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स्कूलों की लापरवाही, माल वाहक वाहनों में ढोए बच्चे
Updated Mon, 06 Aug 2018 10:37 PM IST
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राजगढ़ (सिरमौर)। उपमंडल राजगढ़ के ठोड निवाड़ स्कूल में आयोजित खंड स्तरीय खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए खिलाड़ी अपनी जान जोखिम में डालकर पहुंचे। कायदे-कानून को दरकिनार रखकर माल वाहक वाहनों में ठूंस-ठूंस कर बच्चों को भरा गया और टूर्नामेंट स्थल तक पहुंचाया गया। झमाझम बारिश के बीच विद्यार्थी ठोड निवाड़ पहुंचे। स्कूल प्रबंधनों की यह लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ सकती है। लेकिन, इस सिलसिले में न तो कोई स्कूल जिम्मेदारी लेने को तैयार है और न ही अभिभावक कुछ बोल पा रहे हैं।
ठोड निवाड़ में खंड स्तरीय अंडर 14 खेल प्रतियोगिता चल रही है। रविवार को छात्र वर्ग की खेल स्पर्धा संपन्न हुई जबकि सोमवार से छात्रा वर्ग की प्रतियोगिताएं होनी है। इस प्रतियोगिता के लिए राजगढ़ से कई खिलाड़ियों को मालवाहक वाहनों में ठूंस-ठूंस भरकर टूर्नामेंट स्थल तक पहुंचाया गया। ठोड निवाड़ तक जाने वाली सड़क की हालत खस्ता बनी हुई है। ऐसे में इस सड़क पर मालवाहक वाहनों में सफर कराना छात्रों की जिंदगी दांव पर लगाना है। सूत्र बताते हैं कि अपनी सुविधा को देखते हुए स्कूल बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। यदि बरसात के दिनों में कोई हादसा हो जाएगा तो कौन इसका जिम्मेदार होगा। दरअसल, माल वाहक वाहनों में सफर करना सस्ता रहता है। ऐसे में स्कूल चंद पैसे बचाने के लिए छात्रों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। उधर, डीएसपी राजगढ़ दुष्यंत सरपाल ने कहा कि ऐसे वाहनों के चालान किए जाएंगे। उन्होंने अध्यापकों को सलाह दी कि वह पैसेंजर वाहनों का ही प्रयोग करें।
शिक्षा उपनिदेशक उमेश बहुगुणा ने बताया कि उनके संज्ञान में मामला नहीं है। यदि ऐसा है तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं, सभी स्कूलों को इस बारे सख्त हिदायत भी दी जाएगी। जबकि एडीपीओ मीना बाम ने कहा कि माल वाहक वाहनों में बच्चों का सफर करवाना बिल्कुल गलत है। बच्चों के लिए बस किराये का भी प्रावधान है। हालांकि, पहले स्कूल प्रबंधन यह राशि खर्च करता है। इस बारे सख्त हिदायत दी जाएगी।
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परिजनों से लिए जाते हैं सर्टिफिकेट
टूर्नामेंट में जाने से पूर्व बच्चों के परिजनों से बाकायदा नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लिए जाते हैं। लेकिन, यदि स्कूल प्रबंधन ही ऐसी लापरवाही करें तो कौन जिम्मेदार होगा। ऐसे में अभिभावकों की भी जिम्मेदारी है कि वह अपने बच्चों को टूर्नामेंट में भेजने से पहले यह जरूर पता करवाएं कि बच्चे टूर्नामेंट में कैसे जा रहे हैं। गंतव्य तक कैसे और किस माध्यम से पहुंचेंगे।
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ठोड निवाड़ में खंड स्तरीय अंडर 14 खेल प्रतियोगिता चल रही है। रविवार को छात्र वर्ग की खेल स्पर्धा संपन्न हुई जबकि सोमवार से छात्रा वर्ग की प्रतियोगिताएं होनी है। इस प्रतियोगिता के लिए राजगढ़ से कई खिलाड़ियों को मालवाहक वाहनों में ठूंस-ठूंस भरकर टूर्नामेंट स्थल तक पहुंचाया गया। ठोड निवाड़ तक जाने वाली सड़क की हालत खस्ता बनी हुई है। ऐसे में इस सड़क पर मालवाहक वाहनों में सफर कराना छात्रों की जिंदगी दांव पर लगाना है। सूत्र बताते हैं कि अपनी सुविधा को देखते हुए स्कूल बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। यदि बरसात के दिनों में कोई हादसा हो जाएगा तो कौन इसका जिम्मेदार होगा। दरअसल, माल वाहक वाहनों में सफर करना सस्ता रहता है। ऐसे में स्कूल चंद पैसे बचाने के लिए छात्रों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। उधर, डीएसपी राजगढ़ दुष्यंत सरपाल ने कहा कि ऐसे वाहनों के चालान किए जाएंगे। उन्होंने अध्यापकों को सलाह दी कि वह पैसेंजर वाहनों का ही प्रयोग करें।
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शिक्षा उपनिदेशक उमेश बहुगुणा ने बताया कि उनके संज्ञान में मामला नहीं है। यदि ऐसा है तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं, सभी स्कूलों को इस बारे सख्त हिदायत भी दी जाएगी। जबकि एडीपीओ मीना बाम ने कहा कि माल वाहक वाहनों में बच्चों का सफर करवाना बिल्कुल गलत है। बच्चों के लिए बस किराये का भी प्रावधान है। हालांकि, पहले स्कूल प्रबंधन यह राशि खर्च करता है। इस बारे सख्त हिदायत दी जाएगी।
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परिजनों से लिए जाते हैं सर्टिफिकेट
टूर्नामेंट में जाने से पूर्व बच्चों के परिजनों से बाकायदा नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लिए जाते हैं। लेकिन, यदि स्कूल प्रबंधन ही ऐसी लापरवाही करें तो कौन जिम्मेदार होगा। ऐसे में अभिभावकों की भी जिम्मेदारी है कि वह अपने बच्चों को टूर्नामेंट में भेजने से पहले यह जरूर पता करवाएं कि बच्चे टूर्नामेंट में कैसे जा रहे हैं। गंतव्य तक कैसे और किस माध्यम से पहुंचेंगे।