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सिरमौर की 328 पेयजल योजनाओं में सूख गया पानी
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
Updated Fri, 13 May 2016 11:39 PM IST
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फतहपुर मंडाव ब्लाॅक के बस्ती बर्सी गांव के निधियांव पुरवे में गुरुवार को पेयजल संकट के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण। अमर उजाला
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नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिला की लगभग चार लाख की आबादी में इन दिनों पानी का संकट गहराया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र को पानी देने वाली पेयजल योजनाएं हांफ गई है। जल स्तर लुढ़कने से घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा। 25 पेयजल योजनाएं तो ऐसी हैं जहां पानी का स्तर 75 फीसदी तक गिर गया है। जबकि सैकड़ों योजनाओं में पानी 25 से 50 प्रतिशत तक लुढ़क गया है।
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विभाग ने पेयजल किल्लत को देखते हुए पेयजल प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई करने का निर्णय लिया है। जिला की 417627 आबादी की प्यास बुझाने का जिम्मा नाहन, नौहराधार व पांवटा साहिब डिविजनों की 1163 पेयजल स्कीमों पर निर्भर है जिसमें नाहन डिविजन के अंतर्गत 280, नौहराधार के तहत 577 तथा पांवटा डिविजन के अंतर्गत 306 पेयजल योजनाएं सक्रिय हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस समय 328 पेयजल योजनाओं में पानी का जलस्तर स्तर गिर गया है।
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क्या है पेयजल की स्थिति
नाहन (सिरमौर)। कई पेयजल योजनाओं की हालत इस कदर बिगड़ गई है कि पानी का स्तर 25 फीसदी से नीचे गिर गया है। जिले में 47 पेयजल योजनाएं ऐसी हैं जहां पानी का स्तर 75 प्रतिशत तक गिर गया है। 59 योजनाओं में 50 से 75, 35 योजनाओं में 25 से 50 और 187 योजनाओं का पानी 25 प्रतिशत तक गिर गया है।
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यहां हो रही सबसे अधिक दिक्कत
नाहन (सिरमौर)। पेयजल योजनाओं में जलस्तर घटने से जिला मुख्यालय नाहन, पांवटा, शिलाई, राजगढ़, पच्छाद व राजगढ़ के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। कुछ क्षेत्र तो इस कदर प्रभावित हैं कि वहां के लोगों को कई-कई दिनों तक पानी नसीब नहीं हो रहा है। लोग कई किलोमीटर दूर से प्राकृतिक स्रोतों से दूषित पानी लाकर पीने को मजबूर हो रहे हैं।
गर्मी के कारण कुछ पेयजल योजनाओं के जलस्तर में कमी आई है। गर्मी में यह दिक्कत रहती है। इस मौसम में लोगों को किफायत से पानी इस्तेमाल करना चाहिए। जिन क्षेत्रों में पेयजल की ज्यादा किल्लत है वहां टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जाएगी। इसकी प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
- बीएस भाटिया, अधीक्षण अभियंता, आईपीएच विभाग नाहन