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स्क्रब टायफस से युवक की मौत के पांच दिन बाद गांव पहुंचा महकमा
Updated Wed, 12 Sep 2018 10:53 PM IST
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death
- फोटो : file photo
राजगढ़ (सिरमौर)। उपमंडल राजगढ़ में एक युवक की स्क्रब टायफस से मौत हो गई। लेकिन सूचना मिलने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने गांव का जायजा नहीं लिया। शनिवार को युवक की मौत हुई जबकि विभागीय टीम मंगलवार को गांव पहुंची। उधर, युवक की मौत से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक उपमंडल राजगढ़ के शमोगा निवासी 35 वर्षीय प्रदीप की स्क्रब टायफस की चपेट में आने से मौत हो गई। ग्राम पंचायत छोगटाली के शमोगा निवासी प्रदीप पिछले कई दिन से बीमार था। उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल राजगढ़ लाया गया, जहां से दूसरे दिन उसे सोलन और वहां से शिमला रेफर कर दिया गया। लेकिन, बीते शनिवार को उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। हैरत की बात है कि स्क्रब टायफस रोगी संबंधी सूचना उसी दिन जिला स्वास्थ्य महकमे को दी गई लेकिन इस मामले में स्वास्थ्य विभाग युवक की मौत के पांच दिन बाद गांव में पहुंचा। जबकि, नियमानुसार स्क्रब टायफस जैसे मामले में रोगी संबंधी जानकारी प्रतिदिन महकमे के उच्चाधिकारियों को दी जाती है। रोगी के उपचार के दौरान स्क्रब टायफस रोग की पहचान के बाद ही सूचना विभाग को मिल गई थी। फिर भी मौके पर पहुंचने के लिए विभाग की टीम ने एक सप्ताह का समय लगा दिया। कार्यकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद सांगल ने माना कि ऐसे मामलों की रिपोर्ट प्रतिदिन विभाग को मिलती है। इस मामले में मौके पर जाकर लोगों को जागरूक करने में लापरवाही किस स्तर पर हुई है, वह इसकी जांच करेंगे।
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जानकारी के मुताबिक उपमंडल राजगढ़ के शमोगा निवासी 35 वर्षीय प्रदीप की स्क्रब टायफस की चपेट में आने से मौत हो गई। ग्राम पंचायत छोगटाली के शमोगा निवासी प्रदीप पिछले कई दिन से बीमार था। उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल राजगढ़ लाया गया, जहां से दूसरे दिन उसे सोलन और वहां से शिमला रेफर कर दिया गया। लेकिन, बीते शनिवार को उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। हैरत की बात है कि स्क्रब टायफस रोगी संबंधी सूचना उसी दिन जिला स्वास्थ्य महकमे को दी गई लेकिन इस मामले में स्वास्थ्य विभाग युवक की मौत के पांच दिन बाद गांव में पहुंचा। जबकि, नियमानुसार स्क्रब टायफस जैसे मामले में रोगी संबंधी जानकारी प्रतिदिन महकमे के उच्चाधिकारियों को दी जाती है। रोगी के उपचार के दौरान स्क्रब टायफस रोग की पहचान के बाद ही सूचना विभाग को मिल गई थी। फिर भी मौके पर पहुंचने के लिए विभाग की टीम ने एक सप्ताह का समय लगा दिया। कार्यकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद सांगल ने माना कि ऐसे मामलों की रिपोर्ट प्रतिदिन विभाग को मिलती है। इस मामले में मौके पर जाकर लोगों को जागरूक करने में लापरवाही किस स्तर पर हुई है, वह इसकी जांच करेंगे।
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