{"_id":"59e4af674f1c1bf4688b60fc","slug":"41508159335-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय ध्वज के चारों ओर लगाई जाए ग्रील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय ध्वज के चारों ओर लगाई जाए ग्रील
Updated Mon, 16 Oct 2017 07:01 PM IST
विज्ञापन
flag
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाहन (सिरमौर)। चौगान मैदान में लगाए गए राष्ट्रीय ध्वज के चारों ओर लोहे की ग्रील लगाने की मांग उठी है। इस संदर्भ में शहर के सोशल एक्टिविस्ट प्रेमपाल महेंद्रु् ने राज्य सहकारी बैंक नाहन के जिला प्रबंधक को एक पत्र भी भेजा है।
प्रेमपाल महेंद्रु का कहना है कि चौगान मैदान में 120 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लगाया गया है। यह हर्ष का विषय है, मगर ध्वज फहरा देना ही काफी नहीं है। उसकी गरिमा बनी रहे इसका प्रावधान भी किया जाना बेहद आवश्यक है।
प्रेमपाल ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के चारों ओर किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं है जिस कारण मैदान में आए लोग व युवा खिलाड़ी इस झंडे के चारों ओर जूते-चप्पल लेकर घूमते रहते हैं जिससे राष्ट्रीय ध्वज को लगाने के लिए बनाए गए नियमों का उल्लंघन हो रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन व बैंक प्रबंधन को चाहिए कि वह राष्ट्रीय झंडे की गरिमा का पूरा ध्यान रखे।
विज्ञापन
प्रेमपाल महेंद्रु ने जिला प्रबंधक को लिखे पत्र में राष्ट्रीय ध्वज के चारों और ऊंचा चाैंतरा बनाकर उसे लोहे की ग्रील से कवर करने का सुझाव भी पत्र में दिया है।
विज्ञापन
प्रेमपाल महेंद्रु का कहना है कि चौगान मैदान में 120 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लगाया गया है। यह हर्ष का विषय है, मगर ध्वज फहरा देना ही काफी नहीं है। उसकी गरिमा बनी रहे इसका प्रावधान भी किया जाना बेहद आवश्यक है।
विज्ञापन
प्रेमपाल ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के चारों ओर किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं है जिस कारण मैदान में आए लोग व युवा खिलाड़ी इस झंडे के चारों ओर जूते-चप्पल लेकर घूमते रहते हैं जिससे राष्ट्रीय ध्वज को लगाने के लिए बनाए गए नियमों का उल्लंघन हो रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन व बैंक प्रबंधन को चाहिए कि वह राष्ट्रीय झंडे की गरिमा का पूरा ध्यान रखे।
विज्ञापन
प्रेमपाल महेंद्रु ने जिला प्रबंधक को लिखे पत्र में राष्ट्रीय ध्वज के चारों और ऊंचा चाैंतरा बनाकर उसे लोहे की ग्रील से कवर करने का सुझाव भी पत्र में दिया है।