समस्या पेश आ रही है। उन्होंने कहा कि फिर भी इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
विज्ञापन