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शिलान्यास के एक साल बाद भी नहीं बना रूण नदी पर पुल
Updated Wed, 21 Mar 2018 08:15 PM IST
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शिलान्यास के एक साल बाद भी नहीं बना रूण नदी पर पुल
कछुआ गति से चल रहे पुल निर्माण कार्य से ग्रामीणों में पनपा रोष
बीते साल पूर्व मुख्यमंत्री ने किया था पुल का शिलान्यास
अमर उजाला ब्यूरो
कालाअंब (सिरमौर)।
औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के साथ सटे दो गांवों अंधेरी और पालियों के बीच रूण नदी पर निर्माणाधीन पुल का शिलान्यास हुए एक वर्ष से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इससे स्थानीय ग्रामीणों में विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति भारी रोष पनपा हुआ है।
अंधेरी और पालियों गांव के बीच रूण नदी पर बनने वाले पुल का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 21 फरवरी 2017 को किया था। इस पुल पर 383.08 लाख रुपये की राशि खर्च की जा रही है लेकिन तब से लेकर आज तक एक वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने के बाद पुल के स्थान पर मात्र नदी के दोनों ओर मात्र पिल्लर ही बन पाए हैं।
पुल निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग ने चंडीगढ़ की एक निजी कंपनी को सौंपा हुआ है लेकिन कंपनी की ढीली और सुस्त कार्यप्रणाली के चलते मात्र पिल्लर बनाने में ही एक वर्ष से ज्यादा समय लग गया।
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ग्रामीण देशराज, जय सिंह, मान सिंह, सुभाष, देवराज, सोरण व जागीर सिंह आदि ने बताया कि उक्त पुल के निर्माण की ओर लगभग 10 पंचायतों के बाशिंदों की निगाहें टिकी हुई हैं लेकिन पुल का निर्माण कार्य बहुत ही धीमी गति से चल रहा है।
उन्होंने बताया कि जिस गति से कार्य किया जा रहा उससे लगता है कि पुल बनाने में तीन वर्ष भी कम पड़ जाएंगे। निर्माण स्थल पर मात्र 5-6 मजदूर ही काम कर रहे हैं। लोगों ने उक्त पुल को बरसाती मौसम से पहले बनाए जाने की मांग की है ताकि ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके। बरसात के दौरान नदी में पानी के भारी बहाव के कारण इलाके का संपर्क पूरी तरह से कट जाता है। वहीं नदी को पार करना भी खतरे से खाली नहीं रहता। लिहाजा इस पुल को जल्द से जल्द तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने विभाग व सरकार से मांग उठाई कि पुल का निर्माण कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा करवाया जाए।
उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दलबीर राणा ने बताया कि जिस कंपनी को पुल निर्माण का ठेका दिया गया है उसे जून 2018 तक पुल का निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। कंपनी का पिछली बरसात में मैटेरियल व मशीनरी मलबे में दब गया था, जिसके कारण पुल निर्माण में विलंब हुआ है। उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनी के ठेकेदार को कार्य में प्रगति लाने के लिए आदेश दिए जाएंगे।
----------संयज गुप्ता, हितेश
कछुआ गति से चल रहे पुल निर्माण कार्य से ग्रामीणों में पनपा रोष
बीते साल पूर्व मुख्यमंत्री ने किया था पुल का शिलान्यास
अमर उजाला ब्यूरो
कालाअंब (सिरमौर)।
औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के साथ सटे दो गांवों अंधेरी और पालियों के बीच रूण नदी पर निर्माणाधीन पुल का शिलान्यास हुए एक वर्ष से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इससे स्थानीय ग्रामीणों में विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति भारी रोष पनपा हुआ है।
अंधेरी और पालियों गांव के बीच रूण नदी पर बनने वाले पुल का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 21 फरवरी 2017 को किया था। इस पुल पर 383.08 लाख रुपये की राशि खर्च की जा रही है लेकिन तब से लेकर आज तक एक वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने के बाद पुल के स्थान पर मात्र नदी के दोनों ओर मात्र पिल्लर ही बन पाए हैं।
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पुल निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग ने चंडीगढ़ की एक निजी कंपनी को सौंपा हुआ है लेकिन कंपनी की ढीली और सुस्त कार्यप्रणाली के चलते मात्र पिल्लर बनाने में ही एक वर्ष से ज्यादा समय लग गया।
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ग्रामीण देशराज, जय सिंह, मान सिंह, सुभाष, देवराज, सोरण व जागीर सिंह आदि ने बताया कि उक्त पुल के निर्माण की ओर लगभग 10 पंचायतों के बाशिंदों की निगाहें टिकी हुई हैं लेकिन पुल का निर्माण कार्य बहुत ही धीमी गति से चल रहा है।
उन्होंने बताया कि जिस गति से कार्य किया जा रहा उससे लगता है कि पुल बनाने में तीन वर्ष भी कम पड़ जाएंगे। निर्माण स्थल पर मात्र 5-6 मजदूर ही काम कर रहे हैं। लोगों ने उक्त पुल को बरसाती मौसम से पहले बनाए जाने की मांग की है ताकि ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके। बरसात के दौरान नदी में पानी के भारी बहाव के कारण इलाके का संपर्क पूरी तरह से कट जाता है। वहीं नदी को पार करना भी खतरे से खाली नहीं रहता। लिहाजा इस पुल को जल्द से जल्द तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने विभाग व सरकार से मांग उठाई कि पुल का निर्माण कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा करवाया जाए।
उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दलबीर राणा ने बताया कि जिस कंपनी को पुल निर्माण का ठेका दिया गया है उसे जून 2018 तक पुल का निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। कंपनी का पिछली बरसात में मैटेरियल व मशीनरी मलबे में दब गया था, जिसके कारण पुल निर्माण में विलंब हुआ है। उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनी के ठेकेदार को कार्य में प्रगति लाने के लिए आदेश दिए जाएंगे।
----------संयज गुप्ता, हितेश