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हत्या की कोशिश मामले में दोषी को पांच साल का कारावास
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- फोटो : file photo
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर देविंद्र कुमार शर्मा की अदालत ने हत्या की कोशिश के मामले में दोषी पाए जाने पर विनोद कुमार पुत्र हरिचंद निवासी लुधियाना, संगड़ाह को पांच साल की कठोर सजा सुनाई। दोषी को 34,500 रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को छह मास का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले की पैरवी जिला न्यायवादी एमके शर्मा ने की।
उन्होंने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने भादंसं की धारा 307, 452, 456, 323 और 326 के तहत अलग-अलग सजाएं सुनाईं। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। उन्होंने बताया कि मामला दिसंबर 2013 का है। दोषी विनोद कुमार अपने पिता हरिचंद को साथ लेकर शादी करने के इरादे से सैनधार इलाके की कोटला मोलर पंचायत के दाउन गांव में अनीता पुत्री सोहन सिंह के घर गया था। इसी साल जून माह में अनीता के पिता सोहन सिंह का देहांत हुआ था। लेकिन, शादी की बात पर अनीता की माता मीरा देवी ने विनोद से कहा कि अभी उनके पति का देहांत हुए छह माह का वक्त भी नहीं गुजरा है। कम से कम एक साल बाद वह शादी के लिए बातचीत कर सकते हैं। हालांकि, यह सुनकर विनोद कुमार वापस चले गए। इसके बाद एक जनवरी 2014 की रात करीब डेढ़ बजे विनोद कुमार और उसके पिता फिर लड़की के घर पहुंचे। मीरा देवी ने जैसे ही दरवाजा खोला, दोषी ने अनीता को उसके साथ भेजने की बात कहकर गालीगलौज शुरू कर दी। साथ ही मीरा देवी के सिर पर किसी हथियार से हमला बोल दिया। जब अनीता अपनी माता को बचाने के लिए बीचबचाव करने लगीं तो दोषी ने उसके सिर पर भी हमला कर दिया। हमले से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इस बीच मीरा देवी ने अपने पड़ोसी जयप्रकाश को फोन पर जानकारी दी। जयप्रकाश ने 108 एंबुलेंस से दोनों को सिविल अस्पताल ददाहू पहुंचाया। यहां से दोनों की हालत गंभीर होने के बाद मेडिकल कॉलेज नाहन और यहां से पीजीआई रेफर कर दिया। इसके बाद रेणुका पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। रेणुका थाना के आईओ नसीम खान ने मामले की तफ्तीश शुरू की। तफ्तीश पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। मामले में 19 गवाह पेश हुए। ट्रायल के बाद मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी विनोद कुमार को यह सजा सुनाई। जिला न्यायवादी एमके शर्मा ने बताया कि दोषी को भादंसं की धारा 307 के तहत पांच साल कैद, 20 हजार जुर्माना, 326 के तहत तीन वर्ष कैद और दस हजार रुपये जुर्माना, 323 के तहत तीन महीने की कैद और 500 रुपये जुर्माना, 452 के तहत तीन वर्ष कैद और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इसके अलावा धारा 506 के तहत दोषी को एक वर्ष कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। उन्होंने बताया कि दोषी को 30 हजार रुपये की मुआवजा राशि पीड़ित सदस्यों को उपलब्ध करानी होगी।
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नाहन (सिरमौर)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर देविंद्र कुमार शर्मा की अदालत ने हत्या की कोशिश के मामले में दोषी पाए जाने पर विनोद कुमार पुत्र हरिचंद निवासी लुधियाना, संगड़ाह को पांच साल की कठोर सजा सुनाई। दोषी को 34,500 रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को छह मास का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले की पैरवी जिला न्यायवादी एमके शर्मा ने की।
उन्होंने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने भादंसं की धारा 307, 452, 456, 323 और 326 के तहत अलग-अलग सजाएं सुनाईं। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। उन्होंने बताया कि मामला दिसंबर 2013 का है। दोषी विनोद कुमार अपने पिता हरिचंद को साथ लेकर शादी करने के इरादे से सैनधार इलाके की कोटला मोलर पंचायत के दाउन गांव में अनीता पुत्री सोहन सिंह के घर गया था। इसी साल जून माह में अनीता के पिता सोहन सिंह का देहांत हुआ था। लेकिन, शादी की बात पर अनीता की माता मीरा देवी ने विनोद से कहा कि अभी उनके पति का देहांत हुए छह माह का वक्त भी नहीं गुजरा है। कम से कम एक साल बाद वह शादी के लिए बातचीत कर सकते हैं। हालांकि, यह सुनकर विनोद कुमार वापस चले गए। इसके बाद एक जनवरी 2014 की रात करीब डेढ़ बजे विनोद कुमार और उसके पिता फिर लड़की के घर पहुंचे। मीरा देवी ने जैसे ही दरवाजा खोला, दोषी ने अनीता को उसके साथ भेजने की बात कहकर गालीगलौज शुरू कर दी। साथ ही मीरा देवी के सिर पर किसी हथियार से हमला बोल दिया। जब अनीता अपनी माता को बचाने के लिए बीचबचाव करने लगीं तो दोषी ने उसके सिर पर भी हमला कर दिया। हमले से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इस बीच मीरा देवी ने अपने पड़ोसी जयप्रकाश को फोन पर जानकारी दी। जयप्रकाश ने 108 एंबुलेंस से दोनों को सिविल अस्पताल ददाहू पहुंचाया। यहां से दोनों की हालत गंभीर होने के बाद मेडिकल कॉलेज नाहन और यहां से पीजीआई रेफर कर दिया। इसके बाद रेणुका पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। रेणुका थाना के आईओ नसीम खान ने मामले की तफ्तीश शुरू की। तफ्तीश पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। मामले में 19 गवाह पेश हुए। ट्रायल के बाद मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी विनोद कुमार को यह सजा सुनाई। जिला न्यायवादी एमके शर्मा ने बताया कि दोषी को भादंसं की धारा 307 के तहत पांच साल कैद, 20 हजार जुर्माना, 326 के तहत तीन वर्ष कैद और दस हजार रुपये जुर्माना, 323 के तहत तीन महीने की कैद और 500 रुपये जुर्माना, 452 के तहत तीन वर्ष कैद और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इसके अलावा धारा 506 के तहत दोषी को एक वर्ष कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। उन्होंने बताया कि दोषी को 30 हजार रुपये की मुआवजा राशि पीड़ित सदस्यों को उपलब्ध करानी होगी।
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