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Sirmour News: त्रिलोकपुर में शाम चार बजे आरती के बाद बंद किए मंदिर के कपाट
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त्रिलोकपुर स्थित मां बाला सुंदरी मंदिर में प्रवेश के लिए प्रतीक्षा करते श्रद्धालु। संवाद
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त्रिलोकपुर में शाम चार बजे आरती के बाद बंद किए मंदिर के कपाट
साढ़े 12 हजार श्रद्घालुओं ने चंद्र ग्रहण सूतक काल से पहले मंदिर में नवाया शीश
संवाद न्यूज एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल त्रिलोकपुर स्थित माता बालासुंदरी मंदिर को चंद्र ग्रहण सूतक काल शुरू होने के चलते शाम 4 बजे बंद कर दिया गया।
सूतक काल के चलते सांध्यकालीन आरती भी शाम 4:00 बजे से पूर्व ही संपन्न करनी पड़ी। मंदिर के कपाट सुबह 5 बजे खोल दिए गए थे। सुबह से शाम 4:00 बजे तक लगभग 12,500 श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवा कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर न्यास समिति के प्रभारी विजयपाल ने बताया कि शरद पूर्णिमा को मध्यरात्रि में चंद्र ग्रहण लगने के कारण मंदिर में सांध्यकालीन मुख्य आरती शाम 4:00 बजे से पहले ही कर दी गई। इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। उन्होंने बताया कि चंद्र ग्रहण से कुछ घंटे पहले सूतक लग जाता है।
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लिहाजा सूतक लगने के बाद पूजा-पाठ कर्म निषिद्ध होते हैं। शरद पूर्णिमा को 12,500 श्रद्धालु त्रिलोकपुर पहुंचे। इस दौरान 5,20,000 रुपये नकदी, 3 ग्राम सोना और 2307 ग्राम चांदी चढ़ावे में प्राप्त हुई।
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त्रिलोकपुर में शाम चार बजे आरती के बाद बंद किए मंदिर के कपाट
साढ़े 12 हजार श्रद्घालुओं ने चंद्र ग्रहण सूतक काल से पहले मंदिर में नवाया शीश
संवाद न्यूज एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल त्रिलोकपुर स्थित माता बालासुंदरी मंदिर को चंद्र ग्रहण सूतक काल शुरू होने के चलते शाम 4 बजे बंद कर दिया गया।
सूतक काल के चलते सांध्यकालीन आरती भी शाम 4:00 बजे से पूर्व ही संपन्न करनी पड़ी। मंदिर के कपाट सुबह 5 बजे खोल दिए गए थे। सुबह से शाम 4:00 बजे तक लगभग 12,500 श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवा कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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मंदिर न्यास समिति के प्रभारी विजयपाल ने बताया कि शरद पूर्णिमा को मध्यरात्रि में चंद्र ग्रहण लगने के कारण मंदिर में सांध्यकालीन मुख्य आरती शाम 4:00 बजे से पहले ही कर दी गई। इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। उन्होंने बताया कि चंद्र ग्रहण से कुछ घंटे पहले सूतक लग जाता है।
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लिहाजा सूतक लगने के बाद पूजा-पाठ कर्म निषिद्ध होते हैं। शरद पूर्णिमा को 12,500 श्रद्धालु त्रिलोकपुर पहुंचे। इस दौरान 5,20,000 रुपये नकदी, 3 ग्राम सोना और 2307 ग्राम चांदी चढ़ावे में प्राप्त हुई।