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अविवाहिता हुई गर्भवती, अस्पताल परिसर में फैंक दी नवजात
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अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। उपमंडल शिलाई में एक अविवाहिता मां बन गई है। अविवाहिता का मां बनना जितना हैरानी भरा है, उससे अधिक हैरानी इस बात की है कि मां बनते ही अविवाहिता ने अपनी नवजात को कंबल में लपेटकर अस्पताल से बाहर फेंक दिया। गनीमत यह रही कि नवजात खिड़की की जाली में फंस गई। नवजात के रोने की आवाजें आने के बाद अस्पताल प्रबंधन को सारी हकीकत पता चल सकी।
जानकारी के अनुसार मामला उपमंडल शिलाई के दूरदराज गांव से जुड़ा है। एक अविवाहित युवती के पेट में दर्द होने पर 108 एंबुलेंस को फोन पर सूचित किया गया। एंबुलेंस अविवाहिता को लेकर अस्पताल पहुंची। इसके तुरंत बाद युवती अस्पताल के वॉशरूम गई, जहां उसका प्रसव हो गया। प्रसव होते ही अविवाहिता ने आनन-फानन में अपनी नवजात बच्ची को कंबल में लपेटकर वॉशरूम की खिड़की से बाहर फेंक दिया और स्वयं बिस्तर पर आकर लेट गई। इसी बीच शिशु के रोने की आवाजें आईं तो अस्पताल के चिकित्सक और कर्मी वॉशरूम की ओर भागे। अस्पताल के कर्मियों ने बच्ची को सुरक्षित ढंग से निकाला और कंबल में लपेटकर उसकी मां के पास रख दिया। अस्पताल प्रशासन की पूछताछ के बाद अविवाहिता ने सच्चाई बचाई। शर्म और बदनामी के डर से अविवाहिता ने ऐसा कदम उठाया। पीएचसी के चिकित्सक डॉ. सौरव ने अविवाहिता के बच्ची को जन्म देने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इसके बारे में शिलाई पुलिस को भी सूचना दे दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जच्चा-बच्चा को दोनों को शिलाई अस्पताल रेफर कर दिया। यहां से दोनों को सिविल अस्पताल पांवटा रेफर किया। उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने युवती के खिलाफ धारा 317 के तहत मामला दर्ज किया है। शिलाई पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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शिलाई (सिरमौर)। उपमंडल शिलाई में एक अविवाहिता मां बन गई है। अविवाहिता का मां बनना जितना हैरानी भरा है, उससे अधिक हैरानी इस बात की है कि मां बनते ही अविवाहिता ने अपनी नवजात को कंबल में लपेटकर अस्पताल से बाहर फेंक दिया। गनीमत यह रही कि नवजात खिड़की की जाली में फंस गई। नवजात के रोने की आवाजें आने के बाद अस्पताल प्रबंधन को सारी हकीकत पता चल सकी।
जानकारी के अनुसार मामला उपमंडल शिलाई के दूरदराज गांव से जुड़ा है। एक अविवाहित युवती के पेट में दर्द होने पर 108 एंबुलेंस को फोन पर सूचित किया गया। एंबुलेंस अविवाहिता को लेकर अस्पताल पहुंची। इसके तुरंत बाद युवती अस्पताल के वॉशरूम गई, जहां उसका प्रसव हो गया। प्रसव होते ही अविवाहिता ने आनन-फानन में अपनी नवजात बच्ची को कंबल में लपेटकर वॉशरूम की खिड़की से बाहर फेंक दिया और स्वयं बिस्तर पर आकर लेट गई। इसी बीच शिशु के रोने की आवाजें आईं तो अस्पताल के चिकित्सक और कर्मी वॉशरूम की ओर भागे। अस्पताल के कर्मियों ने बच्ची को सुरक्षित ढंग से निकाला और कंबल में लपेटकर उसकी मां के पास रख दिया। अस्पताल प्रशासन की पूछताछ के बाद अविवाहिता ने सच्चाई बचाई। शर्म और बदनामी के डर से अविवाहिता ने ऐसा कदम उठाया। पीएचसी के चिकित्सक डॉ. सौरव ने अविवाहिता के बच्ची को जन्म देने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इसके बारे में शिलाई पुलिस को भी सूचना दे दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जच्चा-बच्चा को दोनों को शिलाई अस्पताल रेफर कर दिया। यहां से दोनों को सिविल अस्पताल पांवटा रेफर किया। उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने युवती के खिलाफ धारा 317 के तहत मामला दर्ज किया है। शिलाई पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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