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नाहन में धूमधाम से मनाया छडिय़ों का मेला
Updated Tue, 04 Sep 2018 09:56 PM IST
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नाहन में धूमधाम से मनाया छड़ियों का मेला
गुग्गा माड़ी पर दर्शन के लिए लगीं लोगों की कतारें
ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली पवित्र छड़ी यात्रा
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। शहर में मंगलवार को छड़ी पर्व और छड़ियों का मेला धूमधाम से मनाया गया। मेले में हजारों लोगों ने शिरकत की। पवित्र गुग्गा माड़ी पर नाहन के स्थानीय और साथ लगते क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका। माथा टेकने के लिए लोगों को घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस अवसर पर बागड़ देश के जाहरवीर गुग्गापीर जी महाराज की छड़ी को गुग्गापीर की माड़ी पर लाया गया। इससे पहले छोटा चौक नाहन से इस पवित्र छड़ी को ढोल नगाड़ों के साथ पूरे बाजार में घुमाया गया। स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने मेले में जमकर खरीदारी की। छड़ी मेले में चाइना मेड खिलौने परंपरागत खिलौनों पर भारी पड़ते नजर आए। महिलाओं और युवतियों ने खूब चाट और गोलगप्पों का लुत्फ लिया वहीं बच्चों का रुझान फास्ट फूड मोमोज, चाउमिन पर ज्यादा रहा। मेले में हिमाचल समेत बाहरी राज्यों से आए व्यापारियों ने बताया कि यहां के लोगों से उन्हें काफी सहयोग मिलता है। वे यहां के हर मेले में प्रतिवर्ष अपनी दुकानें सजाते हैं। मेले में पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने में पूरी तरह से जुटा रहा।
यह है मान्यता
मान्यता के अनुसार सावन माह की प्रथम संक्रांति पर पवित्र छड़ी को पूजा के लिए शहर के प्रमुख मंदिर कालीस्थान में लाया जाता है। रक्षाबंधन पर एक दिन के लिए इस पवित्र छड़ी को पूजा के लिए बड़ा चौक में रखा जाता है। इसके बाद दूसरे दिन पवित्र छड़ी को ढोल नगाड़ों के साथ वर्षों से चली आ रही परंपरा के मुताबिक छोटा चौक में स्थापित किया जाता है। छोटा चौक से ठीक नौ दिन बाद मुख्य छड़ी यात्रा का आयोजन होता है। छड़ी को गाजों-बाजों के साथ पूरे शहर से घुमाते हुए सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ प्रमुख स्थान गुग्गापीर की माड़ी पर स्थापित कर दिया जाता है। इसके बाद छड़ी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
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गुग्गा माड़ी पर दर्शन के लिए लगीं लोगों की कतारें
ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली पवित्र छड़ी यात्रा
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। शहर में मंगलवार को छड़ी पर्व और छड़ियों का मेला धूमधाम से मनाया गया। मेले में हजारों लोगों ने शिरकत की। पवित्र गुग्गा माड़ी पर नाहन के स्थानीय और साथ लगते क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका। माथा टेकने के लिए लोगों को घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस अवसर पर बागड़ देश के जाहरवीर गुग्गापीर जी महाराज की छड़ी को गुग्गापीर की माड़ी पर लाया गया। इससे पहले छोटा चौक नाहन से इस पवित्र छड़ी को ढोल नगाड़ों के साथ पूरे बाजार में घुमाया गया। स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने मेले में जमकर खरीदारी की। छड़ी मेले में चाइना मेड खिलौने परंपरागत खिलौनों पर भारी पड़ते नजर आए। महिलाओं और युवतियों ने खूब चाट और गोलगप्पों का लुत्फ लिया वहीं बच्चों का रुझान फास्ट फूड मोमोज, चाउमिन पर ज्यादा रहा। मेले में हिमाचल समेत बाहरी राज्यों से आए व्यापारियों ने बताया कि यहां के लोगों से उन्हें काफी सहयोग मिलता है। वे यहां के हर मेले में प्रतिवर्ष अपनी दुकानें सजाते हैं। मेले में पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने में पूरी तरह से जुटा रहा।
यह है मान्यता
मान्यता के अनुसार सावन माह की प्रथम संक्रांति पर पवित्र छड़ी को पूजा के लिए शहर के प्रमुख मंदिर कालीस्थान में लाया जाता है। रक्षाबंधन पर एक दिन के लिए इस पवित्र छड़ी को पूजा के लिए बड़ा चौक में रखा जाता है। इसके बाद दूसरे दिन पवित्र छड़ी को ढोल नगाड़ों के साथ वर्षों से चली आ रही परंपरा के मुताबिक छोटा चौक में स्थापित किया जाता है। छोटा चौक से ठीक नौ दिन बाद मुख्य छड़ी यात्रा का आयोजन होता है। छड़ी को गाजों-बाजों के साथ पूरे शहर से घुमाते हुए सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ प्रमुख स्थान गुग्गापीर की माड़ी पर स्थापित कर दिया जाता है। इसके बाद छड़ी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
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