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जो बोले सो निहाल....से गूंजा पांवटा साहिब
Updated Wed, 28 Feb 2018 10:20 PM IST
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पांवटा में नगर कीर्तन की अगुवाई करते पंज प्यारे।
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
334वां होला मोहल्ला के शुभ अवसर पर पांवटा साहिब में भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। पूरे शहर में निकले भव्य कीर्तन के दौरान पूरा पांवटा शहर जो बोले सो निहाल से गूंज उठा। पंज प्यारे ने नगर कीर्तन की अगुवाई की। बैंड पार्टियों, गतका दलों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के बच्चों ने रंग-बिरंगे आकर्षक परिधानों में पहुंच कर नगर-कीर्तन में चार चांद लगा दिए।
पांवटा साहिब गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरभजन सिंह, मैनेजर कुलवंत सिंह, प्रबंधक कमेटी सदस्यों हरप्रीत सिंह और सिमरत सिंह समेत सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नगर कीर्तन में भाग लिया। दोपहर एक बजे पांवटा गुरुद्वारा परिसर से नगर कीर्तन शुरू हुआ। नगर कीर्तन नगर परिषद खेल मैदान, गीता भवन, मुख्य बाजार, वाई प्वाइंट से शमशेरपुर होकर बद्रीपुर से वापस पांवटा पहुंचा। नगर कीर्तन के आगे आगे सैकड़ों महिलाओं ने झाड़ू से सड़क की सफाई की। जगह-जगह श्रद्धालुओं की सेवा को स्टॉल लगे थे, जिसमें चाय, कॉफी, पानी, फल, बिस्कुट-पकौड़े और प्रसाद का वितरण किया जा रहा था। बीच-बीच में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के रंगीन परिधानों में बच्चों और बैंड पार्टी टीम आकर्षक लग रही थी। संगतों ने नगर कीर्तन के दौरान जो बोले सो निहाल और गुरु जी के जयकारे लगाए। नगर कीर्तन के पीछे-पीछे ट्रैक्टर ट्राली लेकर सेवकों का जत्था आसपास बिखरते जा रहे कूड़ा कचरे को तुरंत उठा कर सफाई करने में जुटे थे। बद्रीपुर से नगर कीर्तन वापस एनएच-7 मार्ग से पांवटा पहुंचा। इसके बाद आतिशबाजी हुई। गतका दल ने अंत तक खूब रण कौशल से सबको प्रभावित किया।
पांवटा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी मैनेजर कुलवंत सिंह चौधरी ने कहा कि वीरवार को 334वां विशाल कवि दरबार सजेगा, जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों से पहुंचे कवि और विद्वान अपनी कविताओं-रचनाओं से गुरुजी और पंथ से जुड़े गौरवमयी इतिहास का बखान करेंगे।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)।
334वां होला मोहल्ला के शुभ अवसर पर पांवटा साहिब में भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। पूरे शहर में निकले भव्य कीर्तन के दौरान पूरा पांवटा शहर जो बोले सो निहाल से गूंज उठा। पंज प्यारे ने नगर कीर्तन की अगुवाई की। बैंड पार्टियों, गतका दलों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के बच्चों ने रंग-बिरंगे आकर्षक परिधानों में पहुंच कर नगर-कीर्तन में चार चांद लगा दिए।
पांवटा साहिब गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरभजन सिंह, मैनेजर कुलवंत सिंह, प्रबंधक कमेटी सदस्यों हरप्रीत सिंह और सिमरत सिंह समेत सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नगर कीर्तन में भाग लिया। दोपहर एक बजे पांवटा गुरुद्वारा परिसर से नगर कीर्तन शुरू हुआ। नगर कीर्तन नगर परिषद खेल मैदान, गीता भवन, मुख्य बाजार, वाई प्वाइंट से शमशेरपुर होकर बद्रीपुर से वापस पांवटा पहुंचा। नगर कीर्तन के आगे आगे सैकड़ों महिलाओं ने झाड़ू से सड़क की सफाई की। जगह-जगह श्रद्धालुओं की सेवा को स्टॉल लगे थे, जिसमें चाय, कॉफी, पानी, फल, बिस्कुट-पकौड़े और प्रसाद का वितरण किया जा रहा था। बीच-बीच में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के रंगीन परिधानों में बच्चों और बैंड पार्टी टीम आकर्षक लग रही थी। संगतों ने नगर कीर्तन के दौरान जो बोले सो निहाल और गुरु जी के जयकारे लगाए। नगर कीर्तन के पीछे-पीछे ट्रैक्टर ट्राली लेकर सेवकों का जत्था आसपास बिखरते जा रहे कूड़ा कचरे को तुरंत उठा कर सफाई करने में जुटे थे। बद्रीपुर से नगर कीर्तन वापस एनएच-7 मार्ग से पांवटा पहुंचा। इसके बाद आतिशबाजी हुई। गतका दल ने अंत तक खूब रण कौशल से सबको प्रभावित किया।
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पांवटा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी मैनेजर कुलवंत सिंह चौधरी ने कहा कि वीरवार को 334वां विशाल कवि दरबार सजेगा, जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों से पहुंचे कवि और विद्वान अपनी कविताओं-रचनाओं से गुरुजी और पंथ से जुड़े गौरवमयी इतिहास का बखान करेंगे।
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